Iran-US War: होर्मुज जलडमरूमध्य पर भीषण समुद्री जंग, अमेरिका ने ईरान की 10 से ज्यादा माइन-बोट डुबाईं, ट्रंप की कड़ी चेतावनी
होर्मुज में US-Iran War, 10 बोट्स तबाह; 6,000 माइन्स से तेल सप्लाई पर बड़ा खतरा
Iran-US War: मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध बुधवार को अपने 12वें दिन में प्रवेश कर गया है और यह लगातार और भीषण होता जा रहा है। जो जंग पहले हवाई हमलों तक सीमित थी वह अब समुद्र में भी फैल गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज यानी होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच सीधा नौसैनिक टकराव शुरू हो गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसने ईरानी नौसेना की माइन्स बिछाने वाली 10 से ज्यादा बोट्स को नष्ट कर दिया है। दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में हजारों खतरनाक समुद्री माइन्स बिछा दी हैं। इस टकराव से पूरी दुनिया में तेल आपूर्ति का संकट और गहरा होता जा रहा है।
Iran-US War: 10 से ज्यादा ईरानी बोट्स तबाह
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक वीडियो जारी करके दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना की माइन्स बिछाने वाली 10 से अधिक बोट्स को नष्ट कर दिया है। इस वीडियो में ईरानी जहाजों और पनडुब्बियों पर हमले होते दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद होर्मुज में ईरानी नौसेना की ताकत काफी हद तक खत्म हो गई है और अब ईरान किसी भी मालवाहक जहाज को आसानी से निशाना नहीं बना सकेगा। खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी और इसे अमेरिकी नौसेना की बड़ी उपलब्धि बताया।
6,000 माइन्स बिछाईं होर्मुज में
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने भी बड़ा कदम उठाया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री माइन्स बिछाने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान के पास करीब 6,000 माइन्स हैं जिन्हें इस मात्र 2 मील चौड़े चोकिंग पॉइंट पर तैनात किया जा रहा है। सबसे खतरनाक बात यह है कि इनमें से कुछ माइन्स अत्यंत उन्नत तकनीक की हैं जो सेंसर के जरिए फटती हैं और इन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल है। ईरान के एक कमांडर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि दुश्मन देशों का कोई भी जहाज होर्मुज से नहीं गुजरेगा। उन्होंने कहा कि जिसे शक हो वह पास आकर कोशिश करके देख ले।
ईरान ने इसके साथ ही एक जवाबी हमले का वीडियो भी जारी किया जिसमें एक साथ कई मिसाइलें आसमान में उठती दिखाई दे रही हैं। यह वीडियो दुनियाभर में वायरल हो गया है।
Iran-US War: माइन्स हटाओ वरना महंगा पड़ेगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी माइन्स तुरंत हटा ले वरना इसके बेहद खतरनाक अंजाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने यह भी कहा था कि अगर ईरान ने तेल रोका तो उस पर 20 गुना ज्यादा जोरदार हमला होगा। दूसरी तरफ ईरान ने ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि यह जंग कब खत्म होगी यह अमेरिका नहीं बल्कि ईरान तय करेगा।
होर्मुज क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब 20 फीसदी इसी रास्ते से गुजरता है। भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरत का 55 फीसदी होर्मुज के रास्ते मंगाता है। इसके अलावा जापान, दक्षिण कोरिया, चीन और यूरोपीय देशों के लिए भी यह जलमार्ग बेहद जरूरी है। जब से यह रास्ता बाधित हुआ है कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी हैं और विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर संकट और लंबा खिंचा तो कीमत 150 डॉलर तक जा सकती है।
Iran-US War: अमेरिका का उलझा दावा
इस पूरे संकट के बीच अमेरिका की एक शर्मनाक स्थिति भी सामने आई। अमेरिका ने पहले दावा किया था कि उसकी नौसेना ने होर्मुज से एक मालवाहक जहाज को सफलतापूर्वक एस्कॉर्ट किया है जिससे यह संकेत मिला था कि जलमार्ग खुल रहा है। लेकिन कुछ ही देर बाद यह दावा वापस ले लिया गया। अमेरिकी एनर्जी सेक्रेटरी ने अपना संबंधित पोस्ट डिलीट कर दिया और ट्रंप प्रशासन को सफाई देनी पड़ी। इससे साफ है कि होर्मुज को खोलना अभी भी उतना आसान नहीं है जितना अमेरिका बताने की कोशिश कर रहा था।
UAE और बहरीन में बजे सायरन – खाड़ी देशों तक फैली जंग
युद्ध अब सिर्फ ईरान और अमेरिका-इजरायल तक सीमित नहीं रहा। ईरान ने UAE और बहरीन में भी हमले किए जिसके बाद इन देशों में एयर रेड सायरन बजाए गए। सऊदी अरब और कतर ने ईरानी ड्रोन मार गिराए। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव का माहौल है। खाड़ी सहयोग परिषद के सदस्य देश अब सीधे इस संघर्ष की जद में आ गए हैं।
Iran-US War: भारत पर असर – तेल से लेकर खाद तक संकट
इस युद्ध का भारत पर बहुआयामी असर पड़ रहा है। शेयर बाजार में भारी उथलपुथल मची हुई है। कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति रुक गई है जिससे पुणे में श्मशान घाट और बेंगलुरु में होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आई है। DAP और यूरिया खाद की कीमतें बढ़ रही हैं। मुंबई बंदरगाह पर 1250 से ज्यादा कृषि निर्यात कंटेनर अटके हुए हैं। पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। युद्ध जितना लंबा खिंचेगा भारत पर आर्थिक दबाव उतना ही बढ़ता जाएगा।
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