सुबह उठते ही चेहरा और आंखें सूजी हुई दिखें तो हो सकता है किडनी रोग का शुरुआती खतरनाक संकेत, डॉक्टर बता रहे हैं प्रोटीन रिसाव, पेरिऑर्बिटल पफीनेस के कारण, अन्य लक्षण और बचाव के आसान उपाय – समय रहते जांच करवाएं
सुबह चेहरा और आंखों की सूजन किडनी की बीमारी का शुरुआती लक्षण, कारण, अन्य संकेत और बचाव के उपाय
Kidney Disease Symptoms: सुबह उठने पर चेहरा फूला हुआ और आंखों के आसपास सूजन महसूस होना सिर्फ नींद की कमी का नतीजा नहीं हो सकता। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह किडनी की खराबी का एक शुरुआती और अक्सर अनदेखा किया जाने वाला संकेत हो सकता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। हर सुबह आईने में देखने पर अगर आपका चेहरा सामान्य से अधिक फूला हुआ नजर आता है और आंखों के नीचे सूजन दिखती है तो इसे रोजमर्रा की थकान समझकर नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। यह आपके शरीर की वह चेतावनी हो सकती है जिसे किडनी आपको दे रही है।
Kidney disease symptoms: सुबह चेहरे पर सूजन और किडनी का संबंध
सुबह उठने पर चेहरे और आंखों के आसपास सूजन के कई सामान्य कारण हो सकते हैं जैसे नींद पूरी न होना, अधिक नमक का सेवन या एलर्जी। लेकिन यदि यह सूजन नियमित रूप से आ रही हो, तो यह किडनी से जुड़े किसी गंभीर रोग का संकेत हो सकती है। शारदा हॉस्पिटल के डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, जब किडनी की फिल्टरिंग क्षमता कमजोर पड़ती है, तो शरीर में एल्ब्यूमिन नामक प्रोटीन का स्तर घटने लगता है। यह प्रोटीन रक्त वाहिकाओं में तरल पदार्थ को संतुलित रखता है। जब किडनी क्षतिग्रस्त होती है, तो यह प्रोटीन मूत्र के माध्यम से बाहर निकलने लगता है और शरीर के टिशूज में पानी जमा होने लगता है, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘पेरिऑर्बिटल पफीनेस’ कहते हैं।
Kidney disease symptoms: सोते समय सूजन बढ़ने का वैज्ञानिक कारण
यह समझना जरूरी है कि रात को सोते समय शरीर क्षैतिज स्थिति में होता है, जिससे गुरुत्वाकर्षण बल का प्रभाव कम हो जाता है और शरीर का अतिरिक्त तरल पदार्थ आंखों के आसपास के मुलायम टिशूज में जमा हो जाता है। जैसे ही सुबह आप उठकर चलने फिरने लगते हैं, गुरुत्वाकर्षण उस तरल पदार्थ को धीरे-धीरे पैरों और पंजों की ओर खींचता है। इसीलिए सुबह चेहरे पर सूजन अधिक दिखती है और दोपहर होते-होते कम हो जाती है। यह विशिष्ट पैटर्न किडनी रोग का एक प्रमुख संकेत माना जाता है।
Kidney disease symptoms: किडनी रोग के अन्य प्रमुख लक्षण और व्यापकता
चेहरे की सूजन के अलावा किडनी की खराबी के कई और लक्षण भी प्रकट होते हैं। मूत्र में झाग आना एक बड़ा संकेत है जो प्रोटीन के रिसाव को दर्शाता है। इसके साथ ही टखनों और पैरों में सूजन, असामान्य थकान, भूख न लगना और रक्तचाप का बढ़ना भी प्रमुख लक्षण हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, क्रॉनिक किडनी डिजीज दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि किडनी रोग अपने शुरुआती चरण में कोई स्पष्ट दर्द नहीं देता, जिससे इसका पता अक्सर तब चलता है जब कार्यक्षमता काफी कम हो चुकी होती है।
Kidney disease symptoms: किडनी की सेहत और बचाव के तरीके
चिकित्सकों के अनुसार किडनी की देखभाल के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन कम करना और नियमित व्यायाम करना जरूरी है। रक्तचाप और रक्त शर्करा (Diabetes) को नियंत्रित रखना सबसे आवश्यक है क्योंकि ये दोनों किडनी रोग के सबसे बड़े कारण हैं। साल में एक बार नियमित रक्त और मूत्र परीक्षण करवाना किडनी की स्थिति जानने का सबसे विश्वसनीय तरीका है। मधुमेह रोगियों को विशेष रूप से साल में कम से कम दो बार जांच करवानी चाहिए ताकि डायबिटिक किडनी रोग को शुरुआती चरण में ही रोका जा सके।
निष्कर्ष
शरीर हमें बीमारी के संकेत बहुत पहले देने लगता है लेकिन हम उन्हें अनदेखा करते रहते हैं। सुबह चेहरे की सूजन एक ऐसा ही संकेत है जिसे नींद की कमी का बहाना देकर टालते रहना खतरनाक हो सकता है। शारदा हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. भुमेश त्यागी की सलाह है कि यदि यह सूजन बार-बार आए, मूत्र में बदलाव हो या थकान असामान्य रूप से बढ़ रही हो तो बिना देरी किए किडनी की जांच करवाएं। समय पर पहचान और उचित उपचार से किडनी रोग को बढ़ने से रोका जा सकता है और एक स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है।
Read more here