ईरान-इजरायल युद्ध में बड़ा झटका, खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब के मारे जाने का दावा; अली लारीजानी के बाद नेतृत्व पर लगातार हमले, इजरायल के रक्षा मंत्री बोले—अभी और बड़े ऑपरेशन बाकी
लारीजानी के बाद खुफिया मंत्री भी निशाने पर, इजरायल ने बढ़ाया दबाव
Iran Israel war 2026: ईरान के लिए एक के बाद एक बुरी खबरें आ रही हैं और उसकी नेतृत्व संरचना तेजी से बिखरती जा रही है।
Iran Israel war 2026: इस्माइल खातिब की मौत का दावा, ईरान की चुप्पी बरकरार
इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल कार्ट्ज ने बुधवार को घोषणा की कि आईडीएफ के ताजा हमले में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब को मार गिराया गया है। उनके साथ खुफिया मंत्रालय के चार अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस हमले में मारे गए बताए जा रहे हैं। हालांकि ईरान सरकार की तरफ से इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी ने इजरायली रक्षा मंत्री के हवाले से यह जानकारी दी है।
Iran Israel war 2026: कौन थे इस्माइल खातिब, जिनकी मौत से हिल गया ईरान
इस्माइल खातिब ईरान के सबसे शक्तिशाली और संवेदनशील विभागों में से एक, खुफिया मंत्रालय यानी MOIS के प्रमुख थे। यह मंत्रालय देश की आंतरिक और बाहरी जासूसी गतिविधियों का केंद्र माना जाता है। खातिब का नाम ईरान के उन शीर्ष अधिकारियों में शुमार था जो सुप्रीम लीडर के सीधे निर्देश पर काम करते थे। उनकी मौत ईरान की खुफिया तंत्र के लिए अपूरणीय क्षति मानी जा रही है।
Iran Israel war 2026: अली लारीजानी की हत्या के ठीक एक दिन बाद हुई यह कार्रवाई
मंगलवार को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की इजरायली हमले में मौत हुई थी। लारीजानी की मौत की पुष्टि खुद ईरान की सुरक्षा परिषद ने भी कर दी। लारीजानी ईरान की विदेश नीति और सुरक्षा रणनीति के सबसे प्रमुख चेहरों में से एक थे। वे पश्चिमी देशों के साथ परमाणु वार्ताओं में भी ईरान का प्रतिनिधित्व करते रहे थे। उनके साथ उनके बेटे मोर्तेजा लारीजानी और कार्यालय प्रमुख अलिरेजा बयात भी मारे गए।
Iran Israel war 2026: कार्ट्ज का बड़ा बयान, आने वाले दिनों में और ऑपरेशन होंगे
इस्माइल खातिब की हत्या का दावा करने के बाद इजरायल के रक्षा मंत्री कार्ट्ज ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उन्होंने आईडीएफ को पूरा अधिकार दे रखा है कि जब भी खुफिया जानकारी और ऑपरेशनल अवसर मिले, किसी भी वरिष्ठ ईरानी अधिकारी को अतिरिक्त अनुमति के बिना निशाना बनाया जाए। कार्ट्ज ने यह भी कहा कि आज भी सभी मोर्चों पर महत्वपूर्ण और चौंकाने वाली घटनाएं घटित होंगी।
Iran Israel war 2026: 19 दिनों की जंग में ईरान के 40 से अधिक शीर्ष नेता मारे गए
इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में अब तक करीब 40 वरिष्ठ ईरानी अधिकारी मारे जा चुके हैं। इनमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल हैं जो 28 फरवरी के हमले में मारे गए थे। इसके अलावा सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी, आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद पाकपुर, रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दोलरहीम मुसावी और अब अली लारीजानी और इस्माइल खातिब भी इस सूची में जुड़ गए हैं।
रणनीतिक विश्लेषण: ईरान की रीढ़ टूट रही है
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी देश की सैन्य और खुफिया नेतृत्व को इस तरह एक के बाद एक खोना उसकी युद्ध क्षमता को गंभीर रूप से कमजोर कर देता है। ईरान के मामले में यह स्थिति और भी विकट है क्योंकि मारे गए नेताओं में देश के नीति निर्माण के सबसे बड़े चेहरे शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के जानकारों का मानना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की कमांड चेन को ध्वस्त करना है ताकि वह एकजुट होकर जवाबी कार्रवाई न कर सके।
Iran Israel war 2026: ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी, लेकिन नेतृत्व संकट गहरा
ईरान की ओर से भी इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले जारी हैं। लेकिन नेतृत्व को हो रही भारी क्षति के बाद इन हमलों के समन्वय पर सवाल उठने लगे हैं। खामेनेई की मौत के बाद ईरान में उत्तराधिकार का संकट भी गहरा हो गया है। ऐसे में लारीजानी और खातिब जैसे अनुभवी नेताओं का एक साथ मारा जाना ईरान के शासन तंत्र के लिए दोहरा संकट बन गया है।
निष्कर्ष
ईरान के लिए यह युद्ध केवल सैन्य मोर्चे पर नहीं बल्कि नेतृत्व के स्तर पर भी अभूतपूर्व संकट बन चुका है। सुप्रीम लीडर से लेकर खुफिया मंत्री तक के मारे जाने से ईरान की कमांड और नियंत्रण व्यवस्था बुरी तरह हिल गई है। इजरायल के रक्षा मंत्री का यह बयान कि “अभी और चौंकाने वाली घटनाएं होंगी” यह साफ संकेत देता है कि यह जंग अभी खत्म नहीं हुई है। आने वाले दिन मध्य पूर्व की भू-राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
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