New Parliament Inauguration: राष्ट्रपति से नई संसद भवन के उद्घाटन की मांग SC में हुई खारिज, कोर्ट ने कहा- ‘ऐसा मामला नहीं है जिसपर हम टिप्पणी करे’

कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि यह ऐसा मामला नहीं जिस पर कोर्ट टिप्पणी करे. बता दें दायर याचिका प्रधानमंत्री मोदी के नए संसद भवन के उद्घाटन के विरोध में थी.

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New Parliament Inauguration: नए संसद भवन के उद्घाटन का मामला जिसपर सुप्रीम कोर्ट में गुरूवार को पीआईएल दाखिल हुई थी. आज उस पर देश की सबसे बड़ी अदालत ने फैसला सुना दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने दायर पीआईएल को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि यह ऐसा मामला नहीं जिस पर कोर्ट टिप्पणी करे. बता दें दायर याचिका प्रधानमंत्री मोदी के नए संसद भवन के उद्घाटन के विरोध में थी. जिसपर कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम मामले में दखल नहीं देना चाहते हैं ओर यह ऐसा मामला नहीं है, जिस पर कोर्ट जवाब दे. इसके आलावा सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी कहा है कि कोर्ट जानता है कि ये याचिका क्यों दायर हुई है? आप इस बात के आभारी रहें कि कोर्ट आप पर जुर्माना नहीं लगा रहा है.

खारिज हुई पीआईएल में क्या था?

खारिज पीआईएल में कहा गया था कि अनुच्छेद 85 के अनुसार राष्ट्रपति ही संसद का सत्र बुलाते हैं और वही दोनों सदनों को संबोधित करते हैं. इसलिए सही मायने में देश के नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति को करना चाहिए. दाखिल पीआईएल में यह भी कहा गया था कि राष्ट्रपति संसद का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसके आलावा लोकसभा सचिवालय ने जो नए संसद भवन के उद्घाटन के लिए निमंत्रण पत्र जारी किया है, वह असंवैधानिक है. इस याचिका को तमिलनाडु के वकीन सी आर जयासुकिन ने दायर किया था.

28 मई को होगा नए संसद का उद्घाटन

देश की नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई होना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे और इसे देश को समर्पित करेंगे. इसके उद्घाटन के लिए देश भर के कई नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है, जिनमें लोकसभा और राज्यसभा के पूर्व अध्यक्ष और सभापति भी शामिल हैं. वहीं इसके आलावा दोनों सदनों के सांसदों को भी निमंत्रण भेजा गया है.

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