ट्रंप टॉवर में मिला रहस्यमयी पैकेज! हड़कंप मचा, सड़कें बंद, पुलिस का घेरा
ईरान जंग के बीच न्यूयॉर्क के ट्रंप टॉवर में मिला रहस्यमयी पैकेट, सड़कें बंद, पुलिस ने घेरा, जांच में निकला सुरक्षित
Trump Tower incident: अमेरिका इस समय दो मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में जुटी हुई है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया। न्यूयॉर्क के मशहूर मैनहैटन इलाके में स्थित ट्रंप टॉवर से एक संदिग्ध पैकेज बरामद होने की खबर ने पूरे अमेरिका में खलबली मचा दी। इस घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस और आपातकालीन दस्ते तैनात कर दिए गए।
Trump Tower incident: ईरान से जंग के बीच ट्रंप टॉवर पर बड़ा खतरा
न्यूयॉर्क के मशहूर मैनहैटन इलाके में स्थित ट्रंप टॉवर से एक संदिग्ध पैकेज बरामद होने की खबर ने पूरे अमेरिका में खलबली मचा दी। इस घटना के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस और आपातकालीन दस्ते तैनात कर दिए गए। अमेरिका इस समय दो मोर्चों पर एक साथ लड़ रहा है। एक तरफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में जुटी हुई है, तो दूसरी तरफ देश के भीतर इस घटना ने सुरक्षा तंत्र को हिलाकर रख दिया।
Trump Tower incident: मेलरूम में मिला संदिग्ध पैकेट, सीक्रेट सर्विस ने की 911 कॉल
सोमवार दोपहर की यह घटना उस वक्त सामने आई जब ट्रंप टॉवर के मेलरूम में कर्मचारियों को एक संदिग्ध पैकेट दिखा। फिफ्थ एवेन्यू पर स्थित 725 नंबर की इस इमारत में तैनात सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने तुरंत 911 पर कॉल कर पुलिस को इसकी सूचना दी। कुछ ही मिनटों में न्यूयॉर्क सिटी पुलिस डिपार्टमेंट यानी एनवाईपीडी का बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया। पुलिस की कार्रवाई इतनी तेज़ और व्यवस्थित थी कि इमारत के भीतर किसी को भी बाहर निकालने की ज़रूरत नहीं पड़ी।
Trump Tower incident: सड़कें बंद, यातायात थमा, लोगों को दूर रहने की हिदायत
इस घटना के सामने आते ही न्यूयॉर्क सिटी की आपातकालीन सूचना प्रणाली सक्रिय हो गई। प्रशासन ने नागरिकों को अलर्ट जारी करते हुए कहा कि फिफ्थ एवेन्यू और वेस्ट 56 स्ट्रीट के आसपास का पूरा इलाका प्रभावित है। इस क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी बाधित हो गईं और लोगों को सलाह दी गई कि वे इस इलाके से दूर रहें। ट्रंप टॉवर के बाहर पुलिस की गाड़ियों, बम निरोधक वाहनों और आपातकालीन सेवाओं की टीमों का जमावड़ा देखकर आसपास से गुजरने वाले लोग रुककर देखने लगे।
Trump Tower incident: NBC की रिपोर्ट ने दी राहत, पैकेट निकला खतरे से बाहर
इस पूरे मामले में कुछ घंटों बाद एक राहत भरी खबर भी आई। एनबीसी न्यूयॉर्क ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि जांच के बाद उस संदिग्ध पैकेट को खतरे की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। यानी पैकेट में कोई विस्फोटक सामग्री या जैविक खतरा नहीं पाया गया। बम निरोधक दस्ते ने पूरी जांच के बाद पैकेट को सुरक्षित घोषित किया। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति से जुड़ी इमारतों की सुरक्षा पर्याप्त है?
Trump Tower incident: ईरान से जंग के बीच अमेरिका में हाई अलर्ट
यह घटना उस नाज़ुक दौर में हुई है जब अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ हवाई हमले कर रही है। इस युद्ध के चलते अमेरिका की तमाम कानून प्रवर्तन एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर हैं। जब किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्ष में अमेरिका शामिल होता है तो देश के भीतर भी खतरे का स्तर बढ़ जाता है। ऐसे में ट्रंप टॉवर जैसी प्रतिष्ठित और संवेदनशील इमारत में संदिग्ध पैकेट मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का कारण बनना स्वाभाविक था। सीक्रेट सर्विस के अधिकारी पूरी तरह सतर्क हैं।
Trump Tower incident: टॉवर के बाहर युद्ध विरोधी प्रदर्शन भी हुए
इस घटना से अलग एक और अहम बात यह है कि सोमवार की रात ट्रंप टॉवर के बाहर बड़ी संख्या में युद्ध विरोधी प्रदर्शनकारी भी जमा हुए। ये लोग ईरान के खिलाफ जारी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और युद्ध को तुरंत बंद करने की मांग की। यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ लेकिन इसने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि अमेरिकी जनता के एक बड़े वर्ग में इस युद्ध को लेकर गहरी नाराज़गी है।
Trump Tower incident: ट्रंप टॉवर का इतिहास और इसकी संवेदनशीलता
ट्रंप टॉवर महज एक इमारत नहीं है, यह अमेरिकी राजनीति और शक्ति का एक प्रतीक बन चुकी है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से पहले और बाद में भी यह इमारत हमेशा सुर्खियों में रही है। इसी कारण यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए हमेशा एक प्राथमिकता वाला स्थान रहा है। पिछले कुछ सालों में इस इमारत के आसपास कई बार ऐसी घटनाएं हुई हैं जिन्होंने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा करने पर मजबूर किया। इस बार की घटना भले ही खतरनाक नहीं निकली, लेकिन इसने सुरक्षा एजेंसियों को फिर सतर्क कर दिया है।
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