Gold-Silver Price Today: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, दिल्ली में ₹1,51,620 हुआ भाव; जानें आज का ताजा रेट और विशेषज्ञों की राय

लगातार दूसरे दिन सोने-चांदी के दाम गिरे, दिल्ली में 24K गोल्ड ₹1.51 लाख, जानें ताजा रेट और बाजार का रुख

0

Gold-Silver Price Today: घरेलू सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। 10 अप्रैल 2026 की सुबह भारतीय बाजारों में कीमती धातुओं के दाम नीचे आए। मिडिल ईस्ट संकट में आए उतार-चढ़ाव और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते सोना-चांदी दोनों पर दबाव बना रहा। राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव घटकर ₹1,51,620 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। 22 कैरेट सोना ₹1,38,990 प्रति 10 ग्राम के आसपास बिक रहा है।

पिछले दिन भी सोने में करीब ₹1,500 की गिरावट दर्ज की गई थी। मुंबई, कोलकाता, चेन्नई समेत अन्य प्रमुख शहरों में भी यही रुख देखने को मिला। चांदी का भाव भी भारी गिरावट के साथ ₹2,42,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया। जानकारों का कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में पूरी तरह शांति नहीं लौटती और सप्लाई चेन सामान्य नहीं होती, तब तक कीमतों में इसी तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।

प्रमुख शहरों के भाव

दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव आज ₹1,51,620 प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना ₹1,38,990 पर पहुंच गया। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड करीब ₹1,51,470 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है। 22 कैरेट सोना ₹1,38,840 पर ट्रेड कर रहा है। चेन्नई में थोड़ी महंगाई बनी रही जहां 24 कैरेट सोना ₹1,52,720 प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है।

पुणे और बेंगलुरु में भी कीमतें मुंबई के लगभग बराबर हैं। चांदी में पूरे देश में एक समान गिरावट देखी गई। चांदी का भाव ₹2,42,900 प्रति किलोग्राम के आसपास आ गया। एक दिन पहले चांदी में ₹7,800 तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इससे खरीदारों को थोड़ी राहत मिली है।

वैश्विक बाजार का असर

सोने-चांदी के भाव में गिरावट का सबसे बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में चल रहा तनाव है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट के बीच तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिससे कीमतें बढ़ी थीं। अब जब अस्थायी युद्धविराम की खबरें आ रही हैं तो निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोने की कीमत 4,789.67 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। ग्लोबल स्तर पर भी नरमी का रुख है। जानकार बताते हैं कि जब तक मिडिल ईस्ट में पूरी तरह शांति नहीं लौटती, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे बाजार की दिशा पर नजर रखें और जल्दबाजी में खरीदारी न करें।

निवेश की सटीक सलाह

सराफा बाजार के जानकारों का कहना है कि फिलहाल गिरावट का रुख है लेकिन लंबे समय में सोना सुरक्षित निवेश बना रहेगा। मिडिल ईस्ट संकट पूरी तरह से शांत होने के बाद कीमतें फिर बढ़ सकती हैं।

जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए मौजूदा गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। लेकिन शॉर्ट टर्म निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए। चांदी में भी इसी तरह की अस्थिरता देखी जा रही है। चांदी औद्योगिक उपयोग के लिए ज्यादा इस्तेमाल होती है इसलिए उसकी कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था पर निर्भर करती हैं।

कीमतों का विस्तृत विश्लेषण

पिछले 48 घंटों में सोने में लगातार गिरावट आई है। कल ₹1,500 की गिरावट के बाद आज भी दाम नीचे आए हैं। चांदी में कल ₹7,800 की बड़ी गिरावट के बाद आज भी नरमी बरकरार है।

पिछले एक हफ्ते में सोने में कुल मिलाकर 2-3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। चांदी में गिरावट और तेज रही। इससे पहले मिडिल ईस्ट तनाव बढ़ने पर कीमतें आसमान छू रही थीं। अब अस्थायी राहत के बाद निवेशक मुनाफा वसूल रहे हैं।

खरीदारों के लिए सुझाव

आम निवेशक को सलाह दी जाती है कि वे सोने-चांदी की खरीदारी करते समय बाजार की दिशा पर नजर रखें। अभी गिरावट का रुख है इसलिए अगर आपको जरूरत है तो थोड़ी देर इंतजार कर सकते हैं। लेकिन अगर लंबी अवधि का निवेश करना है तो मौजूदा स्तर पर खरीदारी फायदेमंद साबित हो सकती है।

सोने को आभूषण के रूप में खरीद रहे हैं तो 22 कैरेट का विकल्प चुनें क्योंकि इसमें कम मेकिंग चार्ज लगता है। चांदी खरीदने वाले लोगों को भी वजन और शुद्धता चेक करनी चाहिए। बाजार में मिलावट से बचने के लिए हमेशा विश्वसनीय सराफा विक्रेता से ही खरीदारी करें।

अंतरराष्ट्रीय कारकों की भूमिका

ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमत 4,789.67 डॉलर प्रति औंस के आसपास है। अमेरिका-ईरान युद्धविराम की खबरों ने निवेशकों में मुनाफावसूली का माहौल बनाया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी सोने पर दबाव बनाया है।

जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में पूरी तरह शांति नहीं लौटती, तब तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। लंबे समय में सोना महंगाई और अनिश्चितता के खिलाफ सुरक्षित निवेश बना रहेगा।

भविष्य का बाजार रुझान

सराफा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि अल्पावधि में गिरावट जारी रह सकती है लेकिन मध्यम अवधि में कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। मिडिल ईस्ट संकट अगर लंबा खिंचा तो सोने की मांग बढ़ेगी।

निवेशकों को सलाह है कि वे SIP मोड में सोना खरीदें ताकि औसत लागत कम हो। चांदी में औद्योगिक मांग बढ़ने से लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन शॉर्ट टर्म में सावधानी बरतें।

Gold-Silver Price Today: समझदारी भरा फैसला

10 अप्रैल 2026 को सोने-चांदी के भाव लगातार दूसरे दिन गिरे हैं। दिल्ली में 24K गोल्ड ₹1,51,620 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। चांदी भी ₹2,42,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर है। मिडिल ईस्ट संकट में राहत की खबरों ने निवेशकों को मुनाफा वसूलने का मौका दिया है।

जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है। लेकिन शॉर्ट टर्म निवेशकों को बाजार की दिशा पर नजर रखनी चाहिए। सोना-चांदी हमेशा से सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। सही समय पर सही फैसला लेकर आप अपनी जेब को फायदा पहुंचा सकते हैं।

नोट: सोने और चांदी की कीमतें स्थानीय टैक्स और ज्वेलरी शोरूम के मेकिंग चार्ज के आधार पर भिन्न हो सकती हैं। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा जरूर करें।

Read More Here

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.