Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में भीषण आग, 9 यात्रियों की मौत

यमुना एक्सप्रेसवे पर दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में आग, कई यात्रियों ने कूदकर बचाई जान

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Greater Noida Bus Fire: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। जेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास दिल्ली से महोबा जा रही एक डबल-डेकर स्लीपर बस में अचानक आग का तांडव देखने को मिला। देखते ही देखते भीषण लपटों ने पूरी बस को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे अंदर सो रहे यात्रियों को संभलने तक का अवसर नहीं मिल सका। इस भीषण अग्निकांड में अब तक 9 यात्रियों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना के बाद मची चीख-पुकार के बीच कई यात्रियों ने चलती और धधकती बस की खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के बचाव दल और अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां सायरन बजाते हुए मौके पर पहुंचीं। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने धधकती आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो चुकी थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और अधिकारियों को घायलों के त्वरित और निशुल्क समुचित उपचार के साथ प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

Greater Noida Bus Fire: यमुना एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 33 पर आधी रात को हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक दुर्घटना बुधवार देर रात लगभग 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे के माइलस्टोन 33 के पास जेवर टोल प्लाजा और आगामी नोएडा एयरपोर्ट के निकट घटित हुई। निजी ट्रैवल्स एजेंसी द्वारा संचालित यह स्लीपर बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से सवारी लेकर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र स्थित महोबा और हमीरपुर की ओर जा रही थी। एक्सप्रेसवे की रफ्तार के बीच जब बस जेवर क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक आगे के केबिन हिस्से से धुएं का भीषण गुबार और आग की लपटें उठने लगीं।

आग इतनी तीव्र गति से फैली कि चंद पलों में लपटों ने बस के पूरे इंटीरियर, पर्दे, फोम की सीटों और छत पर रखे सामान को अपनी चपेट में ले लिया। बस के संकरे गलियारे में धुआं भर जाने के कारण अंदर अंधेरा छा गया और दम घुटने जैसी स्थिति बन गई। रात के सन्नाटे में एक्सप्रेसवे पर आग का गोला बनी बस को देखकर आसपास से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के भी रोंगटे खड़े हो गए और उन्होंने तुरंत अपने वाहन रोककर पुलिस हेल्पलाइन पर आपातकालीन सूचना दी।

यात्रियों के बीच मची भगदड़: जान बचाने के लिए खिड़कियों से कूदे लोग

हादसे के वक्त बस में सवार अधिकांश यात्री अपनी-अपनी स्लीपर बर्थ पर गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक आग की तपिश और काले जहरीले धुएं के कारण जब उनकी आंखें खुलीं, तो अंदर चारों तरफ चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मुख्य दरवाजा आगे की तरफ होने और आग की लपटों से घिरे होने के कारण यात्रियों के बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था।

प्रत्यक्षदर्शियों और जीवित बचे यात्रियों के अनुसार, सांस लेना दूभर होने पर कई युवाओं ने घबराहट में आपातकालीन खिड़कियों और साइड के शीशों को लात मारकर तोड़ा और नीचे छलांग लगा दी। सड़क पर गिरने से कई लोगों के हाथ-पैर टूट गए और वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए। वहीं बुजुर्ग, महिलाएं और ऊपर की बर्थ पर सो रहे कई यात्री लपटों और धुएं के बीच अंदर ही फंसे रह गए, जिन्हें बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं मिल सका।

9 लोगों की मौत की पुष्टि: घायलों का कैलाश अस्पताल में उपचार जारी

जेवर पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस भयावह हादसे में 9 यात्रियों की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतकों में एक महिला और आठ पुरुष शामिल हैं। शव इतनी बुरी तरह झुलस चुके हैं कि उनकी शिनाख्त करना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, जिसके चलते पुलिस डीएनए प्रोफाइलिंग और यात्रियों की सूची के माध्यम से पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।

हादसे में झुलसे और चोटिल हुए अन्य सभी यात्रियों को एंबुलेंस के जरिए जेवर स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कई की हालत गंभीर बनी हुई है। अस्पताल प्रशासन को विशेष मेडिकल टीमों के जरिए बर्न वार्ड में उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मृतकों के परिजनों से संपर्क साधने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी हुई है।

शॉर्ट सर्किट से आग लगने की प्रारंभिक आशंका: पुलिस जांच में जुटी

चलती यात्री बस में भीषण आग किस वजह से लगी, इसे लेकर फॉरेंसिक और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके पर विस्तृत साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, बस के एयर-कंडीशनिंग (AC) यूनिट में हुए भीषण शॉर्ट सर्किट अथवा वायरिंग में स्पार्क को आग की प्राथमिक वजह माना जा रहा है।

वहीं जीवित बचे कुछ यात्रियों का आरोप है कि उन्हें हादसे से कुछ समय पूर्व ही चालक के केबिन के पास से कुछ जलने की गंध आ रही थी, जिसकी जानकारी दी गई थी किंतु उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। पुलिस ने यात्रियों की औपचारिक तहरीर के आधार पर बस संचालक, चालक और परिचालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई तेज कर दी है। तकनीकी मुआयना पूरा होने के उपरांत ही इस बात का पुख्ता खुलासा होगा कि क्या बस में अग्निशमन उपकरण मानक के अनुरूप मौजूद थे या नहीं।

Greater Noida Bus Fire: यातायात हुआ प्रभावित और सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए सवाल

हादसे के तुरंत बाद सुरक्षा कारणों से यमुना एक्सप्रेसवे पर आगरा की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात को कुछ समय के लिए डायवर्ट और नियंत्रित किया गया। दमकल और क्रेन की मदद से जली हुई बस के ढांचे को सड़क के किनारे हटाकर तड़के यातायात को पुनः सुचारू रूप से बहाल कराया गया।

इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर रात के समय एक्सप्रेसवे पर दौड़ने वाली लंबी दूरी की निजी स्लीपर बसों के सुरक्षा मानकों, आपातकालीन निकास द्वारों (Emergency Exits) की कार्यप्रणाली और वाणिज्यिक फिटनेस प्रमाणन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि नियमों की अनदेखी करने वाले बस ऑपरेटरों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जाएगा ताकि भविष्य में इस प्रकार के दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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