भारत का रिटेल बाजार बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन, 2035 तक ₹210 लाख करोड़ पार होगा कारोबार

2025 के ₹90-95 लाख करोड़ से दोगुना, एआई और एजेंटिक कॉमर्स से 40-60% प्रदर्शन लाभ

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India Retail Market 2026: भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से दुनिया की प्रमुख शक्तियों को पीछे छोड़ रही है और इस विकास गाथा में देश का खुदरा क्षेत्र सबसे बड़ा नायक बनकर उभर रहा है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) ने मुंबई में आयोजित रिटेल लीडरशिप समिट 2026 में एक ऐतिहासिक रिपोर्ट जारी की है जिसका शीर्षक है ‘Winning Codes for Retail 2035: Capturing the ₹200 Trillion Prize’। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत का रिटेल मार्केट 2035 तक ₹210-215 लाख करोड़ के विशाल आकार तक पहुंच सकता है, जो 2025 के ₹90-95 लाख करोड़ से दोगुने से भी ज्यादा है। यानी अगले एक दशक में देश के खुदरा बाजार में करीब ₹120 लाख करोड़ की नई संपदा जुड़ने जा रही है। यह आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं हैं, बल्कि भारत के आर्थिक भविष्य की एक शानदार तस्वीर पेश करते हैं।

भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था है इस विकास की नींव

भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। साल 2025 में देश की जीडीपी विकास दर 8 प्रतिशत रही, जो वैश्विक स्तर पर किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था से अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। इस आर्थिक ताकत के पीछे मजबूत निजी उपभोग, विवेकाधीन खर्च में बढ़ोतरी और सेवा क्षेत्र की तेज रफ्तार प्रमुख कारक हैं। जैसे-जैसे भारतीयों की आय बढ़ रही है, उनकी खर्च करने की क्षमता और इच्छा दोनों में इजाफा हो रहा है। यही उपभोग की ताकत भारत के रिटेल बाजार को अगले दशक में दोगुना करने की बुनियाद तैयार कर रही है।

India Retail Market 2026: एआई और एजेंटिक कॉमर्स बदल रहे हैं खरीदारी का तरीका

BCG-RAI की रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका को लेकर है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में इंटरनेट अपनाने की दर 2016 के बाद से तीन गुना से अधिक बढ़ी है, जिसने जेनरेटिव एआई जैसी नई तकनीकों के लिए जबरदस्त अपनाने की क्षमता पैदा की है। इसी से जन्म हुआ है एजेंटिक कॉमर्स का, जहां एआई एजेंट उपभोक्ताओं के लिए उत्पाद खोजने, मूल्यांकन करने और खरीदारी के फैसले लेने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। BCG के मैनेजिंग डायरेक्टर और पार्टनर भरत मिमानी के अनुसार भारत की मजबूत डिजिटल अपनाने की प्रवृत्ति को देखते हुए शहरी भारत में एआई-नेतृत्व वाली शॉपिंग यात्राएं तेजी से बढ़ेंगी, खासतौर पर जेन जी उपभोक्ताओं के बीच। वैश्विक स्तर पर 42 प्रतिशत शहरी अमेरिकी उपभोक्ता पहले से ही जेनएआई का उपयोग कर रहे हैं और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

रिटेलर्स के लिए 40-60 प्रतिशत तक बढ़ सकता है प्रदर्शन

रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि जो रिटेलर्स एआई को सिर्फ एक प्रयोग के रूप में नहीं बल्कि पूरी व्यापार प्रणाली में अपनाएंगे, उन्हें भारी फायदा होगा। मर्चेंडाइजिंग, सप्लाई चेन, मार्केटिंग और ग्राहक सेवा में एंड-टू-एंड एआई ट्रांसफॉर्मेशन अपनाने वाले रिटेलर्स को 40-60 प्रतिशत तक का प्रदर्शन लाभ मिल सकता है। यह आंकड़ा उन 10-15 प्रतिशत सुधारों से कहीं ज्यादा है जो अलग-अलग छोटे-छोटे एआई प्रयोगों से हासिल होते हैं। BCG के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीनियर पार्टनर अभीक सिंघी के अनुसार भारत का रिटेल सेक्टर एक प्रेरणादायक कहानी है और ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों ही माध्यमों में ऑपरेटिंग कैश फ्लो में स्पष्ट सुधार दिख रहा है। भविष्य के विजेता वही होंगे जिनके पास स्पष्ट वैल्यू प्रपोजिशन, बड़े पैमाने पर एआई का उपयोग और उत्कृष्ट कार्यान्वयन क्षमता होगी।

India Retail Market 2026: उपभोक्ता व्यवहार में आ रहा है बड़ा बदलाव

भारतीय उपभोक्ता तेजी से बदल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2026 में भारत के रिटेल सेक्टर में तीन समानांतर स्थितियां दिख रही हैं। पहली, मांग मजबूत बनी हुई है। दूसरी, उपभोक्ता पहले से कहीं ज्यादा सजग और चयनशील हो रहे हैं। तीसरी, रिटेलर्स नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आज का भारतीय ग्राहक सिर्फ सस्ती कीमत नहीं चाहता, बल्कि वह सुविधा, गुणवत्ता और ब्रांड से अलग पहचान की मांग करता है। टियर-3 और टियर-4 शहरों में भी उपभोग बढ़ रहा है और बड़ी रिटेल कंपनियां इन बाजारों के लिए स्थानीय प्रारूप और उत्पाद श्रृंखला तैयार कर रही हैं। क्विक कॉमर्स भी तेजी से बढ़ रहा है और अब कंपनियां केवल विस्तार नहीं बल्कि मुनाफे पर भी ध्यान दे रही हैं।

अगले दशक के विजेता रिटेलर्स कैसे होंगे?

RAI के सीईओ कुमार राजगोपालन के अनुसार अगले दशक का ₹200 लाख करोड़ का अवसर सिर्फ बिक्री बढ़ाने से नहीं पकड़ा जा सकता। इसके लिए रिटेलर्स को स्पष्ट बिजनेस मॉडल चुनाव करने होंगे, शॉपर यात्रा में एआई को शामिल करना होगा, एजेंट-नेतृत्व वाले कार्यों के लिए एआई का लाभ उठाना होगा और प्रतिभा तथा संचालन मॉडल को नए सिरे से तैयार करना होगा। रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि सफलता उन्हीं को मिलेगी जो डिजिटल परिवर्तन को एक बार की परियोजना नहीं बल्कि निरंतर अनुशासन के रूप में अपनाएंगे। हर प्रारूप, हर चैनल और हर मूल्य बिंदु पर लगातार विश्वसनीय अनुभव देने वाले खुदरा विक्रेता ही बाजार में अपनी जगह बना पाएंगे।

India Retail Market 2026: भारतीय रिटेल का भविष्य उज्ज्वल लेकिन चुनौतियां भी हैं

₹200 लाख करोड़ का यह अवसर विशाल है लेकिन इसे हासिल करना आसान नहीं होगा। रिटेलर्स को पारंपरिक व्यापार मॉडल से आगे बढ़कर स्पष्ट उपभोक्ता फोकस सेगमेंट तय करने होंगे और सभी को एक साथ आकर्षित करने की कोशिश छोड़नी होगी। सप्लाई चेन अब प्रतिस्पर्धा का सबसे महत्वपूर्ण हथियार बन रहा है और बड़ी कंपनियां इसमें भारी निवेश कर रही हैं। इसके साथ ही कर्मचारियों की रीस्किलिंग और टैलेंट ट्रांसफॉर्मेशन भी बड़ी चुनौती है। जो कंपनियां अभी से अपनी रणनीति में एआई-नेतृत्व वाले कॉमर्स और व्यक्तिगत अनुभवों को शामिल करेंगी, वही भविष्य में बाजार का सबसे बड़ा हिस्सा हासिल कर पाएंगी। भारत का खुदरा क्षेत्र विकास के अपने सबसे रोमांचक दौर में प्रवेश कर रहा है और इसका लाभ उन सभी को मिलेगा जो बदलाव को अपनाने के लिए तैयार हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख BCG और RAI की रिपोर्ट पर आधारित है और केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। किसी भी व्यापारिक या निवेश निर्णय से पहले विशेषज्ञ सलाह अवश्य लें।

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