Box Office Collection: पेड्डी ने 2 दिनों में रचा धमाका, 150 करोड़ का आंकड़ा पार; वरुण धवन की ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की ओपनिंग मात्र 11 करोड़
राम चरण की पेड्डी ने 2 दिन में मचाई धूम, वरुण धवन की फिल्म की धीमी शुरुआत
Box Office Collection: जून 2026 का यह हफ्ता भारतीय बॉक्स ऑफिस और समूचे सिनेमाई कॉरिडोर्स के लिए बेहद दिलचस्प, ऐतिहासिक और दो अलग-अलग छोरों की गवाही देने वाला साबित हो रहा है। एक तरफ जहां दक्षिण भारतीय सिनेमा के ग्लोबल सुपरस्टार राम चरण की मच-अवेटीड पैन-इंडिया फिल्म ‘पेड्डी’ (Peddi) ने सिनेमाघरों में रिलीज होते ही केवल दो दिनों के भीतर वैश्विक स्तर पर 150 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर एक बहुत बड़ा बॉक्स ऑफिस धमाका कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ, बॉलीवुड के लोकप्रिय स्टार वरुण धवन की पारिवारिक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ पहले दिन दुनिया भर से मात्र 11 करोड़ रुपये की बेहद थकी हुई और औसत ओपनिंग के साथ दर्शकों का दिल जीतने और सिनेमाघरों में पैर जमाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रही है।
राम चरण और जाह्नवी कपूर की फ्रेश जुगलबंदी वाली फिल्म ‘पेड्डी’ ने अपने कड़क मास-मसाला एंटरटेनमेंट और शानदार गानों के दम पर दर्शकों को पूरी तरह आकर्षित किया है, जबकि डेविड धवन के निर्देशन में बनी वरुण धवन की फिल्म को समीक्षकों और दर्शकों की तरफ से बेहद ठंडे व मिले-जुले रिव्यूज हाथ लगे हैं। यह हफ्ता बॉक्स ऑफिस पर दो अलग-अलग मिजाज और विधा की फिल्मों के प्रदर्शन के बीच के कड़े फासले को प्रामाणिक रूप से प्रदर्शित कर रहा है। ‘पेड्डी’ की यह आक्रामक सफलता जहां साउथ सिनेमा की अखिल भारतीय अपील को एक बार फिर से दोहराती है, वहीं वरुण धवन की फिल्म बॉलीवुड के पारंपरिक और घिसे-पिटे कॉमेडी फॉर्मूले पर पूरी तरह खरी नहीं उतर सकी। आइए देश के प्रमुख मीडिया और बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग पोर्टल्स की प्रामाणिक समाचार शैली के अनुसार जानते हैं दोनों फिल्मों के दो दिनों के कलेक्शन का पूरा फॉरेंसिक और सांख्यिकीय विश्लेषण।
पेड्डी का बॉक्स ऑफिस पर महा-धमाका, 2 दिनों में 150 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन पार
मशहूर निर्देशक बुच्ची बाबू सना के निर्देशन और राम चरण-जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘पेड्डी’ ने रिलीज के दूसरे दिन (शनिवार) भारतीय बाजार में 26.90 करोड़ रुपये का कड़क नेट कलेक्शन दर्ज किया है। Sacnilk और अन्य प्रतिष्ठित बॉक्स ऑफिस ट्रैकिंग वेबसाइट्स के लाइव आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने अपने पहले दिन (शुक्रवार) को भारत में 51 करोड़ रुपये का बंपर और ऐतिहासिक शुद्ध संग्रह (Net Collection) किया था, जिसके बाद दूसरे दिन कार्यदिवसों के सामान्य चक्र के चलते इसके कलेक्शन में 47.3 प्रतिशत की आंशिक गिरावट जरूर देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर फिल्म ने वीकेंड की शुरुआत से पहले ही एक बेहद मजबूत और अभेद्य बढ़त हासिल कर ली है।
इस प्रकार, भारत में केवल दो दिनों का कुल शुद्ध कलेक्शन 96.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि यदि हम इसके सकल भारतीय संग्रह (Gross Collection) की बात करें तो यह आंकड़ा 114.49 करोड़ रुपये हो चुका है। ओवरसीज यानी विदेशी बाजारों में भी राम चरण की वैश्विक लोकप्रियता (आरआरआर के बाद) का कड़ा जादू सिर चढ़कर बोल रहा है, जहाँ फिल्म ने दूसरे दिन लगभग 8 करोड़ रुपये कमाए और इसका कुल विदेशी सकल संग्रह 36 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। इन सभी कड़ियों को जोड़कर देखा जाए तो मात्र 48 घंटों के भीतर ‘पेड्डी’ का समूचा वर्ल्डवाइड कलेक्शन 150.49 करोड़ रुपये के एक बेहद खौफनाक और रिकॉर्ड-तोड़ स्तर को पार कर चुका है। फिल्म में जाह्नवी कपूर का विलेज-गर्ल वाला दमदार रोल और राम चरण की रोंगटे खड़े कर देने वाली एक्शन से भरपूर परफॉर्मेंस दर्शकों को बार-बार सिनेमाघरों की ओर खींच रही है।
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की बेहद औसत और थकी हुई ओपनिंग, 11 करोड़ पर सिमटा वर्ल्डवाइड डे-1
दूसरी ओर, बॉलीवुड के गलियारों से वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के अभिनय से सजी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ को लेकर एक बेहद चिंताजनक और ठंडी खबर सामने आई है। इस फिल्म ने अपने पहले दिन (शुक्रवार) को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए महज 7.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है। विदेशी बाजारों से मिले 2 करोड़ रुपये के ओवरसीज ग्रॉस और देश के अन्य हिस्सों को मिलाकर फिल्म की कुल वर्ल्डवाइड ओपनिंग मात्र 11 करोड़ रुपये के एक बेहद सामान्य स्तर पर सिमट कर रह गई है।
वरुण धवन के पिता और ९० के दशक के दिग्गज डायरेक्टर डेविड धवन के निर्देशन में बनी यह फिल्म पूरी तरह से पुरानी तर्ज की हल्की-फुल्की लव स्टोरी, कन्फ्यूजन ड्रामा और कॉमिक टाइमिंग पर आधारित है, लेकिन आज का आधुनिक और कस्टमाइज्ड सिनेमा देखने वाला दर्शक इस लाउड कॉमेडी के ताने-बाने से खुद को पूरी तरह जोड़ नहीं सका। हालांकि, फिल्म के भीतर वरुण धवन की ऊर्जावान एक्टिंग और मृणाल-पूजा के ग्लैमर की तारीफ जरूर की जा रही है, लेकिन कमजोर पटकथा (Screenplay) और बेहद घिसे-पिटे डायलॉग्स के कारण फिल्म क्रिटिक्स ने इसकी कड़ी आलोचना की है। फिल्म को मिले इन नकारात्मक रिव्यूज के कारण अब इसके सामने शनिवार और रविवार के इस मुख्य वीकेंड में अपने कलेक्शन को सम्मानजनक स्तर पर ले जाने की एक बहुत बड़ी और कड़क चुनौती खड़ी हो गई है।
बॉक्स ऑफिस पर साउथ बनाम नॉर्थ की कड़क जंग: पेड्डी की रणनीतिक बढ़त के मायने
‘पेड्डी’ की यह ऐतिहासिक और बंपर सफलता साफ तौर पर यह दर्शाती है कि भारतीय सिनेमा के मौजूदा दौर में बड़ी और कंटेंट-ओरिएंटेड पैन-इंडिया फिल्में ही बॉक्स ऑफिस के सिंहासन पर राज करने का माद्दा रखती हैं। राम चरण की गजब की स्टार पावर, बेहतरीन विजुअल्स और फिल्म की जड़ से जुड़ी हुई मजबूत स्क्रिप्ट ने उत्तर से लेकर दक्षिण तक के समूचे फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स के चेहरों पर एक बड़ी मुस्कान ला दी है। इसके विपरीत, वरुण धवन की ‘है जवानी तो इश्क होना है’ मुख्य रूप से केवल उत्तर भारत के कुछ चुनिंदा मल्टीप्लेक्सों और शहरी दर्शकों पर ही पूरी तरह निर्भर रही, लेकिन वह देश के सिंगल स्क्रीन्स और मास सेंटर्स के भीतर अपनी कोई व्यापक अपील या कस्टमाइज्ड हाइप बनाने में पूरी तरह नाकाम सिद्ध हुई।
यदि हम बॉलीवुड और हिंदी सिनेमा के हालिया बॉक्स ऑफिस ट्रेंड्स का एक बारीक फॉरेंसिक विश्लेषण करें, तो यह साफ हो जाता है कि अब बड़े बजट और नामी सितारों की फौज वाली फिल्में भी सिनेमाघरों में तभी टिक पाती हैं जब उनकी कहानी के भीतर एक वास्तविक दम, नवीनता और भावनाओं का सही संतुलन हो। ‘पेड्डी’ के मेकर्स ने इस कड़े फॉर्मूले को पूरी सत्यनिष्ठा के साथ धरातल पर उतारा है, जहां बेहतरीन गानों (देवी श्री प्रसाद के कड़क संगीत) और एक्शन सीक्वेंस का एक बहुत ही सुंदर और संतुलित तालमेल बड़े परदे पर देखने को मिलता है; जो वरुण धवन की फिल्म में स्क्रिप्ट की कमजोरी के कारण पूरी तरह से मिसिंग नजर आया।
निष्कर्ष: डिजिटल और थियेट्रिकल युग में अब कंटेंट ही असली राजा है
समग्र रूप से देखा जाए तो दो दिनों के भीतर आया बॉक्स ऑफिस का यह कड़ा सांख्यिकीय परिणाम इस बात का सबसे बड़ा और प्रामाणिक प्रमाण है कि आधुनिक सिनेमाई युग में अब केवल ‘कंटेंट ही असली राजा’ (Content is King) है। राम चरण की ‘पेड्डी’ की यह आक्रामक और धमाकेदार सफलता जहां उनके पैन-इंडिया स्टारडम को एक बिल्कुल नए और वैश्विक स्तर पर ले जाने का काम करेगी और अभिनेत्री जाह्नवी कपूर के करियर के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगी, वहीं वरुण धवन को अपने आगामी प्रोजेक्ट्स के लिए स्क्रिप्ट के चयन और कॉमेडी के तौर-तरीकों में एक बहुत बड़ा और कस्टमाइज्ड बदलाव करने का एक कड़ा सबक भी देती है।
आज का सिनेमाई दर्शक अब ओटीटी (OTT) प्लेटफॉर्म्स की आसान पहुंच के कारण दुनिया भर के बेहतरीन सिनेमा से पूरी तरह रूबरू है, इसलिए वह थिएटर का टिकट तभी खरीदता है जब उसे बड़े परदे पर कुछ बिल्कुल अनूठा, भव्य और दिल को छू लेने वाला एंटरटेनमेंट देखने को मिले। ‘पेड्डी’ ने निश्चित रूप से बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और मास सिनेमा के स्तर पर एक नया राष्ट्रीय बेंचमार्क स्थापित कर दिया है, जो आने वाले समय में बॉलीवुड और साउथ दोनों ही इंडस्ट्री के फिल्ममेकर्स के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा और केस स्टडी का काम करेगा। आने वाले दिनों में देखना होगा कि वरुण की फिल्म वीकेंड पर क्या कोई चमत्कार दिखा पाती है या फिर ‘पेड्डी’ की यह आंधी बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर देती है।
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