Gorakhpur News: शिक्षक MLC मतगणना में कड़ा पहरा, 16 प्रत्याशियों पर नजर
गोरखपुर विश्वविद्यालय में शिक्षक MLC चुनाव की मतगणना के दौरान पुलिस बल, बैरिकेडिंग और निगरानी के इंतजाम किए गए।
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण और बहुचर्चित गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर जिला व पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए हैं। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए मतगणना केंद्र और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। परिसर में 475 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Gorakhpur News: मतगणना केंद्र पर 475 से अधिक पुलिसकर्मियों का कड़ा पहरा
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर पुख्ता किया गया है। विश्वविद्यालय परिसर के प्रवेश द्वारों से लेकर स्ट्रांग रूम और मुख्य मतगणना हॉल तक पुलिस अधिकारियों और जवानों की सघन तैनाती की गई है। इस सुरक्षा ढांचे में क्षेत्राधिकारी स्तर के राजपत्रित अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निरीक्षक, उपनिरीक्षक और महिला व पुरुष सिपाही शामिल हैं। सभी कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल वैध पहचान पत्र और प्रवेश पास धारक व्यक्तियों को ही जांच के बाद अंदर जाने की अनुमति दी जाए।
पूरी सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी क्राइम अयोध्या सिंह को सौंपी गई है, जो लगातार मौके पर तैनात रहकर सुरक्षा बलों का समन्वय कर रहे हैं। इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डॉ. कौस्तुभ और पुलिस अधीक्षक नगर (एसपी सिटी) निमिष पाटील ने मतगणना स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने और हर समय सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।
स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए बनाया गया तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा
मतपेटियों की सुरक्षा और शुचिता बनाए रखने के लिए स्ट्रांग रूम के चारों ओर त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र (थ्री-टियर सिक्योरिटी) तैयार किया गया है। इस व्यवस्था को इनर कॉर्डन, आउटर कॉर्डन और आइसोलेशन कॉर्डन में विभाजित किया गया है, जिससे अनधिकृत व्यक्ति का परिंदा भी वहां पर न मार सके। प्रत्येक सुरक्षा घेरे की निगरानी की सीधी जिम्मेदारी एक क्षेत्राधिकारी स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
अत्यंत संवेदनशील आइसोलेशन कॉर्डन में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) की एक विशेष प्लाटून तैनात की गई है। इसके अलावा समग्र सुरक्षा को बैकअप देने के लिए पीएसी की अतिरिक्त प्लाटून को भी अलर्ट रखा गया है। स्ट्रांग रूम के आसपास 24 घंटे सशस्त्र जवानों का पहरा रहेगा और हर आने-जाने वाले का विवरण आधिकारिक लॉग बुक में दर्ज किया जा रहा है।
सीसीटीवी और ड्रोन से आसमान से निगरानी, क्यूआरटी भी मुस्तैद
मतगणना केंद्र पर सुरक्षा का दायरा केवल जमीनी स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीकी साधनों का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास के मार्गों पर उच्च क्षमता वाले सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं, जिनका सीधा प्रसारण एक केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से मॉनिटर किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त भीड़भाड़ और बाहरी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से लगातार हवाई निगरानी की जा रही है।
विश्वविद्यालय के मुख्य द्वारों और प्रमुख बैरियरों पर सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी 12-12 घंटे की दो शिफ्टों में लगाई गई है, जिससे सुरक्षा में किसी भी समय ढिलाई न आए। परिसर के बाहरी हिस्सों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घुड़सवार पुलिस गश्त कर रही है, जबकि किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति से तुरंत निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) और दंगा नियंत्रण वाहनों को तैयार रखा गया है।
16 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला, कड़े मुकाबले पर टिकी निगाहें
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों के हजारों माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करता है, जिससे इसका राजनीतिक महत्व काफी बढ़ जाता है। इस बार के चुनाव में कुल 16 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी डॉ. ध्रुव कुमार त्रिपाठी, समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी और निर्दलीय उम्मीदवार अजय सिंह के बीच कड़ा त्रिकोणीय संघर्ष माना जा रहा है।
मतदान के बाद से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और समर्थक नतीजों को लेकर खासे उत्साहित हैं। वरीयता क्रम (प्रेफरेंशियल वोटिंग) के आधार पर होने वाली इस मतगणना में प्रत्येक चरण की गिनती काफी समय लेगी, जिसको लेकर प्रशासन ने गणना कार्मिकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एजेंटों और प्रत्याशियों को केवल निर्धारित टेबल पर ही शांतिपूर्वक बैठने की अनुमति दी गई है।
Gorakhpur News: शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतगणना संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का मुख्य लक्ष्य मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। मतगणना स्थल के आसपास धारा 144 के नियमों का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार के विजय जुलूस या नारेबाजी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। अधिकारियों ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की है कि वे चुनाव आयोग की आचार संहिता और सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए मतगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग करें। मतगणना पूरी होने और अंतिम परिणाम की घोषणा तक पूरे इलाके में भारी पुलिस बल मुस्तैद रहेगा।
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