पवन कल्याण की ‘उस्ताद भगत सिंह’ ने रिलीज के साथ मचाया धमाल, धुरंधर 2 के साथ क्लैश के बावजूद दर्शकों ने बताया ब्लॉकबस्टर, सोशल मीडिया पर जबरदस्त रिएक्शन
धुरंधर 2 के साथ क्लैश के बावजूद पवन कल्याण की फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स
Ustaad Bhagat Singh review: जब दो बड़ी फिल्में एक ही दिन पर्दे पर आती हैं तो मुकाबला सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर नहीं, दर्शकों के दिलों में भी होता है। धुरंधर द रिवेंज का शोर पूरे देश में गूंज रहा था, लेकिन उसी शोर में एक और फिल्म ने दस्तक दी और पहले शो से ही लोगों को सीट से उठाकर तालियां बजवा दी। वह फिल्म है उस्ताद भगत सिंह।
19 मार्च 2026 को पवन कल्याण की यह फिल्म देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई। मेकर्स ने धुरंधर 2 के साथ क्लैश से कोई डर नहीं दिखाया और यह साहस अब रंग लाता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर दर्शकों की पहली प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं जो फिल्म की तस्वीर साफ करती हैं।
Ustaad Bhagat Singh review: उस्ताद भगत सिंह कौन बना रहे हैं और यह फिल्म क्यों है खास
उस्ताद भगत सिंह का निर्देशन हरीश शंकर ने किया है जो तेलुगु सिनेमा के सबसे भरोसेमंद मास फिल्ममेकर्स में से एक माने जाते हैं। इससे पहले उन्होंने पवन कल्याण के साथ गब्बर सिंह जैसी सुपरहिट फिल्म दी थी और उनकी जोड़ी दर्शकों को पसंद है।
पवन कल्याण तेलुगु सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं और इस समय आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री भी हैं। उनकी हर फिल्म पर करोड़ों फैंस की निगाहें रहती हैं। उस्ताद भगत सिंह उनकी एक्टिंग में वापसी को लेकर बड़ी उत्सुकता थी।
Ustaad Bhagat Singh review: दर्शकों की पहली प्रतिक्रिया में फिल्म को क्या मिला
पहले शो से निकले दर्शकों ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा करना शुरू कर दिया है। एक दर्शक ने लिखा कि वे कम उम्मीदों के साथ गए थे लेकिन फिल्म देखकर बाहर आए तो रोंगटे खड़े हो गए। उन्होंने इसे एक जबरदस्त मास ब्लास्ट बताया और पवन कल्याण की परफॉर्मेंस को सिर्फ एक्टिंग नहीं बल्कि एक अलग ही आभा का अनुभव कहा।
एक अन्य दर्शक ने टिप्पणी की कि फिल्म को स्पष्ट रूप से एक ही उद्देश्य से बनाया गया है और वह है हीरो की छवि को सर्वोच्च स्थान पर रखना। उनके अनुसार पवन कल्याण इस फिल्म में अपनी पुरानी खास अदाओं को लेकर वापस आए हैं और कई जोरदार डायलॉग्स फैंस को खुश करेंगे।
Ustaad Bhagat Singh review: फिल्म में कहां आती है कमजोरी और क्या कहते हैं आलोचक
हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। एक समीक्षक ने बताया कि फिल्म के शुरुआती 20 मिनट बेहद शानदार और दिलचस्प हैं लेकिन इसके बाद पहला हाफ कुछ सुस्त पड़ जाता है। उनके अनुसार लंबे समय तक पर्दे पर पवन कल्याण का न होना खलता है।
उसी समीक्षक ने यह भी कहा कि निर्देशक हरीश शंकर इस बार पावर स्टार का उतना सटीक इस्तेमाल नहीं कर पाए जितना उनकी पिछली फिल्मों में हुआ था। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरा हाफ पहले हाफ की कमियों की भरपाई कर देगा।
Ustaad Bhagat Singh review: हरीश शंकर का निर्देशन और पवन कल्याण की केमिस्ट्री कैसी है
फिल्म समीक्षकों की राय में हरीश शंकर ने इस फिल्म में पवन कल्याण की मास इमेज को केंद्र में रखकर सारी कहानी बुनी है। फिल्म में पवन कल्याण की एंट्री सीन को विशेष रूप से तैयार किया गया है और यही पल सबसे अधिक तारीफ पा रहा है।
फिल्म में वन लाइनर डायलॉग्स की भरमार है जो मास दर्शकों को थिएटर में खड़े होकर सीटी बजाने पर मजबूर करते हैं। तेलुगु सिनेमा के जानकारों के अनुसार यह फिल्म पवन कल्याण के उस कोर दर्शक वर्ग के लिए बनाई गई है जो उन्हें सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक आइकन की तरह देखते हैं।
Ustaad Bhagat Singh review: धुरंधर 2 के साथ क्लैश में उस्ताद भगत सिंह की क्या है स्थिति
धुरंधर द रिवेंज ने रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त बज बना लिया था। ऐसे में उस्ताद भगत सिंह का उसी दिन रिलीज होना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन पहले दिन की प्रतिक्रियाएं देखकर यह साफ होता है कि पवन कल्याण की फिल्म भी अपनी अलग जगह बनाने में कामयाब रही है।
फिल्म व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार तेलुगु दर्शकों का एक बड़ा वर्ग था जो केवल पवन कल्याण को देखने के लिए थिएटर में आया। यह वर्ग धुरंधर 2 की परवाह किए बिना उस्ताद भगत सिंह के पहले शो में पहुंचा और सकारात्मक प्रतिक्रिया लेकर निकला।
निष्कर्ष
उस्ताद भगत सिंह ने अपनी रिलीज के पहले दिन यह साबित कर दिया है कि पवन कल्याण का जादू अभी भी बरकरार है। धुरंधर 2 जैसी बड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच फिल्म ने अपनी अलग पहचान बनाई है। हरीश शंकर और पवन कल्याण की जोड़ी ने एक बार फिर मास दर्शकों को वह मनोरंजन दिया है जो वे चाहते थे। अब देखना यह होगा कि दूसरे और तीसरे दिन फिल्म अपनी रफ्तार बनाए रखती है या नहीं।
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