Khesari Lal Yadav New Song: खेसारी लाल यादव का नया छठ गीत ‘पिया बिहरिया’, पत्नी की जिद और गांव जाने की आस्था

Khesari Lal Yadav New Song: खेसारी लाल यादव का नया छठ गीत 'पिया बिहरिया', पत्नी की जिद और गांव जाने की आस्था

0

Khesari Lal Yadav New Song: छठ महापर्व की तैयारियां तेज हो चुकी हैं और ऐसे में भोजपुरी सिनेमा के लोकप्रिय सितारे खेसारी लाल यादव का नया छठ गीत ‘पिया बिहरिया’ रिलीज हो गया है। गाना शहर में रहने वाले एक परिवार की कहानी बताता है, जहां पत्नी पति से शहर की भागदौड़ छोड़कर गांव जाकर पारंपरिक तरीके से छठ मनाने की जिद करती है। डिंपल सिंह और खेसारी के बीच की यह मीठी तकरार दर्शकों को अपने घरों और रिश्तों से जोड़ती है। छठ को शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन गाने ने महापर्व की आस्था को पहले से ही जगा दिया है।

गाने में कोसी भराई जैसे महत्वपूर्ण नेग को खूबसूरती से दिखाया गया है। बैकग्राउंड में गन्ने का मंडप, जलते दीये और अर्घ्य देती महिलाएं छठ के माहौल को जीवंत बनाती हैं। पत्नी पति को समझाती हैं कि बेटे की मन्नत पूरी करने और छठी मईया की कृपा पाने के लिए गांव के घाट पर जाना जरूरी है।

पिया बिहरिया गीत की कहानी क्या है और इसमें क्या दिखाया गया है?

‘पिया बिहरिया’ की कहानी एक ऐसे परिवार पर आधारित है जो शहर में रहता है। छठ का मौसम आते ही पत्नी अपने पति से गांव चलने की जिद पकड़ लेती है। वह कहती है कि शहर की भागदौड़ छोड़कर गांव जाकर पारंपरिक तरीके से पूजा करनी चाहिए। वीडियो में डिंपल सिंह ठेठ बिहारी अंदाज में नजर आती हैं। मांग में लंबा सिंदूर, लाल-पीली चुनरी प्रिंट वाली साड़ी और हाथ में पूजा की थाली उनके लुक को पूरा करती है। उनकी आंखों में गांव जाने की ललक साफ दिखती है।

खेसारी लाल यादव सफेद कैजुअल शर्ट और डेनिम जींस में नजर आते हैं। दोनों के साथ उनका ऑनस्क्रीन बेटा भी है, जो मां के साथ मिलकर पिता से गांव चलने की बात करता है। यह दृश्य कई शहर में रहने वाले परिवारों की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है, जहां त्योहार के समय गांव जाने की चाह और शहर की व्यस्तता के बीच खिंचाव होता है। गाने का माहौल छठ की पवित्रता और पारिवारिक संबंधों की गर्माहट दोनों को साथ लेकर चलता है।

कोसी भराई और घाट की यादें गीत में कैसे दिखाई गई हैं?

गाने में छठ के सबसे अहम नेगों में से एक कोसी भराई को विस्तार से दिखाया गया है। बैकग्राउंड में गन्ने का सुंदर मंडप, जलते हुए दीये और पीले कपड़ों में अर्घ्य देती व्रती महिलाएं नजर आती हैं। ये दृश्य छठ के घाट के माहौल को याद दिलाते हैं। डिंपल सिंह अपने पति को समझाती हैं कि बेटे के लिए मांगी गई मन्नत को पूरा करने के लिए छठी मईया के दरबार यानी गांव के घाट पर ही जाना होगा।

यह दृश्य सिर्फ पूजा का नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा के संरक्षण का भी संदेश देता है। शहर में रहते हुए कई परिवार छठ की पूरी रस्मों को नहीं निभा पाते। गाना इस बात पर जोर देता है कि कुछ मन्नतें और कृपा गांव के पवित्र घाट पर ही पूरी होती हैं। कोसी भराई का दृश्य गाने को छठ गीतों की पारंपरिक शैली से जोड़ता है और दर्शकों में महापर्व की यादें ताजा करता है।

पिया बिहरिया के लिरिक्स में क्या संदेश है?

गाने के लिरिक्स में पत्नी पति से गांव चलने की बात करती है। एक हिस्से में कहा गया है कि शहर छोड़कर बिहार चलो, छठ करने चलें। बेटे की मन्नत अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए सोचना चाहिए। छठी मईया सपने में आकर क्या जवाब देंगी, यह चिंता भी जताई गई है। ये पंक्तियां शहर में रहने वाले उन लोगों की भावनाओं को छूती हैं जो त्योहार के समय गांव जाने की कोशिश करते हैं।

लिरिक्स सरल और भावुक हैं। इनमें जिद, उम्मीद और आस्था का मिश्रण है। पत्नी पति को याद दिलाती है कि बच्चे की खुशी और छठी मईया की कृपा के लिए गांव जाना जरूरी है। यह संदेश कई परिवारों के लिए प्रासंगिक है, जहां पति-पत्नी के बीच त्योहार मनाने के तरीके को लेकर हल्की बहस होती है। गाना इस बहस को मीठे अंदाज में पेश करता है।

खेसारी और डिंपल सिंह के लुक ने गीत को कैसे खास बनाया?

वीडियो में दोनों कलाकारों के लुक पर खास ध्यान दिया गया है। डिंपल सिंह पारंपरिक बिहारी साड़ी और सिंदूर के साथ बेहद सुंदर लग रही हैं। उनके हाथ में पूजा की थाली और चेहरे पर गांव जाने की ललक गाने के भाव को और मजबूत करती है। खेसारी का कैजुअल लुक शहर में रहने वाले पति की भूमिका को सही तरीके से दर्शाता है।

ऑनस्क्रीन बेटे की मौजूदगी परिवार की एकता को दिखाती है। पूरा परिवार मिलकर पिता को मनाने की कोशिश करता है। यह लुक और अभिनय गाने को सिर्फ एक छठ गीत नहीं, बल्कि एक छोटी सी पारिवारिक कहानी बना देता है। दर्शक आसानी से खुद को इन किरदारों से जोड़ सकते हैं।

छठ से पहले यह गीत क्यों चर्चा में आ रहा है?

छठ महापर्व को शुरू होने में अभी कुछ दिन बाकी हैं। ऐसे में लोग टिकट बुक कर रहे हैं, साड़ी खरीद रहे हैं और पूजा की सामग्री जुटा रहे हैं। ‘पिया बिहरिया’ की रिलीज इसी माहौल में हुई है। गाना उन लोगों की आवाज बन गया है जो शहर में रहते हुए भी गांव जाकर छठ मनाना चाहते हैं।

खेसारी लाल यादव के छठ गीत पहले भी लोकप्रिय रहे हैं। यह नया गाना भी अपनी कहानी और भावुक प्रस्तुति के कारण ध्यान खींच रहा है। सोशल मीडिया पर लोग गाने के दृश्य और लिरिक्स शेयर कर रहे हैं। छठ की तैयारी के बीच यह गीत आस्था और पारिवारिक संबंधों की याद दिला रहा है। कई दर्शक इसे सुनकर अपने गांव जाने की योजना बना रहे होंगे।

‘पिया बिहरिया’ सिर्फ एक छठ गीत नहीं है। यह शहर और गांव के बीच खिंचे उन परिवारों की कहानी है जो त्योहार के समय अपनी जड़ों से जुड़ना चाहते हैं। खेसारी लाल यादव और डिंपल सिंह की जोड़ी ने गाने को सरल और प्रभावी बनाया है। छठ की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है और यह गीत महापर्व की आस्था को और मजबूत कर रहा है। जो लोग गांव जाकर छठ मनाना चाहते हैं, उनके लिए यह गाना एक प्रेरणा बन सकता है।

Read More Here:- 

Kainchi Ki Dhaar Kaise Tez Karen: घर पर पुरानी कैंची तेज करने के 5 आसान तरीके

UGC NET December 2026: 9.60 लाख से ज्यादा रजिस्ट्रेशन, 1.69 लाख का फीस पेमेंट अभी बाकी, आखिरी मौका कल तक

Chatfishing Trend: AI से लिखवाकर पार्टनर को भेज रहे हैं रोमांटिक मैसेज? जानें रिश्तों पर इसका असर

IRCTC Tour Package: कोलकाता से वियतनाम-कंबोडिया की 9 दिन की यात्रा, किराया ₹1.64 लाख से शुरू

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.