Samsung Galaxy S26 Series भारत में लॉन्च, जानें क्या हैं इस फ़ोन के खास फीचर्स और क़ीमत
चार-लेयर स्क्रीन में लिक्विड क्रिस्टल टेक्नोलॉजी, साइड से काला दिखता है, सामने से साफ; प्राइवेसी का नया युग
Samsung Galaxy S26 Ultra: Samsung Galaxy S26 Ultra ने लॉन्च होते ही तकनीक की दुनिया में हलचल मचा दी है। इस फोन में एक ऐसी तकनीक दी गई है जो अब तक किसी भी स्मार्टफोन में नहीं देखी गई।
प्राइवेसी डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाने वाला यह फीचर आपकी स्क्रीन को सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षित रखता है। ट्रेन, बस, ऑफिस या किसी भी भीड़भाड़ वाली जगह पर जब आप अपने फोन पर कुछ पढ़ रहे हों और नहीं चाहते कि बगल में बैठा व्यक्ति देखे, तो यह फीचर उस काम को बेहद आसानी से करता है।
Samsung Galaxy S26 Ultra: क्या है प्राइवेसी डिस्प्ले टेक्नोलॉजी?
सैमसंग ने Galaxy S26 Ultra में प्राइवेसी डिस्प्ले के लिए एक विशेष चार-लेयर स्क्रीन संरचना का उपयोग किया है। यह चारों परतें मिलकर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती हैं।
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Micro Louvers तकनीक: यह स्क्रीन Micro Louvers तकनीक पर आधारित है। Micro Louvers अत्यंत छोटे-छोटे लेंस जैसी संरचनाएं होती हैं जो स्क्रीन में एकीकृत की गई हैं।
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अदृश्य डिजाइन: खास बात यह है कि ये फीचर चालू हो या बंद, किसी भी स्थिति में आंखों से दिखाई नहीं देतीं।
Samsung Galaxy S26 Ultra: फीचर बंद रहने पर कैसे काम करती है स्क्रीन?
जब प्राइवेसी डिस्प्ले फीचर बंद यानी डिसेबल रहता है, तो स्क्रीन की कार्यप्रणाली एक सामान्य डिस्प्ले की तरह होती है:
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रिफ्रेक्टिव इंडेक्स: इस स्थिति में स्क्रीन की सभी चार परतों का रिफ्रेक्टिव इंडेक्स एक समान रहता है। (रिफ्रेक्टिव इंडेक्स वह माप है जो बताता है कि प्रकाश की किरण किसी माध्यम से गुजरते समय किस तरह झुकती है)।
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समान फैलाव: सभी परतों का इंडेक्स एक समान होने से OLED स्क्रीन से निकलने वाली प्रकाश की किरणें चारों दिशाओं में समान रूप से फैलती हैं। इससे डिस्प्ले को किसी भी कोण से सामान्य तरीके से देखा जा सकता है।
Samsung Galaxy S26 Ultra: फीचर चालू होने पर क्या बदलता है?
असली कमाल तब होता है जब प्राइवेसी मोड को इनेबल किया जाता है। फीचर चालू होते ही तकनीकी रूप से कई बदलाव होते हैं:
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दिशा परिवर्तन: डिस्प्ले के भीतर मौजूद लिक्विड क्रिस्टल लेयर तुरंत अपनी दिशा बदल लेते हैं।
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इंडेक्स में बदलाव: इस दिशा परिवर्तन से रिफ्रेक्टिव इंडेक्स बदल जाता है।
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प्रकाश का कोण: नतीजा यह होता है कि एक परत से दूसरी परत में जाने वाली प्रकाश की किरण का कोण बदल जाता है।
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ब्लैकआउट इफेक्ट: इस तकनीकी बदलाव के कारण डिस्प्ले को साइड यानी बगल के कोण से देखने पर पूरी तरह काला दिखता है, स्क्रीन पर कुछ भी नजर नहीं आता।
Samsung Galaxy S26 Ultra: साइड से क्यों नहीं दिखता कुछ भी?
सरल भाषा में समझें तो लिक्विड क्रिस्टल लेयर दाईं और बाईं ओर जाने वाली प्रकाश किरणों को पूरी तरह रोक देती है।
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व्यू ब्लॉक: इससे किसी भी साइड एंगल से देखने वाले व्यक्ति का व्यू पूरी तरह ब्लॉक हो जाता है।
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यूजर के लिए स्पष्टता: हालांकि यह लेयर सीधे आगे की ओर जाने वाली किरणों को बिल्कुल नहीं रोकती, इसलिए स्क्रीन के सीधे सामने बैठे या खड़े यूजर को सब कुछ बिल्कुल साफ और स्पष्ट दिखता रहता है।
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विजिबिलिटी ड्रॉप: जैसे-जैसे देखने का कोण बढ़ता जाता है, वैसे-वैसे डिस्प्ले की विजिबिलिटी घटती जाती है और एक निश्चित कोण पर पूरी तरह शून्य हो जाती है।
Samsung Galaxy S26 Ultra: यह फीचर क्यों है खास?
आज के दौर में डिजिटल प्राइवेसी एक बड़ी चिंता है:
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निजी डेटा की सुरक्षा: बैंकिंग, व्यक्तिगत संदेश, गोपनीय दस्तावेज या कोई भी निजी सूचना जो आप अपने फोन पर देखते हैं, वह अनजाने में आपके आसपास मौजूद लोगों को दिख सकती है।
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इनोवेटिव समाधान: Galaxy S26 Ultra का प्राइवेसी डिस्प्ले इसी समस्या का एक अभिनव तकनीकी समाधान है।
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स्मार्टफोन जगत में पहला: स्मार्टफोन की दुनिया में यह पहला उपकरण है जिसमें इस तरह की बिल्ट-इन प्राइवेसी स्क्रीन तकनीक का उपयोग किया गया है।
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