iPhone Prices Hike: iPhone और Apple प्रोडक्ट होंगे महंगे, CEO टिम कुक ने Wall Street Journal को दिए इंटरव्यू में दिए साफ संकेत
iPhone Prices Hike: Apple के टिम कुक के संकेत, अब और महंगे होंगे iPhone और Mac
iPhone Prices Hike: अगर आपके मन में नया iPhone या कोई Apple डिवाइस खरीदने का प्लान चल रहा है तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। Apple के CEO टिम कुक ने एक बड़े अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में कंपनी के कुछ प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके पीछे की वजह कोई नई टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेतहाशा बढ़ती मांग है, जिसने पूरी दुनिया में मेमोरी चिप्स की सप्लाई को बिगाड़ दिया है।
अब तक Apple कोशिश करता रहा कि बढ़ती लागत का बोझ सीधे ग्राहकों पर न पड़े। लेकिन टिम कुक का कहना है कि यह सिलसिला अब ज्यादा देर तक नहीं चल सकता। जो लोग iPhone 17 या आने वाले किसी भी नए Apple प्रोडक्ट का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें पहले से ज्यादा पैसे खर्च करने की तैयारी रखनी होगी।
iPhone Prices Hike: टिम कुक ने क्या कहा और कहां कहा
Wall Street Journal को दिए एक इंटरव्यू में Apple के CEO टिम कुक ने यह बात कही। उन्होंने बताया कि कंपनी ने लंबे समय तक सप्लायर्स की बढ़ती कीमतों को खुद झेला और ग्राहकों तक वह बोझ नहीं पहुंचने दिया। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
टिम कुक ने खास तौर पर मेमोरी चिप्स की कमी का जिक्र किया। उनका कहना था कि AI सर्वर्स के लिए दुनियाभर में बड़े पैमाने पर मेमोरी रिजर्व की जा रही है। इसकी वजह से आम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे स्मार्टफोन और लैपटॉप के लिए चिप्स की उपलब्धता कम होती जा रही है।
टिम कुक Apple के सबसे लंबे समय तक CEO रहने वाले नेताओं में से एक हैं। उन्होंने 2011 में Steve Jobs के बाद यह जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में Apple दुनिया की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली कंपनियों में शामिल हो गई।
AI की वजह से चिप्स की किल्लत कैसे हुई
यह समझना जरूरी है कि AI और iPhone की कीमत का क्या कनेक्शन है। दुनियाभर में जितनी भी बड़ी AI कंपनियां हैं, वो अभी डेटा सेंटर और सर्वर बनाने में पानी की तरह पैसा बहा रही हैं। इन सर्वर्स में सबसे ज्यादा जरूरत पड़ती है मेमोरी चिप्स की। यही चिप्स आपके फोन में, लैपटॉप में, टैबलेट में और गेमिंग कंसोल में भी लगते हैं।
जब AI कंपनियां इन चिप्स को बड़े पैमाने पर खरीदने लगीं तो बाजार में सप्लाई कम हो गई। मांग बढ़ी, सप्लाई घटी और जाहिर है कीमतें चढ़ गईं। इसका सीधा असर उन सभी कंपनियों पर पड़ा जो स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान बनाती हैं।
Apple जैसी कंपनी के लिए यह खासतौर पर मुश्किल इसलिए हो गई क्योंकि iPhone में इस्तेमाल होने वाले चिप्स बेहद उन्नत और महंगे होते हैं। जब उनकी लागत बढ़ती है तो उसका असर डिवाइस की कीमत पर आता है।
Apple ने अब तक कीमतें क्यों नहीं बढ़ाईं
यह एक वाजिब सवाल है। जब लागत बढ़ रही थी तो Apple ने पहले क्यों नहीं दाम बढ़ाए? इसका जवाब है बाजार की प्रतिस्पर्धा। Apple के मुकाबले Samsung, Google और कई दूसरी कंपनियां भी हैं। अगर Apple अचानक कीमतें बढ़ाता तो ग्राहक दूसरे ब्रांड की तरफ जा सकते थे। इसलिए कंपनी ने बढ़ती लागत का बोझ खुद उठाया।
लेकिन यह सिलसिला हमेशा नहीं चल सकता। एक वक्त आता है जब कंपनी के लिए घाटा उठाते रहना मुश्किल हो जाता है। टिम कुक का इंटरव्यू यही संकेत दे रहा है कि वो वक्त अब करीब आ रहा है।
कौन से Apple प्रोडक्ट होंगे महंगे
टिम कुक ने इंटरव्यू में यह साफ नहीं किया कि किन प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ेंगी और कब से। लेकिन जानकारों का मानना है कि iPhone सबसे पहले इस बदलाव की चपेट में आ सकता है क्योंकि यही Apple का सबसे ज्यादा बिकने वाला प्रोडक्ट है। इसके अलावा MacBook, iPad और Apple Watch जैसे प्रोडक्ट्स भी इससे बाहर नहीं होंगे। ये सभी डिवाइस उन्हीं चिप्स का इस्तेमाल करते हैं जिनकी कीमतें बढ़ रही हैं।
भारत में iPhone पहले से ही काफी महंगा है। एक बेसिक iPhone 15 की कीमत भारत में 70,000 रुपये से ऊपर है और नए मॉडल्स तो एक लाख रुपये से भी अधिक में आते हैं। अगर कीमतें और बढ़ीं तो भारतीय खरीदारों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
iPhone Prices Hike: भारत में Apple की बढ़ती पकड़ और ग्राहकों पर असर
पिछले कुछ सालों में भारत Apple के लिए एक बहुत बड़ा बाजार बन गया है। कंपनी ने यहां अपनी मैन्युफैक्चरिंग भी शुरू की है। चेन्नई और हैदराबाद में iPhone बनाए जा रहे हैं।
भारत में बने iPhone पर कुछ टैक्स राहत मिलती है लेकिन अगर कच्चे माल यानी चिप्स की कीमतें बढ़ती हैं तो यह फायदा कम हो सकता है। भारतीय ग्राहक जो पहले से ही महंगे दामों में Apple प्रोडक्ट खरीदते हैं, उन्हें और ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।
सोशल मीडिया पर इस खबर के आने के बाद से कई लोगों ने अपनी राय जाहिर की है। कुछ लोगों ने लिखा कि वो अभी ही नया iPhone खरीद लेंगे, जबकि कुछ ने कहा कि इतनी महंगी कीमतों पर Apple खरीदना मुश्किल हो जाएगा।
iPhone Prices Hike: क्या यह सिर्फ Apple की समस्या है
नहीं। यह पूरी टेक इंडस्ट्री की समस्या है। Samsung भी इसी चुनौती से गुजर रही है। OnePlus, Xiaomi और दूसरी स्मार्टफोन कंपनियां भी चिप्स की बढ़ती कीमतों से जूझ रही हैं।
फर्क यह है कि Apple जैसी कंपनी इसे ज्यादा देर तक छुपा सकती है क्योंकि उसके पास बड़ा कैश रिजर्व है। लेकिन जब दुनिया की सबसे अमीर टेक कंपनी भी कह दे कि अब और नहीं झेल सकते तो यह पूरे बाजार के लिए एक संकेत है।
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