Mainpuri News: छह बच्चों को छोड़ प्रेमी के साथ रहने की जिद पर अड़ी महिला, कोर्ट के आदेश पर प्रेमी संग गई

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के भोगांव क्षेत्र में करीब ढाई महीने से लापता महिला को पुलिस ने दिल्ली से बरामद किया।

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Mainpuri News: उत्तर प्रदेश के जनपद मैनपुरी स्थित भोगांव थाना क्षेत्र से पारिवारिक रिश्तों और ममता को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। छह मासूम संतानों की एक मां अपने रिश्तेदार प्रेमी के साथ नई दुनिया बसाने की जिद पर इस कदर अड़ी रही कि थाने में फूट-फूटकर रोते अपने ही बच्चों की करुण पुकार भी उसके दिल को नहीं पिघला सकी। करीब ढाई माह पूर्व स्वतंत्रता दिवस पर अपने भरा-पूरा परिवार छोड़कर लापता हुई इस महिला को पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से देश की राजधानी दिल्ली से बरामद किया। इसके बाद जब थाने में पति और रोते-बिलखते बच्चे उसे घर वापस चलने की गुहार लगाते रहे, तो महिला ने ममता का गला घोंटते हुए उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस द्वारा सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर महिला ने बालिग होने के नाते अपने प्रेमी के साथ ही रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे उसके प्रेमी के साथ भेज दिया गया।

Mainpuri News: 15 अगस्त को मासूम बच्चों को लावारिस छोड़ घर से हुई थी फरार

घटनाक्रम मैनपुरी जिले के कस्बा भोगांव के अंतर्गत आने वाले एक ग्रामीण अंचल से जुड़ा हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार, महिला का दांपत्य जीवन कई वर्षों से सामान्य चल रहा था और उसके छह बच्चे हैं, जिनमें चार नाबालिग बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। इसी बीच महिला के संबंध शाहजहांपुर जनपद के एक गांव में रहने वाले उसके रिश्ते के ‘मामा ससुर’ से प्रगाढ़ हो गए। दोनों के बीच लगातार फोन पर बातचीत और मुलाकातों का सिलसिला बढ़ता चला गया।

बीती 15 अगस्त 2026 को, जब पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा था, उसी दिन यह महिला घर में सो रहे अपने मासूम बच्चों और पति को छोड़कर अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। काफी खोजबीन के बाद जब उसका कोई सुराग नहीं लगा, तो लाचार पति ने अनहोनी की आशंका जताते हुए भोगांव कोतवाली में पत्नी की गुमशुदगी की लिखित तहरीर दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच पड़ताल और मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस करने का काम शुरू किया था।

दिल्ली के किराए के मकान से प्रेमी संग बरामदगी

भोगांव पुलिस टीम निरंतर सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए महिला की लोकेशन का पता लगाने में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुख्ता सूचना मिली कि महिला अपने कथित प्रेमी के साथ दिल्ली के एक इलाके में पहचान छिपाकर किराए के कमरे में रह रही है। पुलिस टीम ने बुधवार की रात दिल्ली में छापेमारी कर महिला को उसके प्रेमी के साथ सकुशल बरामद कर लिया और दोनों को गुरुवार तड़के मैनपुरी के भोगांव थाने ले आई।

जैसे ही महिला के बरामद होने की खबर उसके गांव पहुंची, उसका पति, चारों बेटियां, दोनों बेटे और कई करीबी रिश्तेदार उम्मीद भरी आंखों के साथ भागते हुए थाने पहुंचे। परिवार को पूरा भरोसा था कि जब मां इतने दिनों बाद अपने बच्चों का चेहरा देखेगी, तो उसका दिल पसीज जाएगा और वह भूल सुधार कर वापस अपने आशियाने लौट आएगी।

थाने के प्रांगण में गूंजी मासूमों की सिसकियां, मां का दिल नहीं पसीजा

थाना परिसर में उस वक्त अत्यंत भावुक और हृदयविदारक दृश्य उत्पन्न हो गया जब सभी छह बच्चे अपनी मां के पैरों से लिपट गए। बड़ी बेटियों ने रो-रोकर मां से घर चलने की मिन्नतें कीं, जबकि छोटे बेटे मां का पल्लू पकड़कर बिलखते रहे। पति ने भी हाथ जोड़कर बच्चों के भविष्य, समाज में उनकी शादी-ब्याह और परवरिश का हवाला देते हुए गिड़गिड़ाकर घर लौटने की विनती की।

वहां मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य फरियादी भी बच्चों का यह विलाप देखकर भावुक हो उठे, लेकिन महिला के चेहरे पर ममता का कोई भाव नजर नहीं आया। उसने सभी के सामने कठोर शब्दों में स्पष्ट कह दिया कि उसका अब पति और बच्चों से कोई वास्ता नहीं है और वह केवल अपने प्रेमी के साथ ही अपनी जिंदगी गुजारेगी। घंटों चले मान-मनौव्वल और काउंसलिंग के बावजूद जब महिला टस से मस नहीं हुई, तो पुलिस ने अग्रिम विधिक प्रक्रिया प्रारंभ की।

अदालत में दर्ज हुए 164 के बयान, बालिग होने पर प्रेमी के साथ रवाना

थाना स्तर पर सभी सामाजिक और पारिवारिक प्रयास विफल हो जाने के बाद पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत महिला का चिकित्सकीय परीक्षण कराया और उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। अदालत के समक्ष दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 164 के तहत महिला के बयान दर्ज किए गए।

न्यायालय में भी महिला ने बिना किसी दबाव के दृढ़तापूर्वक दोहराया कि वह बालिग है, अपने भले-बुरे का फैसला स्वयं ले सकती है और अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है। भारतीय कानून में किसी भी वयस्क नागरिक को अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुनने और रहने की पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त है। महिला के बयानों को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने उसे अपनी इच्छानुसार जाने का आदेश दिया। इसके बाद महिला अपने रोते-बिलखते बच्चों और बेबस पति को वहीं छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रवाना हो गई।

Mainpuri News: रिश्तों के बिखराव में मासूम बच्चों के संरक्षण और परवरिश पर गहराया संकट

मैनपुरी की इस घटना ने आधुनिक समाज में वैवाहिक निष्ठा, नैतिक मूल्यों और माता-पिता के विवादों में पिसने वाले बेकसूर बच्चों की नियति पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। छह मासूम बच्चों के सिर से मां का साया छिन जाने के बाद अब उनकी परवरिश, मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई-लिखाई का पूरा बोझ अकेले मजदूरी करने वाले लाचार पिता के कंधों पर आ गया है।

बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और समाजशास्त्रियों का मानना है कि ऐसे मामलों में जहां बालिगों के अधिकारों का विधिक संरक्षण होता है, वहीं उन मासूम बच्चों के संरक्षण और भरण-पोषण की कानूनी व्यवस्था भी प्राथमिकता पर तय की जानी चाहिए, ताकि माता-पिता के भटकाव की सजा ताउम्र उन निर्दोष संतानों को न भुगतनी पड़े।

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