Nepal Election 2026: बालेन शाह की RSP का धमाका, 36 सीटों पर बनाई बढ़त, नेपाली कांग्रेस और CPN-UML को पीछे छोड़ा, जेन Z आंदोलन के बाद नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर
नई पार्टी RSP ने शुरुआती रुझानों में 36 सीटों पर बढ़त, नेपाली कांग्रेस 5 और CPN-UML 3 पर पीछे। बालेन शाह झापा-5 में ओली से आगे, काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP मजबूत
Nepal Election 2026: नेपाल की राजनीति में एक ऐतिहासिक और चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिल रहा है। गुरुवार को हुए प्रतिनिधि सभा के आम चुनाव में मात्र तीन साल पुरानी नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने शुरुआती रुझानों में ऐसा धमाका किया है जिसने पुरानी और स्थापित पार्टियों को हैरान कर दिया है। शुरुआती नतीजों में RSP ने एक सीट जीत ली है और 36 सीटों पर मजबूत बढ़त बना रखी है। वहीं दशकों से नेपाल की राजनीति पर राज करने वाली नेपाली कांग्रेस महज 5 सीटों पर और CPN-UML केवल 3 सीटों पर आगे है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी 1 सीट पर बढ़त में है। यह चुनाव नेपाल के इतिहास का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है क्योंकि यह जेन Z के ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शनों के बाद हुआ पहला बड़ा चुनाव है। लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने इस चुनाव में भागीदारी की जो नेपाली जनता के बदलाव की चाहत को दर्शाता है।
Nepal Election 2026: क्या है RSP और कौन हैं बालेन शाह
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP की स्थापना 2022 में हुई थी। यह पार्टी नेपाल की परंपरागत राजनीति से बिल्कुल अलग रास्ते पर चलती है। इस पार्टी का चेहरा हैं काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन्द्र शाह जिन्हें आमतौर पर बालेन के नाम से जाना जाता है। बालेन शाह एक युवा और ऊर्जावान नेता हैं जिन्होंने काठमांडू के मेयर रहते हुए शहर के विकास और भ्रष्टाचार विरोधी अभियान से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। उन्होंने अपनी साफ छवि और काम करने के नए तरीके से युवा पीढ़ी का दिल जीता। बालेन शाह को पार्टी का प्रधानमंत्री उम्मीदवार माना जा रहा है और अगर RSP की यह बढ़त अंतिम नतीजों में भी बनी रही तो नेपाल को एक बिल्कुल नए किस्म का नेतृत्व मिल सकता है।
बालेन का ओली पर दबदबा
इस चुनाव का सबसे रोचक मुकाबला झापा-5 सीट पर देखने को मिल रहा है। यहां बालेन शाह खुद नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और CPN-UML के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से आगे चल रहे हैं। ओली नेपाल के एक बेहद अनुभवी और वरिष्ठ नेता हैं। उन्हें उनकी अपनी परंपरागत सीट पर एक नई पार्टी के नेता द्वारा पीछे छोड़ा जाना नेपाली राजनीति में कितने बड़े बदलाव का संकेत है यह इससे समझा जा सकता है।
Nepal Election 2026: काठमांडू की सभी 10 सीटों पर RSP आगे
राजधानी काठमांडू में RSP का प्रदर्शन सबसे अधिक प्रभावशाली रहा है। शुरुआती रुझानों के अनुसार RSP काठमांडू की सभी 10 सीटों पर बढ़त में है। काठमांडू-1 सीट पर RSP उम्मीदवार रंजू दर्शना ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। उन्होंने 10,000 से अधिक वोट हासिल किए जो नेपाली कांग्रेस के निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रबल थापा क्षेत्री से लगभग दोगुना है। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक रूप से इस जीत की घोषणा नहीं की है लेकिन यह जीत लगभग तय मानी जा रही है।
जेन Z आंदोलन ने बदली नेपाल की राजनीति
इस चुनाव को समझने के लिए पिछले साल नेपाल में हुए जेन Z आंदोलन को समझना जरूरी है। पिछले साल नेपाल में युवाओं ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरकर जबरदस्त आंदोलन किया था। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन ने केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार को गिरा दिया था। नेपाली कांग्रेस और CPN-UML दोनों उस गिराई गई सरकार का हिस्सा थे इसलिए युवा मतदाताओं ने इस चुनाव में इन दोनों पार्टियों को सबक सिखाने का मन बनाया था। RSP की इस जबरदस्त शुरुआत को उसी जेन Z की भावना का प्रतिबिंब माना जा रहा है।
Nepal Election 2026: नेपाल की चुनाव प्रणाली को समझें
नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए लगभग 1.89 करोड़ मतदाताओं ने अपना वोट डाला। इनमें से 165 सीटें फर्स्ट पास्ट द पोस्ट यानी FPTP पद्धति से सीधे चुनाव के जरिए भरी जाती हैं। बाकी 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर मिली वोट प्रतिशत के हिसाब से बांटी जाती हैं। FPTP के लिए 3400 से अधिक और आनुपातिक प्रतिनिधित्व के लिए 3135 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। वोटों की गिनती गुरुवार रात देर से शुरू हुई और शुक्रवार रात तक पूरी होने की उम्मीद है।
नेपाल में यह चुनाव परिणाम सिर्फ एक देश की सीमाओं तक सीमित नहीं है। भारत के लिए भी नेपाल में एक नई और युवा राजनीतिक शक्ति का उभरना महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक, धार्मिक और आर्थिक संबंध हैं। आने वाले घंटों में जब अंतिम नतीजे आएंगे तब नेपाल की नई राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।
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