Patna NEET Case: शम्भु छात्रावास कांड मामले में छह संदिग्धों के लिए गए डीएनए सैंपल, जांच में तेजी

FSL रिपोर्ट में अंडरगारमेंट्स में पुरुष शुक्राणु मिले, SIT ने 6 संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए; जांच तेज, छात्रावास सील

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Patna NEET Case: पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की रहस्यमय मौत के मामले में अब जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। विशेष जांच दल यानी SIT ने इस संवेदनशील मामले में छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए हैं। यह कार्रवाई जज और मेडिकल टीम की उपस्थिति में की गई। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन संदिग्धों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मामले में हुई फॉरेंसिक जांच के बाद अहम सुराग मिले हैं जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Patna NEET Case
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इस मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी यानी FSL ने अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि की गई कि मृतक छात्रा के अंडरगारमेंट्स में पुरुष के शुक्राणु पाए गए थे। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद जांच एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई तेज कर दी। इस खुलासे ने मामले को एक नया आयाम दे दिया है और अब जांच अधिक गंभीरता से की जा रही है।

Patna NEET Case: अस्पताल में संदिग्धों के सैंपल लिए गए

जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि छह संदिग्धों को अस्पताल लाया गया और उनके डीएनए सैंपल एकत्रित किए गए। यह पूरी प्रक्रिया कानूनी तरीके से की गई। एक जज और मेडिकल टीम की मौजूदगी में यह कार्रवाई पूरी की गई ताकि कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन हो सके। पुलिस के मुताबिक इन सैंपल्स की अब विस्तृत जांच की जा रही है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद मामले में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

दोषियों तक पहुंचने की कोशिश

जांच एजेंसियां इस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट्स आने के बाद असली दोषियों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। फॉरेंसिक रिपोर्ट में मिले सबूतों के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार की गई थी। अब इन संदिग्धों के डीएनए की तुलना फॉरेंसिक सबूतों से की जाएगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना में कौन शामिल था।

क्या था पूरा मामला

यह घटना इस महीने की शुरुआत में सामने आई थी। जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय छात्रा पटना में NEET की तैयारी कर रही थी। वह चित्रगुप्त नगर स्थित एक छात्रावास में रह रही थी। जनवरी की शुरुआत में उसे अपने कमरे में बेहोश हालत में पाया गया था। उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन उसकी हालत बेहद गंभीर थी। कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

Patna NEET Case: परिजनों के गंभीर आरोप

मृतक छात्रा के परिजनों ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न की बात कही है। इसके अलावा परिजनों ने पुलिस पर भी मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया। इन गंभीर आरोपों के बाद मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया गया।

छात्रावास को किया गया सील

जांच के दौरान SIT ने छात्रावास परिसर का गहन निरीक्षण किया। साक्ष्य एकत्र करने और आगे की जांच के लिए पूरे छात्रावास परिसर को सील कर दिया गया है। जांच दल ने छात्रावास के हर कोने की जांच की है। वहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं जो जांच में मददगार साबित हो सकते हैं।

परिजनों से की मुलाकात

विशेष जांच दल ने जहानाबाद जाकर मृतक छात्रा के परिजनों से विस्तृत बातचीत की। परिवार के सदस्यों से छात्रा के बारे में, उसकी दिनचर्या के बारे में और घटना से पहले की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली गई। परिजनों ने जांच दल को कई अहम जानकारियां दी हैं जो मामले को सुलझाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

Patna NEET Case: राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन

इस घटना के बाद बिहार की राजधानी पटना में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। छात्र संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों को सख्त सजा देने की मांग की। इस दबाव के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छात्रावास के मालिक को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि जांच अभी भी जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई थीं। रिपोर्ट के अनुसार छात्रा की मौत बड़ी संख्या में नींद की गोलियां खाने से हुई थी। शरीर में नींद की गोलियों की अत्यधिक मात्रा पाई गई थी। लेकिन यह सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि उसने इतनी बड़ी मात्रा में गोलियां कैसे और क्यों खाईं। क्या यह उसकी अपनी इच्छा थी या उसे जबरदस्ती खिलाई गईं। इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने छात्रावासों में लड़कियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रावास में रह रही अन्य छात्राओं ने भी सुरक्षा की कमी की शिकायत की है। इस मामले ने यह जाहिर कर दिया है कि निजी छात्रावासों में सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। अधिकारियों ने अब अन्य छात्रावासों की भी जांच शुरू कर दी है।

Patna NEET Case: आगे की कार्रवाई

अब सभी की नजरें डीएनए रिपोर्ट के नतीजों पर टिकी हैं। फॉरेंसिक जांच के परिणाम आने के बाद मामला और स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस का कहना है कि वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं ताकि दोषियों को सजा मिल सके। परिजनों और समाज को जल्द न्याय मिलना चाहिए। यह मामला न केवल एक परिवार का है बल्कि यह समाज में लड़कियों की सुरक्षा के बड़े सवाल से जुड़ा है।

निष्कर्ष: पटना छात्रावास कांड में जांच अब अहम मोड़ पर है। छह संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए जाने के बाद जल्द ही सच सामने आने की उम्मीद है। यह मामला छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही दोनों पर सवाल उठाता है। आने वाले दिनों में डीएनए रिपोर्ट्स से मामले की असलियत सामने आएगी।

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