भारत-कनाडा संबंधों में बड़ा मोड़, ट्रूडो युग के आरोपों से पलटा कनाडा, व्यापार और सुरक्षा सहयोग पर जोर
ट्रूडो युग के आरोपों से पलटा कनाडा, कार्नी यात्रा से पहले ओटावा ने कहा- हिंसक अपराधों में भारत की कोई भूमिका नहीं
India-Canda Relationship: भारत और कनाडा के बीच वर्षों से चले आ रहे कूटनीतिक तनाव में एक बड़ा मोड़ आया है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की नई दिल्ली यात्रा से ठीक पहले ओटावा ने एक ऐतिहासिक बयान जारी करके सबको चौंका दिया।
कनाडाई वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को पत्रकारों के साथ ब्रीफिंग के दौरान साफ कहा कि कनाडा में हिंसक अपराधों में भारत की अब कोई भूमिका नहीं है। यह बयान पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के उन विवादास्पद आरोपों से पूरी तरह अलग है जिन्होंने भारत-कनाडा संबंधों को बेहद तनावपूर्ण बना दिया था।
India-Canda Relationship: क्या था पुराना विवाद?
भारत और कनाडा के रिश्तों में खटास की जड़ें 2023 के घटनाक्रम में छिपी हैं:
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निज्जर हत्याकांड: वर्ष 2023 में जून में सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की ब्रिटिश कोलंबिया के लोअर मेनलैंड में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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ट्रूडो के आरोप: इस घटना के कुछ महीनों बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत सरकार से जुड़े एजेंटों पर इस हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया।
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गहराता तनाव: इस बयान के बाद दोनों देशों के रिश्ते अत्यंत तनावपूर्ण हो गए। दोनों देशों से राजनयिकों के निष्कासन की नौबत आ गई और व्यापारिक संबंध भी प्रभावित हुए।
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भारत का कड़ा रुख: भारत ने हमेशा इन आरोपों को निराधार, मनगढ़ंत और बेतुका बताते हुए सिरे से खारिज किया था। भारत का यह भी कहना था कि कनाडा सिख अतिवादियों को अपनी धरती पर शरण देता है।
India-Canda Relationship: कनाडा का नया रुख क्या है?
मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद ओटावा का भारत के प्रति नजरिया स्पष्ट रूप से बदला है:
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आरोपों की वापसी: कनाडाई अधिकारियों ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि भारत सरकार से जुड़े एजेंटों द्वारा कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप और दमन जैसी चिंताएं अब लागू नहीं होतीं।
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सुरक्षा वार्ताओं में प्रगति: अधिकारियों ने यह भी कहा कि ओटावा और नई दिल्ली के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के स्तर सहित सुरक्षा वार्ताओं और सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
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भविष्य का आधार: कनाडा सरकार के बयान में कहा गया कि कानून के प्रति सम्मान भारत के साथ पुनः जुड़ाव के चरणबद्ध दृष्टिकोण का मूल आधार बना रहेगा।
India-Canda Relationship: तहव्वुर राणा पर भी बड़ा कदम
कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया:
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नागरिकता रद्द: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा की कनाडाई नागरिकता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
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सकारात्मक संकेत: यह भी भारत के साथ सहयोग और संबंध सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
India-Canda Relationship: संबंध सुधारने की क्यों है जरूरत?
विश्लेषकों के अनुसार कनाडा के इस रुख बदलाव के पीछे कई महत्वपूर्ण आर्थिक और कूटनीतिक कारण हैं:
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ट्रंप फैक्टर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण कनाडा के लिए अमेरिका पर व्यावसायिक निर्भरता घटाना जरूरी हो गया है।
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विशाल बाजार: 1.4 अरब की आबादी वाला भारत एक तेजी से उभरती आर्थिक शक्ति है और कनाडा के लिए एक विशाल व्यापारिक बाजार का अवसर प्रस्तुत करता है।
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पॉलिसी रीसेट: ओटावा अब भारत के साथ संबंधों को रीसेट करके गहरे व्यापारिक संबंध स्थापित करना चाहता है।
India-Canda Relationship: सिख समुदाय की चिंताएं भी बरकरार
हालांकि ओटावा के इस आधिकारिक बयान के बीच कुछ आंतरिक चुनौतियां अब भी बनी हुई हैं:
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नई चेतावनी: ब्रिटिश कोलंबिया के सिख कार्यकर्ता मोनींदर सिंह ने खुलासा किया कि वैंकूवर पुलिस ने उन्हें उनके परिवार सहित तत्काल खतरे की चेतावनी दी है।
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सुरक्षा का सवाल: उनके अनुसार निज्जर की हत्या के बाद से यह उन्हें मिली चौथी ऐसी चेतावनी है।
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सरकार का रुख: कार्नी सरकार का कहना है कि वह सुरक्षा खतरों को गंभीरता से लेती है और इन्हें संबोधित करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर रही है।
निष्कर्ष: भारत-कनाडा संबंधों में यह नया अध्याय दोनों देशों के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर है और कार्नी की दिल्ली यात्रा इस दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
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