बदलते मौसम में त्वचा का निखार बरकरार रखे हल्दी का उबटन, जानें घर पर बनाने की आसान विधि

दादी-नानी के जमाने का यह नुस्खा त्वचा को देगा प्राकृतिक चमक, मुंहासे और दाग-धब्बों से मिलेगी मुक्ति

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How to Make Haldi ka Ubtan: बदलते मौसम का सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। गर्मी से ठंड या ठंड से गर्मी में बदलाव के दौरान त्वचा अक्सर रूखी, बेजान और बेरंग हो जाती है। ऐसे में महंगे कॉस्मेटिक उत्पादों के बजाय घर पर बनाए गए प्राकृतिक उबटन का उपयोग न केवल सुरक्षित है बल्कि अत्यंत प्रभावी भी है। हल्दी का उबटन सदियों से भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है और इसके औषधीय गुण त्वचा की सेहत के लिए वरदान माने जाते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है। अगर आप भी अपनी स्किन हेल्थ को सुधारना चाहते हैं और प्राकृतिक चमक पाना चाहते हैं, तो हल्दी के उबटन को अपने स्किनकेयर रूटीन का हिस्सा बनाएं। आइए जानते हैं घर पर हल्दी का उबटन बनाने की विधि, इस्तेमाल का सही तरीका और इसके अद्भुत फायदे।

How to Make Haldi ka Ubtan: हल्दी का उबटन बनाने की सामग्री

हल्दी का उबटन बनाने के लिए आपको केवल तीन मुख्य सामग्रियों की आवश्यकता होगी, जो लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से उपलब्ध हैं। सबसे पहले आपको एक चम्मच हल्दी पाउडर चाहिए। हल्दी को त्वचा के लिए सबसे फायदेमंद मसाला माना जाता है। यह त्वचा को निखारने, दाग-धब्बे हटाने और संक्रमण से बचाने में मदद करती है। दूसरी आवश्यक सामग्री है दो चम्मच बेसन। बेसन एक प्राकृतिक क्लींजर है जो त्वचा की गहराई से सफाई करता है, अतिरिक्त तेल को सोखता है और डेड स्किन सेल्स को हटाता है। तीसरी चीज है दूध या दही। दूध में मौजूद लैक्टिक एसिड त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और चमकदार बनाता है। वहीं दही में प्रोबायोटिक्स होते हैं जो त्वचा के पीएच बैलेंस को बनाए रखते हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो दही का उपयोग करें, और अगर रूखी है तो दूध बेहतर विकल्प है।

उबटन बनाने की विस्तृत विधि

हल्दी का उबटन बनाना बेहद आसान है और इसमें मुश्किल से पांच मिनट का समय लगता है। सबसे पहले एक साफ कांच या चीनी मिट्टी की कटोरी लें। प्लास्टिक की कटोरी का उपयोग न करें क्योंकि हल्दी से दाग लग सकता है। इस कटोरी में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें। ध्यान रखें कि हल्दी शुद्ध और बिना किसी मिलावट की हो। अगर संभव हो तो कच्ची हल्दी को पीसकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। अब इसमें दो चम्मच बेसन मिलाएं। बेसन ताजा और बारीक पिसा हुआ होना चाहिए। अब धीरे-धीरे दूध या दही मिलाना शुरू करें। पहले थोड़ा सा मिलाएं और चम्मच से अच्छी तरह मिश्रण करें। फिर आवश्यकतानुसार और दूध या दही मिलाते रहें। आपका लक्ष्य एक स्मूद और क्रीमी पेस्ट तैयार करना है जो बहुत पतला न हो और न ही बहुत गाढ़ा। पेस्ट की कंसिस्टेंसी ऐसी होनी चाहिए कि वह आसानी से चेहरे पर लगाया जा सके और टपके नहीं। सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर एक समान पेस्ट तैयार कर लें। आपका हल्दी का उबटन बनकर तैयार है।

How to Make Haldi ka Ubtan: उबटन लगाने की सही विधि

उबटन को सही तरीके से लगाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि उसे बनाना। सबसे पहले अपने चेहरे को गुनगुने पानी से धो लें ताकि त्वचा के छिद्र खुल जाएं। फिर चेहरे को तौलिए से हल्के हाथों से थपथपाकर सुखाएं। अब हल्दी के उबटन को अपनी उंगलियों या एक साफ ब्रश की मदद से चेहरे पर लगाना शुरू करें। गोलाकार गति में मसाज करते हुए उबटन लगाएं। यह मसाज ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है और त्वचा को ग्लो देती है। चेहरे के साथ-साथ गर्दन पर भी उबटन अवश्य लगाएं क्योंकि गर्दन की त्वचा भी उतनी ही संवेदनशील होती है। आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा पर सावधानी से लगाएं। अगर आप बेहतर और दीर्घकालिक परिणाम चाहते हैं, तो उबटन को चेहरे पर 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें। इस दौरान आप आराम से लेट सकते हैं या बैठकर कुछ पढ़ सकते हैं। जब उबटन सूखने लगे और हल्का कड़ा महसूस हो, तब समझ जाएं कि यह धोने का समय हो गया है।

धोने का सही तरीका

उबटन को धोना भी एक कला है। सीधे पानी से धोने के बजाय, पहले अपने हाथों को गीला करें और चेहरे पर हल्की मसाज करें। यह स्क्रबिंग का काम करेगी और डेड स्किन सेल्स हट जाएंगे। फिर गुनगुने पानी से चेहरा अच्छी तरह धो लें। सुनिश्चित करें कि हल्दी का कोई भी अंश चेहरे पर न रहे, खासकर बालों की लाइन के पास और गर्दन के क्षेत्र में। अंत में ठंडे पानी के छींटे मारें ताकि त्वचा के छिद्र बंद हो जाएं। चेहरे को मुलायम तौलिए से थपथपाकर सुखाएं, रगड़ें नहीं। फिर अपना नियमित मॉइस्चराइजर लगा लें। हल्दी का उबटन लगाने के तुरंत बाद आप अपनी त्वचा में ताजगी और चमक महसूस करेंगे।

How to Make Haldi ka Ubtan: त्वचा के लिए अद्भुत फायदे

हल्दी का उबटन त्वचा को चौतरफा लाभ पहुंचाता है। सबसे पहला और महत्वपूर्ण फायदा है मुंहासों और पिंपल्स से छुटकारा। हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारते हैं और सूजन कम करते हैं। नियमित उपयोग से मुंहासों के निशान भी धीरे-धीरे हल्के पड़ने लगते हैं। दूसरा बड़ा फायदा है दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन में कमी। हल्दी त्वचा की टोन को एकसमान बनाती है और काले धब्बों को हल्का करती है। अगर आपके चेहरे पर धूप की वजह से टैन आ गई है, तो यह उबटन टैन हटाने में भी मदद करता है। तीसरा महत्वपूर्ण लाभ है त्वचा की रंगत में सुधार। पुराने जमाने से दुल्हन-दूल्हे को शादी से पहले हल्दी का उबटन इसीलिए लगाया जाता था ताकि उनकी त्वचा निखर जाए।

एंटी-एजिंग गुण

हल्दी के उबटन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से लड़ते हैं जो उम्र बढ़ने के मुख्य कारण हैं। नियमित उपयोग से महीन रेखाएं और झुर्रियां कम होती हैं। त्वचा की लोच बनी रहती है और वह जवान दिखती है। बेसन त्वचा को टाइट करने में मदद करता है जिससे ढीली पड़ती त्वचा में कसाव आता है। दूध या दही में मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स त्वचा को पोषण देते हैं और उसे स्वस्थ बनाए रखते हैं।

How to Make Haldi ka Ubtan: त्वचा के प्रकार के अनुसार बदलाव

विभिन्न त्वचा प्रकारों के लिए आप उबटन में थोड़ा बदलाव कर सकते हैं। अगर आपकी त्वचा तैलीय है, तो दूध की जगह दही या नींबू के रस की कुछ बूंदें मिला सकते हैं। नींबू का रस अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है। रूखी त्वचा के लिए दूध के साथ थोड़ा सा शहद या ग्लिसरीन मिलाएं। यह त्वचा को अतिरिक्त नमी प्रदान करेगा। संवेदनशील त्वचा के लिए कच्चे दूध या गुलाबजल का उपयोग करें और हल्दी की मात्रा थोड़ी कम रखें। संयुक्त त्वचा के लिए मूल नुस्खा ही सबसे उपयुक्त है।

सावधानियां और पैच टेस्ट

हल्दी का उबटन लगाने से पहले कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। सबसे पहले हमेशा पैच टेस्ट करें। थोड़ा सा उबटन अपनी कोहनी या कान के पीछे लगाएं और 24 घंटे प्रतीक्षा करें। अगर कोई एलर्जी, खुजली या लालिमा नहीं होती है, तभी चेहरे पर लगाएं। कुछ लोगों को हल्दी से एलर्जी हो सकती है। हल्दी की मात्रा ज्यादा न रखें वरना चेहरा पीला दिख सकता है। अगर ऐसा हो जाए तो चिंता न करें, यह अस्थायी है और कुछ घंटों में अपने आप चला जाता है। तेजी से हटाने के लिए चेहरा धोने के बाद टोनर या गुलाबजल लगा सकते हैं।

How to Make Haldi ka Ubtan: कितनी बार करें उपयोग

हल्दी के उबटन का उपयोग सप्ताह में एक से दो बार करना पर्याप्त और सुरक्षित है। रोजाना उपयोग से त्वचा रूखी हो सकती है। अगर आपकी त्वचा बहुत तैलीय है और मुंहासे ज्यादा हैं, तो सप्ताह में दो बार लगाएं। सामान्य या रूखी त्वचा के लिए सप्ताह में एक बार पर्याप्त है। नियमित उपयोग से दो से तीन सप्ताह में ही फर्क दिखने लगता है। मुंहासे कम होने लगते हैं, दाग हल्के पड़ते हैं और त्वचा की चमक बढ़ जाती है।

हल्दी का उबटन एक सरल, सस्ता और अत्यंत प्रभावी घरेलू नुस्खा है जो सदियों से भारतीय सौंदर्य परंपरा का हिस्सा रहा है। बदलते मौसम में जब त्वचा अतिरिक्त देखभाल की मांग करती है, तब यह उबटन आपकी सबसे अच्छी दोस्त साबित हो सकता है। रासायनिक उत्पादों के विपरीत, यह पूरी तरह प्राकृतिक है और इसके कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी नए स्किनकेयर उत्पाद या नुस्खे को आजमाने से पहले पैच टेस्ट अवश्य करें। अगर आपको कोई त्वचा संबंधी समस्या है तो त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।

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