एक्सरसाइज MILAN 2026 में शामिल ईरानी वॉरशिप IRIS Dena को अमेरिका ने डुबोया: जानें क्या है यह नौसैनिक अभ्यास और भारत की क्या है जिम्मेदारी

MILAN अभ्यास से लौटते ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से डुबोया, 87 मौतें, 32 बचाए गए

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MILAN 2026: इंडियन नेवी के 13वें बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास MILAN 2026 में हिस्सा लेने वाले ईरानी युद्धपोत IRIS Dena के साथ हिंद महासागर में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया। विशाखापत्तनम में अभ्यास खत्म करने के बाद जब यह वॉरशिप वापस ईरान लौट रहा था तब श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र के पास अमेरिकी नेवी की एक पनडुब्बी ने इस पर टॉरपीडो से हमला कर दिया।

MILAN 2026: MILAN से लौटते वक्त हुआ हमला और भारी नुकसान

हमले के कुछ ही मिनटों में यह वॉरशिप समंदर में डूब गया। जहाज पर करीब 180 सैनिक सवार थे। इस हमले में कम से कम 87 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि श्रीलंकाई नेवी ने 32 ईरानी नाविकों को बचाया। करीब 60 लोग अभी भी लापता हैं। अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी वॉरशिप को टॉरपीडो से हमला करके डुबोया गया है।

MILAN 2026: क्या है एक्सरसाइज MILAN और क्यों है यह खास?

MILAN इंडियन नेवी द्वारा आयोजित एक बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है जो हर दो साल में आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य भाग लेने वाले देशों की नौसेनाओं के बीच आपसी समझ, सहयोग और परिचालन तालमेल को बढ़ावा देना है। इस बार का MILAN 2026 अब तक का सबसे बड़ा और सबसे समावेशी संस्करण रहा:

  • इसमें रिकॉर्ड 74 देशों ने हिस्सा लिया।

  • जर्मनी, फिलीपींस और UAE ने पहली बार इसमें अपनी सैन्य संपत्तियों के साथ भाग लिया।

  • इस अभ्यास में दुनिया भर से 42 युद्धपोत और 29 सैन्य विमान शामिल हुए जिनमें 18 विदेशी युद्धपोत भी थे।

MILAN 2026: भारत की जिम्मेदारी कहां तक थी?

इस घटना के बाद एक सवाल उठ रहा है कि क्या भारत की इसमें कोई जिम्मेदारी बनती है? इसे समझने के लिए अंतरराष्ट्रीय नौसैनिक नियमों को जानना जरूरी है:

  • कमांड और कंट्रोल: अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार किसी भी देश का युद्धपोत हमेशा उसी देश की नेवी के कमांड में होता है।

  • समुद्री सीमा: जब कोई विदेशी जहाज किसी देश के बंदरगाह पर आता है तो मेजबान देश की जिम्मेदारी केवल अपनी समुद्री सीमा यानी टेरिटोरियल वाटर तक ही होती है।

  • हाई सीज नियम: जैसे ही जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र यानी हाई सीज में निकल जाता है उसकी सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी उसी देश की नेवी की होती है जिसका वह जहाज है।

भारत MILAN 2026 को विशाखापत्तनम में होस्ट कर सकता है लेकिन पूरे हिंद महासागर में हर देश के जहाज को सुरक्षा देना न तो संभव है और न ही अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार उसकी जिम्मेदारी है।

MILAN 2026: यह घटना बड़े संघर्ष का विस्तार है

इस पूरे घटनाक्रम को सही परिप्रेक्ष्य में देखना जरूरी है। IRIS Dena पर हमला अचानक और अलग-थलग नहीं हुआ है। यह मध्य-पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे भीषण युद्ध का हिंद महासागर तक विस्तार है। दूसरे शब्दों में यह उसी युद्ध का एक और मोर्चा है जो पहले से खुला हुआ है। इस घटना को भारत की जिम्मेदारी या MILAN अभ्यास से जोड़कर देखना न तो अंतरराष्ट्रीय नियमों की दृष्टि से उचित है और न ही जमीनी हकीकत के लिहाज से सही।

MILAN 2026: निष्कर्ष और मानवीय संवेदना

भारत के विदेश मंत्रालय ने उन दावों को भी खारिज किया है जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिकी नेवी ईरान पर हमलों के लिए भारत के बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है। भारत में इस दुखद घटना पर स्वाभाविक रूप से चिंता जताई गई है। समंदर में इतने सैनिकों की जान जाना हर संवेदनशील इंसान और देश के लिए दुख की बात है।

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