ग्वालियर में कांग्रेस विधायक सुरेश राजे की कार पर 10 हजार का चालान: अनाधिकृत हूटर लगाने पर मोबाइल कोर्ट ने की सख्त कार्रवाई, विधायक बोले- जब तक सबके हूटर नहीं हटेंगे, हमारे भी दिखेंगे
ग्वालियर में मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई, कांग्रेस विधायक की स्कॉर्पियो में अनाधिकृत हूटर लगाने पर 10 हजार का चालान कटा
Gwalior news: कानून किसी के लिए नहीं रुकता, यह बात मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार को फिर एक बार सिद्ध हो गई जब यातायात नियमों की जांच के दौरान एक विधायक की गाड़ी भी चालान की चपेट में आ गई।
Gwalior news: ग्वालियर में मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई क्या थी
ग्वालियर के डबरा सिविल न्यायालय के सभी मजिस्ट्रेटों ने मंगलवार को शहर के पिछोर तिराहे पर मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया। पुलिस बल के साथ मिलकर इस अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। इस विशेष जांच अभियान में नाबालिग चालकों सहित दर्जनों वाहनों के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जिन वाहन चालकों के पास जरूरी कागजात नहीं थे या जो नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई।
Gwalior news: कितने वाहनों का हुआ चालान और कितने जब्त किए गए
इस पूरी कार्रवाई में 40 से अधिक वाहनों का चालान किया गया। इसके अलावा कई वाहनों को मौके पर ही जब्त करके सिटी थाना परिसर में रखवाया गया। यह संख्या इस बात का प्रमाण है कि ग्वालियर की सड़कों पर यातायात नियमों का उल्लंघन कितने बड़े पैमाने पर हो रहा था। प्रशासन ने इस कार्रवाई को शहर में नियमित रूप से जारी रखने का संकेत भी दिया है।
Gwalior news: विधायक सुरेश राजे की कार पर कैसे हुई कार्रवाई
वाहन जांच के दौरान जब कांग्रेस विधायक सुरेश राजे की काली रंग की स्कॉर्पियो कार उस इलाके से गुजरी, तब मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों ने उसे रोका। जांच में पाया गया कि गाड़ी में अनाधिकृत हूटर लगा हुआ था। यह हूटर लगाना सीधे तौर पर मोटर वाहन कानून का उल्लंघन है क्योंकि हूटर का उपयोग केवल निर्धारित सरकारी अधिकारियों और आपात वाहनों के लिए ही अनुमति है। विधायक उस समय स्वयं अपनी गाड़ी में बैठे हुए थे और उन्हीं की मौजूदगी में 10 हजार रुपए का चालान काटा गया।
Gwalior news: विधायक सुरेश राजे ने चालान पर क्या कहा
चालान कटने के बाद कांग्रेस विधायक सुरेश राजे ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैंने न्यायालय की प्रक्रिया का पालन किया है। यह अगर सब पर लागू हो तो इनकी गरिमा बढ़ेगी।” हूटर हटाने के सवाल पर विधायक ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “हम ने न्यायालय के आदेश का पालन किया है लेकिन हमारे हूटर दोबारा दिखेंगे क्योंकि जब तक प्रदेश में सभी सत्ताधारियों के हूटर नहीं हट जाते, तब तक हमारे भी हूटर दिखेंगे।”
Gwalior news: हूटर लगाना कानूनी रूप से कितना गलत है
मोटर वाहन अधिनियम के तहत निजी वाहनों में हूटर या प्रेशर हॉर्न लगाना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। इस नियम का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। कानूनी जानकारों के अनुसार, “हूटर का दुरुपयोग न केवल यातायात व्यवस्था को बाधित करता है बल्कि यह आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का माहौल भी पैदा करता है। चाहे व्यक्ति कितने भी बड़े पद पर हो, कानून सबके लिए समान है।”
Gwalior news: इस कार्रवाई का आम जनता और यातायात व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई का उद्देश्य आम जनता में यह संदेश पहुंचाना है कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। जब एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की कार पर भी कानून के तहत कार्रवाई होती है, तो इसका व्यापक सामाजिक संदेश जाता है। इससे आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और यह भरोसा मजबूत होता है कि कानून के सामने सब बराबर हैं।
Gwalior news: क्या यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, ग्वालियर में इस तरह के मोबाइल कोर्ट अभियान आगे भी समय समय पर चलाए जाएंगे। शहर के अलग अलग चौराहों और व्यस्त इलाकों में इस तरह की जांच को नियमित बनाने की योजना है। नाबालिग वाहन चालकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा क्योंकि इस श्रेणी में दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रशासन चाहता है कि लोग यातायात नियमों को जिम्मेदारी की भावना से अपनाएं।
निष्कर्ष
ग्वालियर में मोबाइल कोर्ट की यह कार्रवाई इस बात का उदाहरण है कि जब प्रशासन और न्यायपालिका मिलकर कार्य करते हैं तो कानून का डंडा बराबरी से चलता है। विधायक की कार पर चालान होना इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि इसलिए है कि इससे यह स्पष्ट संदेश गया कि यातायात नियम सबके लिए समान रूप से लागू होते हैं। जनता को भी चाहिए कि वह इस घटना से सीख लेकर नियमों का पालन करे।
read more here