Piyush Goyal US Investment: अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता

मैन्युफैक्चरिंग, AI, वित्तीय सेवाओं और ग्लोबल सोर्सिंग में अमेरिकी कंपनियों को भारत में निवेश का न्योता

0
Piyush Goyal US Investment: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापारिक व आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार वैश्विक मंचों पर सक्रिय कदम उठा रही है। इसी कड़ी में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूयॉर्क में दुनिया की शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ रणनीतिक गोलमेज बैठकें कीं। इन उच्चस्तरीय चर्चाओं में उन्होंने अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि का हिस्सा बनने और देश में मैन्युफैक्चरिंग, अनुसंधान व नवाचार केंद्रों का विस्तार करने के लिए आमंत्रित किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस संवाद का मुख्य केंद्र बिंदु अत्याधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वित्तीय सेवाएं, संपदा प्रबंधन, वैश्विक सोर्सिंग और स्थानीय उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ बनाना रहा।

Piyush Goyal US Investment: ब्लैकस्टोन और न्यूबर्गर बर्मन

निवेश आकर्षित करने की रणनीति के तहत पीयूष गोयल ने विश्व की अग्रणी निवेश फर्म ब्लैकस्टोन के प्रेसिडेंट व मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) जोनाथन ग्रे और इंटरनेशनल प्राइवेट इक्विटी के चेयरमैन प्रकाश मेलवानी के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस बैठक में भारत के बुनियादी ढांचे, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और डेटा केंद्रों में ब्लैकस्टोन के मौजूदा निवेश पोर्टफोलियो को और अधिक सशक्त करने पर सहमति बनी।
इसके साथ ही, वैश्विक निवेश प्रबंधन फर्म न्यूबर्गर बर्मन के चेयरमैन व सीईओ जॉर्ज वॉकर और उनकी कोर टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस दौरान भारत के उभरते वित्तीय बाजार, वेल्थ मैनेजमेंट पारिस्थितिकी तंत्र और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए देश में उपलब्ध दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

एस्टी लॉडर: भारत में लोकल मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल सोर्सिंग पर जोर

ग्लोबल कॉस्मेटिक्स दिग्गज एस्टी लॉडर कंपनीज के प्रेसिडेंट एवं सीईओ स्टीफन डे ला फेव्री के साथ वाणिज्य मंत्री की बैठक का मुख्य एजेंडा घरेलू विनिर्माण को गति देना रहा। भारत के तेजी से बढ़ते ब्यूटी, वेलनेस और पर्सनल केयर बाजार को रेखांकित करते हुए सरकार ने कंपनी को देश में अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए भारत से कच्चे माल की सोर्सिंग बढ़ाने पर जोर दिया।
सरकार की स्पष्ट नीति विदेशी कंपनियों को केवल भारत में उपभोक्ता आधार तलाशने तक सीमित न रखकर उन्हें देश के भीतर उत्पादन करने, रोजगार सृजित करने और स्थानीय एमएसएमई को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़ने के लिए प्रेरित करने की है।

आईबीएम के साथ वार्ता: एआई, क्लाउड और क्वांटम कंप्यूटिंग का भविष्य

प्रौद्योगिकी के मोर्चे पर पीयूष गोयल ने वैश्विक टेक दिग्गज आईबीएम के चेयरमैन व सीईओ अरविंद कृष्णा से मुलाकात कर भारत के डिजिटल इनोवेशन परिदृश्य पर चर्चा की। इस बैठक में भारत में आईबीएम के अनुसंधान और विकास (R&D) केंद्रों की भूमिका को बढ़ाने के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुरक्षित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर डिजाइन और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं को तलाशा गया।
भारत का बढ़ता तकनीकी प्रतिभा पूल और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक कंपनियों के लिए उन्नत तकनीक के विकास का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनने की क्षमता रखता है।

जनरल अटलांटिक और एआईए ग्रुप: बीमा व वित्तीय सेवाओं में रणनीतिक विस्तार

वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में पूंजी प्रवाह को बढ़ाने के लिए गोयल ने अग्रणी ग्रोथ इक्विटी फर्म जनरल अटलांटिक के चेयरमैन व सीईओ विलियम ई. फोर्ड के साथ रणनीतिक बैठक की। इस संवाद में भारतीय स्टार्टअप्स, फिनटेक और तकनीकी रूप से सक्षम उद्यमों में निवेश बढ़ाने के तौर-तरीकों पर चर्चा हुई।
इसके अतिरिक्त, एशिया-प्रशांत क्षेत्र के बड़े वित्तीय समूह एआईए (AIA) ग्रुप के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मार्क टकर के साथ मुलाकात में भारत के बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश, नियामक सुधारों और वित्तीय समावेशन के नए आयामों पर विमर्श किया गया। भारत में बीमा और वित्तीय सेवाओं का निरंतर हो रहा डिजिटलीकरण वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत कर रहा है।

Piyush Goyal US Investment: भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को गति देने का संस्थागत प्रयास

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, न्यूयॉर्क में आयोजित इन बैठकों ने भारत की स्थिर आर्थिक नीतियों, पारदर्शी नियामक माहौल और ‘मेक इन इंडिया’ की सफल यात्रा को वैश्विक निवेशकों के समक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया है। पारंपरिक पूंजी निवेश से आगे बढ़कर उन्नत तकनीकों, हरित ऊर्जा, वैश्विक सोर्सिंग और आधुनिक वित्तीय सेवाओं तक फैले इस संवाद का दीर्घकालिक लक्ष्य भारत-अमेरिका आर्थिक व रणनीतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ तथा आत्मनिर्भर बनाना है।

Read more here

Relationship Tips: बस ये 5 आदतें अपनाओ और बन जाओ सास की सबसे फेवरेट बहू, ये रहा रिश्तों में प्यार बढ़ाने का सीक्रेट फॉर्मूला

HPV वैक्सीन क्या है और क्यों जरूरी है, जानें कैसे यह सर्वाइकल कैंसर से बचाती है, सही उम्र, फायदे और किसे लगवानी चाहिए पूरी जानकारी

Doomscrolling Effect: सोशल मीडिया पर हर स्क्रॉल के साथ घट रही है आपकी खुशी, वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

NICL AO Recruitment 2026: नोटिफिकेशन जारी, 8 अक्टूबर से आवेदन, कुल 321 पद

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.