अजित पवार प्लेन क्रैश में CBI जांच की मांग, CM फडणवीस ने अमित शाह से किया अनुरोध, ‘सभी शकों को दूर करना चाहती है महायुति सरकार’

CM फडणवीस ने अजित पवार प्लेन क्रैश की CBI जांच का अनुरोध किया, NCP से पत्र मिला; DGCA, CID और CBI तीन स्तरीय जांच

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Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 28 जनवरी को पुणे के बारामती में हुए प्लेन क्रैश में मौत के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार 22 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से CBI जांच के आदेश देने का अनुरोध करने की घोषणा की। सीएम फडणवीस ने कहा कि उन्हें BJP की सहयोगी पार्टी NCP से एयर क्रैश की CBI जांच की मांग वाला पत्र मिला था और उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से बात की है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) और राज्य की CID टीम की जांच के साथ-साथ CBI जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “महायुति सरकार अजित पवार की प्लेन क्रैश में हुई मौत के सभी शकों को दूर करना चाहती है।” DGCA वर्तमान में VSR कंपनी का ऑडिट कर रहा है और सभी लॉगबुक की जांच हो रही है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को अब उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

Maharashtra Politics: NCP ने भेजा था CBI जांच का पत्र

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उन्हें महायुति गठबंधन की सहयोगी पार्टी नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) से एक औपचारिक पत्र मिला था।

इस पत्र में अजित पवार के प्लेन क्रैश की CBI जांच की मांग की गई थी। NCP ने अपने वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री की मौत के मामले में गहन जांच की जरूरत पर जोर दिया है।

फडणवीस ने कहा, “मुझे बीजेपी की सहयोगी पार्टी NCP से एयर क्रैश की CBI जांच की मांग वाला एक लेटर मिला था और मैंने गृह मंत्री अमित शाह से बात की है।”

यह NCP की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम है जो दर्शाता है कि पार्टी अपने नेता की मौत को लेकर संदेह और सवाल उठा रही है। पार्टी चाहती है कि सभी पहलुओं की गहन जांच हो और सच सामने आए।

तीन स्तरीय जांच: DGCA, CID और CBI

सीएम फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में तीन स्तरीय जांच होगी:

1. DGCA जांच: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (Directorate General of Civil Aviation) पहले से ही इस मामले की जांच कर रहा है। DGCA विमान से संबंधित सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करता है।

2. राज्य CID जांच: महाराष्ट्र पुलिस की अपराध जांच विभाग (CID) भी समानांतर जांच कर रही है। CID किसी भी आपराधिक पहलू या साजिश की संभावना की जांच कर रही है।

3. CBI जांच: अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से भी जांच का अनुरोध किया गया है। CBI जांच से मामले में अधिक विश्वसनीयता और व्यापकता आएगी।

फडणवीस ने कहा, “DGCA और राज्य की CID टीम की जांच के साथ-साथ CBI जांच कराने का भी अनुरोध किया गया है।”

तीन एजेंसियों द्वारा जांच यह सुनिश्चित करेगी कि कोई पहलू छूटे नहीं और सभी संभावित कोणों से मामले की जांच हो।

Maharashtra Politics: VSR कंपनी का ऑडिट जारी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि DGCA वर्तमान में VSR कंपनी का व्यापक ऑडिट कर रहा है। VSR वह एविएशन कंपनी है जिसका विमान अजित पवार दुर्घटना के समय उपयोग कर रहे थे।

फडणवीस ने कहा, “DGCA VSR कंपनी का ऑडिट कर रहा है और उसकी सभी लॉगबुक चेक की जा रही हैं।”

लॉगबुक में विमान के रखरखाव, उड़ानों का इतिहास, पायलट का अनुभव और प्रशिक्षण, और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी विवरण होते हैं। इन सभी की गहन जांच से यह पता चल सकता है कि क्या कोई तकनीकी खामी या रखरखाव में लापरवाही थी।

VSR कंपनी के अन्य विमानों की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कंपनी सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर रही है।

फडणवीस ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने खुद भी कई बार VSR कंपनी के विमान में यात्रा की है। उन्होंने कहा, “मैंने भी कई बार VSR प्लेन में सफर किया है।”

यह बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि VSR कंपनी का उपयोग राज्य के वरिष्ठ नेताओं द्वारा नियमित रूप से किया जाता था।

“अटकलों से बचना होगा”

मुख्यमंत्री ने मीडिया और जनता से अपील की कि जांच पूरी होने तक अटकलों से बचा जाए।

फडणवीस ने कहा, “हमें जांच रिपोर्ट का इंतजार करना होगा और अटकलों से बचना होगा।”

यह एक जिम्मेदार बयान है क्योंकि इस तरह के संवेदनशील मामलों में अक्सर बिना तथ्यों के अटकलें लगाई जाती हैं जो भ्रम और गलत सूचना फैलाती हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “कुछ शक हो सकते हैं जिन्हें सही अथॉरिटी को भेजना होगा। हम जांच का रेगुलर फॉलो-अप भी पक्का करेंगे।”

इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और सुनिश्चित करना चाहती है कि जांच में कोई ढील न हो।

Maharashtra Politics: “DGCA के पास छिपाने को कुछ नहीं”

मुख्यमंत्री ने DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय का बचाव करते हुए कहा कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

फडणवीस ने कहा, “मुझे लगता है कि DGCA और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।”

यह बयान उन आरोपों के जवाब में आया है जो कुछ विपक्षी नेताओं और परिवार के सदस्यों ने लगाए थे कि जांच में कुछ तथ्य छिपाए जा रहे हैं।

हालांकि, मुख्यमंत्री का यह बयान DGCA और केंद्रीय मंत्रालय में विश्वास दर्शाता है, लेकिन साथ ही CBI जांच की मांग यह भी संकेत देती है कि सभी संदेहों को दूर करने के लिए अतिरिक्त जांच आवश्यक है।

28 जनवरी का वह काला दिन

28 जनवरी 2026 को पुणे जिले में बारामती के पास जब अजित पवार का विमान लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी दुर्घटना हो गई। विमान अचानक नियंत्रण खो बैठा और जमीन से टकरा गया। इस भीषण दुर्घटना में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी लोगों की मौत हो गई।

अजित पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे और राजनीति में एक दिग्गज नेता माने जाते थे। उनकी अचानक मौत ने न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश को झकझोर दिया।

उनकी मौत के बाद राजनीतिक समीकरण भी बदल गए। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई, जो महाराष्ट्र की राजनीति में एक अभूतपूर्व कदम था।

Maharashtra Politics: परिवार और भतीजे के संदेह

अजित पवार के परिवार के सदस्य, विशेष रूप से उनके भतीजे रोहित पवार, ने लगातार इस दुर्घटना को लेकर संदेह व्यक्त किए हैं। रोहित पवार ने कई बार आरोप लगाया है कि यह “बड़ी साजिश” है। उन्होंने दावा किया है कि विमान में पेट्रोल के डब्बे रखे गए थे, जो एक सामान्य स्थिति नहीं है।

उन्होंने नागरिक उड्डयन मंत्री को हटाने की भी मांग की थी। उनका आरोप है कि जांच में पारदर्शिता नहीं है और कुछ तथ्य छिपाए जा रहे हैं। इसके अलावा, यह भी सामने आया है कि विमान के ब्लैक बॉक्स और अन्य रिकॉर्डर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाना मुश्किल हो गया है।

ये सभी संदेह और सवाल CBI जांच की मांग को और मजबूत करते हैं। केवल एक निष्पक्ष और व्यापक जांच ही सभी संदेहों को दूर कर सकती है और सच सामने ला सकती है।

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