Lalu Yadav: ‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में लालू एंड फैमिली को जमानत, 29 मार्च को अगली सुनवाई, जानिए क्या है पूरा मामला

लैंड फॉर जॉब मामले में लालू यावद और उनके परिवार को कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती को जमानत दे दी है. जमानत के फैसले के बाद सीबीआई ने भी जमानत का विरोध नहीं किया. ये जमानत 50-50 हजार के निजी मुचलके पर दी गई है. अब मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी.

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Lalu Yadav: लैंड फॉर जॉब (Land for Job) मामले में लालू यावद (Lalu Prasad Yadav) और उनके परिवार को कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) , राबड़ी देवी (Rabri Devi), मीसा भारती (Misa Bharti) को जमानत दे दी है. जमानत के फैसले के बाद सीबीआई (CBI) ने भी जमानत का विरोध नहीं किया. ये जमानत 50-50 हजार के निजी मुचलके पर दी गई है. अब मामले की अगली सुनवाई 29 मार्च को होगी.

व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे थे लालू

सीबीआई (CBI) ने लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav), राबड़ी देवी समेत (Rabri Devi) 14 के खिलाफ “नौकरी के बदले जमीन” मामले में आपराधिक षडयंत्र रचने और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला कोर्ट में दर्ज किया था. जिसके बाद आज यानी बुधवार को मामले में लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) के परिवार की राउज एवेन्‍यू कोर्ट (Rouse Avenue District Court) में पेशी हुई. पेशी के दौरान लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे.

क्या है पूरा मामला

ये घोटाला तब का है, जब लालू प्रसाद (Lalu Prasad Yadav) 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे. लालू पर आरोप है कि रेल मंत्री रहने के दौरान उन्होंने रेलवे में लोगों को नौकरी देने के बदले उनसे जमीन ली थी. सीबीआई (CBI) ने 18 मई 2022 को इस मामले में केस दर्ज किया था. जिसके बाद सीबीआई (CBI) ने 18 अक्टूबर को चार्जशीट दाखिल की थी. जिसमें 16 लोगों को आरोपी बनाया गया. मामले में सीबीआई (CBI) ने भोला यादव (Bhola Yadav) को गिरफ्तार किया था. जो लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) के मंत्री होने के समय ओएसडी थे.

ये हुई थी डील

जांच में सीबीआई (CBI) ने पाया था कि 6 फरवरी 2008 को पटना के किशुन देव राव ने अपनी 3,375 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी (Rabri Devi) के नाम पर की थी. नवंबर 2007 में पटना की किरण देवी ने अपनी 80,905 वर्ग फीट की जमीन मीसा (Misa Bharti) के नाम पर की थी.  मार्च 2008 में ब्रज नंदर राय ने 3,375 वर्ग फीट की जमीन ह्रदयानंद चौधरी को 4.21 लाख रुपये में बेच दी. पटना के महुआबाग के संजय राय ने फरवरी 2008 में 3,375 वर्ग फीट का प्लॉट राबड़ी देवी (Rabri Devi) को बेचा था. पटना के हजारी राय ने फरवरी 2007 में 9,527 वर्ग फीट जमीन एके इन्फोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी थी. बाद में जांच में सामने आया कि 2014 में एके इन्फोसिस्टम की सारी संपत्तियां, अधिकार राबड़ी देवी और मीसा भारती के पास चले गए. राबड़ी देवी (Rabri Devi) ने इस कंपनी के ज्यादातर शेयर खरीद लिए और डायरेक्टर बन गईं. मई 2015 में पटना के लाल बाबू राय ने 13 लाख रुपये में 1,360 वर्ग फीट की जमीन राबड़ी देवी (Rabri Devi) को बेच दी थी. मार्च 2008 में विशुन देव राय ने अपनी 3,375 वर्ग फीट जमीन ललन चौधरी को बेच थी. बाद में इन सभी को रेलवे में नौकरी मिल गई थी.

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