भारत-अमेरिका व्यापार,- जनवरी में निर्यात 21.77% गिरकर 6.6 अरब डॉलर, आयात 23.71% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर पहुंचा
अमेरिकी टैरिफ से निर्यात 6.6 अरब डॉलर पर, आयात 23.71% बढ़कर 4.5 अरब डॉलर, व्यापार अधिशेष घटा
India-US Trade Deal: अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ के प्रभाव से जनवरी 2026 में अमेरिका को भारत का वस्तु निर्यात 21.77 प्रतिशत की तीव्र गिरावट के साथ 6.6 अरब डॉलर रह गया। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका से भारत का आयात 23.71 प्रतिशत की उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ 4.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा सोमवार को जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।
India-US Trade Deal: टैरिफ युद्ध का भारतीय निर्यात पर प्रभाव
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अमेरिकी प्रशासन ने 27 अगस्त 2025 से भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लागू किया था, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय निर्यात पर पड़ा।
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जनवरी 2026 में निर्यात में आई 21.77 प्रतिशत की गिरावट पिछले कई महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है।
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प्रभावित क्षेत्र: विशेष रूप से कपड़ा, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों को इस टैरिफ वृद्धि का सबसे अधिक नुकसान हुआ है।
India-US Trade Deal: अमेरिका से आयात में तेज वृद्धि
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जनवरी 2026 में अमेरिका से भारत का आयात 23.71 प्रतिशत बढ़कर 4.5 अरब डॉलर हो गया।
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प्रमुख आयात: भारत मुख्य रूप से अमेरिका से कच्चा तेल, तरल प्राकृतिक गैस (LNG), इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, विमान और विमान पुर्जे, रसायन, और कृषि उत्पादों का आयात करता है।
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व्यापार अधिशेष: जनवरी 2026 में भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष मात्र 2.1 अरब डॉलर रह गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 4.8 अरब डॉलर था।
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता
बढ़ते व्यापारिक तनाव को कम करने के लिए हाल ही में एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति हुई है:
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अमेरिका ने 7 फरवरी 2026 से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25 प्रतिशत के पेनल्टी टैरिफ को हटा दिया है। * रेसिप्रोकल टैरिफ (पारसंगिक शुल्क) को भी 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।
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दोनों देशों ने एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में काम करने का भी संकेत दिया है।
India-US Trade Deal: चीन के साथ व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि
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निर्यात: जनवरी 2026 में चीन को भारत का निर्यात 55.65 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.63 अरब डॉलर हो गया।
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आयात: चीन से भारत का आयात 16.67 प्रतिशत बढ़कर 12.23 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
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व्यापार घाटा: भारत का चीन के साथ व्यापार घाटा जनवरी में 10.6 अरब डॉलर रहा, जो चिंताजनक है।
India-US Trade Deal: अन्य प्रमुख व्यापारिक भागीदारों के साथ स्थिति
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निर्यात में बढ़ोतरी: संयुक्त अरब अमीरात (18%), नीदरलैंड (24%), जर्मनी, सऊदी अरब, इटली, हांगकांग, स्पेन, बेल्जियम, मलेशिया और वियतनाम।
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निर्यात में गिरावट: ब्रिटेन (-12%), बांग्लादेश (-8%), सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और ब्राजील।
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आयात में विशेष वृद्धि: स्विट्जरलैंड से आयात में 836.85 प्रतिशत की चौंकाने वाली वृद्धि हुई (3.95 अरब डॉलर), जो मुख्य रूप से सोने के आयात के कारण हुई।
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आयात में गिरावट: रूस (-15%), इराक (-10%), दक्षिण कोरिया, जर्मनी, थाइलैंड और ऑस्ट्रेलिया।
India-US Trade Deal: व्यापार घाटे पर चिंताएं
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जनवरी 2026 में भारत का कुल व्यापार घाटा लगभग 22 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 18 अरब डॉलर था।
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बढ़ता व्यापार घाटा चालू खाता घाटे (CAD) पर दबाव डालता है और रुपये की विनिमय दर को प्रभावित करता है।
निष्कर्ष: जनवरी 2026 के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि वैश्विक व्यापार परिदृश्य में अनिश्चितता बनी हुई है। टैरिफ युद्ध और वैश्विक आर्थिक मंदी की आशंकाएं भारत के निर्यात प्रदर्शन को प्रभावित कर रही हैं। हालांकि, दीर्घकालिक दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है और सरकार के प्रयासों से आने वाले महीनों में सुधार की उम्मीद है।
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