Onion Price Drop: प्याज के दाम में ₹9 प्रति किलो की गिरावट, मंडियों में नई फसल की आवक फिर भी आम ग्राहक को राहत नहीं
Onion Price Drop: प्याज के दाम में ₹9 प्रति किलो की गिरावट, मंडियों में नई फसल की आवक फिर भी आम ग्राहक को राहत नहीं
Onion Price Drop: त्योहारों के मौसम से पहले प्याज की कीमतों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। महाराष्ट्र के नासिक जिले की प्रमुख लासलगांव मंडी में प्याज के थोक भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। अच्छी क्वालिटी वाले प्याज की कीमत ₹55 प्रति किलो से घटकर ₹46 प्रति किलो पर आ गई है। यानी करीब ₹9 प्रति किलो की कमी आई है। मंडी के जानकारों और कृषि उपज बाजार समिति के अधिकारियों के अनुसार नई खरीफ फसल की आवक और आयात के कारण यह गिरावट देखने को मिली है।
हालांकि थोक बाजार में दाम गिरने के बावजूद खुदरा बाजारों में आम ग्राहकों को अभी तक राहत नहीं मिल पाई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में प्याज का रिटेल प्राइस अभी भी औसतन ₹65 प्रति किलो बना हुआ है। आइए विस्तार से समझते हैं कि मंडियों में गिरावट क्यों आई और खुदरा स्तर पर असर क्यों नहीं दिख रहा।
Onion Price Drop: लासलगांव मंडी में प्याज के दाम क्यों गिरे?
लासलगांव मंडी में पिछले करीब एक महीने से प्याज के भाव ऊंचे बने हुए थे। अब कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से खरीफ सीजन वाली नई प्याज की आवक शुरू हो गई है। कृषि उपज बाजार समिति यानी एपीएमसी के अधिकारियों का कहना है कि इन दोनों राज्यों से नई फसल बाजार में आने से खरीदारों के पास विकल्प बढ़ गए हैं। नतीजतन नासिक के प्याज की मांग में कमी आई और कीमतों पर दबाव बना।
मंडी के निदेशक प्रवीण कदम ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से बढ़ी हुई आवक मौजूदा गिरावट की मुख्य वजह है। नई फसल की सप्लाई बढ़ने से थोक व्यापारियों को ज्यादा विकल्प मिल गए हैं, जिससे नासिक वाले प्याज की कीमतें नीचे आई हैं।
मिस्र से प्याज आयात का क्या असर पड़ा?
घरेलू सप्लाई बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार को मिस्र से भी प्याज आयात करना पड़ा है। आयातित प्याज के बाजार में आने से उपलब्धता और बढ़ी है। एपीएमसी अधिकारियों के अनुसार मिस्र से आने वाले प्याज ने घरेलू मंडियों में थोक दामों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। इससे लासलगांव सहित अन्य मंडियों में भाव नरम पड़े हैं।
आयात और नई फसल दोनों के मिलने से बाजार में प्याज की उपलब्धता सुधरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अगर आवक इसी तरह बनी रही तो थोक भाव और स्थिर रह सकते हैं। हालांकि त्योहारी मांग बढ़ने पर स्थिति बदल भी सकती है।
खुदरा बाजार में प्याज का भाव अभी कितना है?
थोक मंडियों में ₹9 प्रति किलो की गिरावट के बावजूद खुदरा बाजारों में आम उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है। प्रमुख शहरों में प्याज का रिटेल प्राइस अभी भी ₹65 प्रति किलो के आसपास बना हुआ है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में औसत खुदरा भाव ऊंचा बना हुआ है। थोक और खुदरा के बीच का अंतर कई कारणों से बना रहता है जिसमें परिवहन लागत, बिचौलियों का मार्जिन और स्थानीय मांग शामिल हैं।
नवरात्र से पहले सरकार ने कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों के लिए कांदा एक्सप्रेस के जरिए रियायती दरों वाला प्याज भेजा है। यह रियायती प्याज नाफेड और एनसीसीएफ जैसी एजेंसियों के माध्यम से मोबाइल वैन और आउटलेट्स पर बेचा जा रहा है। इससे कुछ इलाकों में सीमित राहत मिलने की उम्मीद है।
Onion Price Drop: नई खरीफ फसल की आवक से बाजार पर क्या असर पड़ेगा?
कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से नई खरीफ प्याज की आवक जारी रहने से मंडियों में सप्लाई और बेहतर होने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मौसम अनुकूल रहा और आवक लगातार बनी रही तो थोक भाव और गिर सकते हैं या स्थिर रह सकते हैं। इससे आगे चलकर खुदरा बाजारों में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हालांकि त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने से कीमतों में फिर उछाल आ सकता है। सरकार आयात और सब्सिडी वाले वितरण के जरिए बाजार को संतुलित रखने की कोशिश कर रही है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मंडियों और सरकारी आउटलेट्स पर भाव की तुलना करके खरीदारी करें।
Onion Price Drop: आम ग्राहकों को राहत कब मिल सकती है?
फिलहाल थोक स्तर पर गिरावट साफ दिख रही है लेकिन खुदरा स्तर पर इसका असर धीरे-धीरे दिखाई देगा। परिवहन, स्टोरेज और वितरण श्रृंखला में समय लगता है। सरकार द्वारा रियायती प्याज का वितरण कुछ शहरों में शुरू हो चुका है जिससे सीमित राहत मिल सकती है। अगर नई फसल की आवक तेज रहती है और आयात जारी रहता है तो अगले कुछ हफ्तों में खुदरा भाव में नरमी आ सकती है।
त्योहारी सीजन को देखते हुए बाजार की निगरानी जरूरी है। उपभोक्ताओं को सलाह है कि वे जरूरत के अनुसार ही खरीदारी करें और अफवाहों से बचें। मंडी भाव नियमित रूप से चेक करते रहें।
कुल मिलाकर लासलगांव मंडी में प्याज के दाम में ₹9 प्रति किलो की गिरावट अच्छी खबर है। नई खरीफ फसल और मिस्र आयात ने थोक बाजार को राहत दी है। लेकिन आम ग्राहक को अभी इंतजार करना पड़ रहा है क्योंकि खुदरा भाव अभी ऊंचे बने हुए हैं। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति और सरकारी कदम ही तय करेंगे कि कितनी जल्दी राहत पहुंचती है।
Read More Here:-