‘लगान’ के 25 साल पूरे होने पर आमिर खान ने खोला बड़ा राज, भुवन के लुक को लेकर आशुतोष गोवारिकर से हुआ था मतभेद, सूखे गांव में शेविंग वाले सवाल ने चौंकाया, सामने आई फिल्म की अनसुनी कहानी
आमिर-आशुतोष में भुवन के लुक पर बहस, 25 साल बाद सामने आया दिलचस्प किस्सा
Lagaan 25 years: क्या आपने कभी सोचा था कि जिस ‘भुवन’ को आपने बड़े पर्दे पर देखा, उसका लुक कुछ और भी हो सकता था? यह सवाल खुद आमिर खान ने उठाया और साथ में एक ऐसा मजेदार तर्क भी दिया जिसने पूरे हॉल को हंसा दिया।
Lagaan 25 years: रेड लॉरी फेस्टिवल में हुआ 25 साल का जश्न
मुंबई में आयोजित रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल में ‘लगान’ की रजत जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस विशेष कार्यक्रम में आमिर खान और निर्देशक आशुतोष गोवारिकर एक साथ मंच पर नजर आए। दोनों ने दर्शकों के साथ फिल्म निर्माण के वो अनुभव साझा किए जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए थे। यह पल फिल्म प्रेमियों के लिए किसी तीर्थ से कम नहीं था।
भुवन का लुक: दो नजरिए, एक फैसला
आमिर खान ने खुलासा किया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उनका और आशुतोष गोवारिकर का ‘भुवन’ के लुक को लेकर स्पष्ट मतभेद था। आमिर का तर्क था कि फिल्म में गांव पर भयंकर सूखे का समय दिखाया गया था। ऐसे कठिन हालात में एक किसान के चेहरे पर दाढ़ी और मूंछ होना स्वाभाविक और यथार्थवादी लगता। उनके अनुसार यह किरदार की सच्चाई के ज्यादा करीब होता।
Lagaan 25 years: आशुतोष गोवारिकर का तर्क क्यों था सही
निर्देशक आशुतोष गोवारिकर की सोच बिल्कुल अलग थी। वे चाहते थे कि भुवन क्लीन शेव हो और उसकी हेयरस्टाइल भी अनोखी हो ताकि वह बाकी कलाकारों से अलग दिखे। निर्देशक ने अपने फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि फिल्म में अधिकतर कलाकार नए थे और आमिर खान लीड रोल में थे। ऐसे में जरूरी था कि दर्शक पहली नजर में ही भुवन को पहचान सकें। एक अलग और विशिष्ट लुक देने से भुवन का किरदार फ्रेम में तुरंत उभरकर आता था।
Lagaan 25 years: आमिर खान का मजेदार सवाल जो सोचने पर मजबूर करे
आमिर खान ने हंसते हुए एक ऐसा सवाल उठाया जिसने पूरे सभागार में खुशी की लहर दौड़ा दी। उन्होंने कहा कि जब फिल्म में गांव में पानी की इतनी भारी कमी दिखाई गई थी, तो भुवन रोज शेव करने के लिए पानी कहां से लाता था? आमिर ने इसे एक लॉजिकल सवाल बताया और कहा कि उस समय शूटिंग के दौरान किसी का ध्यान इस पहलू पर नहीं गया। 25 साल बाद यह सवाल सुनकर दर्शक भी खुद को हंसने से नहीं रोक पाए।
Lagaan 25 years: लगान की पृष्ठभूमि और ऐतिहासिक महत्व
‘लगान’ 2001 में रिलीज हुई थी और उस दौर में स्पोर्ट्स थीम पर बनी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नाकाम रह चुकी थीं। ऐसे माहौल में इस फिल्म को बनाना खुद एक बड़ा जोखिम था। फिल्म ने न केवल व्यावसायिक सफलता पाई बल्कि 2002 में ऑस्कर अवॉर्ड्स की सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म की श्रेणी में नामांकन भी पाया। यह नामांकन भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था जिसने ‘लगान’ को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई।
Lagaan 25 years: फिल्म निर्माण में रचनात्मक मतभेद क्यों जरूरी हैं
फिल्म समीक्षकों और सिनेमा विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़ी फिल्म में कलाकार और निर्देशक के बीच रचनात्मक संवाद होना एक स्वस्थ प्रक्रिया है। यह मतभेद फिल्म को कमजोर नहीं करता बल्कि उसे और परिष्कृत बनाता है। ‘लगान’ का यह उदाहरण बताता है कि जब दो प्रतिभाशाली दिमाग किसी एक लक्ष्य के लिए साथ काम करते हैं तो अंतिम परिणाम कालजयी होता है। आमिर और आशुतोष की यह जोड़ी भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक मिसाल बन चुकी है।
निष्कर्ष
‘लगान’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा की एक धरोहर है। 25 साल बाद भी इस फिल्म की बातें उतनी ही ताजा और दिलचस्प लगती हैं जितनी पहले दिन थीं। आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर के बीच भुवन के लुक को लेकर हुई बहस यह साबित करती है कि महान फिल्में आपसी संवाद और रचनात्मक टकराव से ही बनती हैं। और जहां तक पानी वाले सवाल का जवाब है, शायद वो राज भुवन के साथ ही उस गांव में दफन रह गया।
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