नेपाल में नई पार्टी ने मचाया तहलका! बालेन शाह की RSP के आगे पुरानी पार्टियां चारों खाने चित, केपी शर्मा ओली को भी बालेन शाह दे रहे कड़ी टक्कर
RSP ने शुरुआती नतीजों में 44 सीटों पर बढ़त, काठमांडू की 10 सीटों पर दबदबा, बालेन शाह ने ओली को पीछे छोड़ा
Nepal election: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की बयार बह रही है। गुरुवार को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव के शुरुआती नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया है। मात्र तीन साल पहले बनी नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। नेपाली कांग्रेस और CPN-UML जैसी दशकों पुरानी और स्थापित पार्टियां RSP के सामने बुरी तरह पिछड़ती नजर आ रही हैं।
Nepal election: क्या कह रहे हैं शुरुआती नतीजे
मतगणना शुरू होते ही RSP ने जो रफ्तार पकड़ी उसने सबको हैरान कर दिया। अभी तक के रुझानों में RSP ने एक सीट पर जीत दर्ज कर ली है और 44 सीटों पर उसके उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। दूसरी तरफ नेपाली कांग्रेस केवल 4 सीटों पर, CPN-UML 5 सीटों पर और नेपाली कम्युस्टि पार्टी 1 सीट पर बढ़त बनाए हुए है। नेपाल में कुल 165 सीटों पर यह चुनाव हुआ है। इस बार करीब 60 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया जो यह दर्शाता है कि लोगों में इस बार चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह था।
Nepal election: काठमांडू में RSP का दबदबा
RSP की सबसे बड़ी ताकत राजधानी काठमांडू में देखने को मिल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। यह एक बेहद बड़ी उपलब्धि है क्योंकि राजधानी में नेपाली कांग्रेस और CPN-UML का पुराना और मजबूत वोट बैंक रहा है। काठमांडू-1 सीट से RSP की उम्मीदवार रंजू दर्शना की शानदार जीत की खबर आई है। रंजू दर्शना ने 10,000 से भी अधिक वोट हासिल किए जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार प्रबल थापा क्षेत्री से लगभग दोगुना है।
Nepal election: ओली को भी बालेन शाह दे रहे टक्कर
इस चुनाव का सबसे रोमांचक मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है। यहां RSP के प्रमुख और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह उर्फ बालेन ने नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और CPN-UML के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली को पीछे धकेल दिया है। ओली नेपाल की राजनीति के सबसे अनुभवी और ताकतवर नेताओं में से एक हैं। उनके खिलाफ बढ़त बनाना RSP के लिए एक बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है। बालेन शाह को RSP की तरफ से प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा माना जा रहा है।
Nepal election: जेन Z आंदोलन की देन है यह चुनाव
यह समझना जरूरी है कि नेपाल में यह चुनाव आखिर हुआ क्यों। दरअसल पिछले साल नेपाल में जेन Z यानी युवा पीढ़ी ने एक बड़ा और व्यापक आंदोलन छेड़ा था। इस आंदोलन की बुनियाद में था भ्रष्टाचार के खिलाफ गहरा आक्रोश। युवाओं ने बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। यह विरोध इतना व्यापक और शक्तिशाली था कि इसके दबाव में केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को अपना पद छोड़ना पड़ा। अब उसी आंदोलन की राजनीतिक परिणति इन नतीजों में दिख रही है।
Nepal election: 2022 में बनी RSP की यात्रा
RSP यानी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की स्थापना 2022 में हुई थी। यह पार्टी पारंपारिक राजनीतिक ढांचे से एकदम अलग विचारधारा लेकर सामने आई। इसने भ्रष्टाचार मुक्त शासन, युवाओं के लिए रोजगार और पारदर्शी प्रशासन को अपना मुख्य एजेंडा बनाया। काठमांडू के पूर्व मेयर के रूप में बालेन शाह ने शहर के विकास में जो काम किया था उसने उन्हें लोगों का चहेता नेता बना दिया था। उनकी छवि एक ईमानदार और काम करने वाले नेता की है जो युवाओं को खासतौर पर आकर्षित करती है। इसी छवि के दम पर RSP ने चुनाव प्रचार के दौरान जबरदस्त जनसमर्थन हासिल किया।
Nepal election: चुनाव का गणित और आगे की राह
नेपाल की प्रतिनिधि सभा में कुल 275 सीटें हैं। इनमें से 165 सीटें सीधे यानी फर्स्ट पास्ट द पोस्ट प्रणाली से चुनी जाती हैं जबकि बाकी 110 सीटें अनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर बांटी जाती हैं। चुनाव आयोग के अनुसार वोटों की गिनती गुरुवार की देर रात शुरू हुई और शुक्रवार रात तक पूरे नतीजे आने की उम्मीद है। नेपाली कांग्रेस की तरफ से गगन थापा और CPN-UML की ओर से केपी शर्मा ओली प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। लेकिन अगर RSP की यह लहर अंत तक बनी रही तो नेपाल की राजनीति में एक नया युग शुरू होने वाला है।
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