सर्राफा बाजार में फीकी पड़ी सोने की चमक, चांदी ने मारी लम्बी छलांग, जानें आज के ताजा दाम
दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,43,760 ₹/10g पर गिरा, चांदी 2,95,100 ₹/kg पर नई ऊंचाई
Gold Silver Price: कीमती धातुओं के बाजार में आज एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिला है। जहां पिछले कई दिनों से सोना लगातार ऊंचाई पर अपना दबदबा बनाए हुए था, वहीं आज उसकी तेजी में विराम लग गया है। दूसरी तरफ चांदी ने निवेशकों को हैरान करते हुए जबरदस्त उछाल दिखाया है और नए शिखर की ओर अग्रसर हो रही है। 16 जनवरी को पूरे देश में पीली धातु के दाम में मामूली गिरावट दर्ज की गई जबकि सफेद धातु रॉकेट की तरह ऊपर जा रही है।
प्रमुख शहरों में सोने की कीमतें

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट शुद्धता वाले सोने का मूल्य घटकर 1,43,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है। वहीं 22 कैरेट शुद्धता वाला सोना 1,31,790 रुपये प्रति 10 ग्राम पर व्यापार कर रहा है। आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट स्वर्ण का भाव 1,43,610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का रेट 1,31,640 रुपये प्रति 10 ग्राम अंकित किया गया है।
दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में भी कीमतें मुंबई के समान ही बनी हुई हैं। पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र कोलकाता में भी स्थिति इसी प्रकार है। पुणे और बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों में भी सोने के दामों (Gold Silver Price) में विशेष अंतर नहीं देखा गया है। इन शहरों में 24 कैरेट शुद्धता का स्वर्ण 1,43,610 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट 1,31,640 रुपये प्रति 10 ग्राम के मूल्य पर स्थिर है।
Gold Silver Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
वैश्विक बाजार की बात करें तो सोने का स्पॉट रेट कमजोर (Gold Silver Price) होकर 4,614.45 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस गिरावट का सीधा असर घरेलू बुलियन मार्केट पर भी पड़ा है। वैश्विक स्तर पर जब कीमतों में उतार चढ़ाव आता है तो भारतीय बाजार भी उससे प्रभावित होता है क्योंकि भारत सोने का बड़ा आयातक देश है।
विश्व बाजार में कीमतों की चाल का सीधा संबंध डॉलर की मजबूती, तेल के दाम और भू राजनीतिक परिस्थितियों से होता है। इन सभी कारकों का मिला जुला प्रभाव बुलियन की कीमतों पर दिखाई देता है।
पीली धातु में नरमी के कारण
सोने की कीमतों (Gold Silver Price) में आई इस नरमी के पीछे कई अहम कारण हैं। अमेरिका से आए महंगाई के कमजोर आंकड़े इसकी प्रमुख वजह माने जा रहे हैं। जब महंगाई के आंकड़े अनुमान से कम आते हैं तो केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति में बदलाव की संभावना बनती है। इन आंकड़ों के पश्चात अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
इसके अतिरिक्त वैश्विक भू राजनीतिक तनाव, औद्योगिक क्षेत्र की मजबूत मांग और घटती इन्वेंटरी जैसे फैक्टर भी बुलियन बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहे हैं। यदि आने वाले समय में ब्याज दरों में कटौती होती है तो सुरक्षित निवेश विकल्पों में पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है। सोना पारंपरिक रूप से सेफ हेवन एसेट माना जाता है इसलिए ऐसी स्थिति में उसकी मांग फिर बढ़ सकती है।
Gold Silver Price: चांदी का शानदार प्रदर्शन
हालांकि चांदी की बात करें तो तस्वीर बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है। 16 जनवरी को घरेलू बाजार में चांदी की कीमत (Gold Silver Price) 2,95,100 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर तक पहुंच गई है। यह एक असाधारण तेजी है जो निवेशकों को आकर्षित कर रही है। चांदी का यह प्रदर्शन बताता है कि औद्योगिक मांग के साथ साथ निवेश की मांग भी तेज हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भले ही चांदी का स्पॉट भाव 91.20 डॉलर प्रति औंस पर फिसल गया हो लेकिन इससे पूर्व यह 93.52 डॉलर प्रति औंस का कीर्तिमान स्तर छू चुकी है। यह इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
साल भर में 21 फीसदी की शानदार वृद्धि
वर्ष 2026 में अब तक घरेलू बाजार में चांदी की कीमत लगभग 21 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। यह बढ़त किसी भी निवेशक के लिए अत्यंत आकर्षक रिटर्न है। इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी तेजी दुर्लभ होती है। यही कारण है कि निवेशक अब सोने की जगह चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं।
चांदी की इस जबरदस्त तेजी के पीछे कई ठोस कारण हैं। औद्योगिक उपयोग में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है। सौर ऊर्जा पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और विभिन्न तकनीकी उपकरणों में चांदी का उपयोग होता है। हरित ऊर्जा की ओर वैश्विक रुझान बढ़ने से सौर पैनलों की मांग बढ़ी है जिससे चांदी की खपत भी बढ़ी है।
Gold Silver Price: आपूर्ति में कमी भी एक कारक
चांदी की आपूर्ति में कमी भी इसकी तेजी (Gold Silver Price) का एक महत्वपूर्ण कारण है। खनन उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है जबकि मांग तेजी से बढ़ रही है। इस मांग आपूर्ति के असंतुलन से कीमतों में तेजी आ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह स्थिति जारी रही तो चांदी जल्द ही 3,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा छू सकती है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर चांदी की इन्वेंटरी भी घट रही है। एक्सचेंजों में उपलब्ध चांदी की मात्रा कम हो रही है जो भविष्य में और तेजी के संकेत देता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो
मौजूदा परिस्थिति में निवेशकों के सामने दुविधा है कि वे सोने में निवेश करें या चांदी (Gold Silver Price) में। सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है और लंबी अवधि में स्थिरता प्रदान करता है। हालांकि अल्पावधि में उसमें तेजी की संभावना सीमित दिख रही है।
दूसरी ओर चांदी ने शानदार रिटर्न दिया है लेकिन उसमें अस्थिरता भी अधिक होती है। चांदी की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं लेकिन गिरावट भी तेज हो सकती है। इसलिए जोखिम उठाने की क्षमता वाले निवेशकों के लिए चांदी बेहतर विकल्प हो सकती है।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता रखनी चाहिए। दोनों धातुओं में संतुलित निवेश करना उचित रणनीति हो सकती है। इससे जोखिम कम होता है और बेहतर रिटर्न की संभावना बनती है।
Gold Silver Price: आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
बुलियन विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ सप्ताहों में सोने की कीमतों (Gold Silver Price)में उतार चढ़ाव बना रह सकता है। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक के परिणाम, अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और भू राजनीतिक घटनाक्रम महत्वपूर्ण होंगे। यदि ब्याज दरों में कटौती होती है तो सोने में फिर तेजी आ सकती है।
चांदी के बारे में पूर्वानुमान अधिक सकारात्मक हैं। औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति में कमी जारी है। इसलिए मध्यम अवधि में चांदी की तेजी जारी रह सकती है। कुछ विश्लेषकों का अनुमान है कि चांदी इस साल 3,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक भी पहुंच सकती है।
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और अपनी वित्तीय स्थिति तथा लक्ष्यों के अनुसार निवेश निर्णय लें।
Read More Here
दिल्ली में महिला सुरक्षा के मामले में सुधार, चार वर्षों में अपराधों में 12 फीसदी की गिरावट
शुक्रवार को माँ लक्ष्मी की कृपा से इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें क्या कहता है आपका राशिफल
घर में बार-बार कलह और समस्याओं की जड़ हो सकती है बुरी नजर, इन वास्तु उपायों से पाएं राहत