सोना-चांदी के भाव में गिरावट, अमेरिकी टैरिफ विवाद और मुनाफावसूली बनी गिरावट की वजह, होली से पहले खरीदारी का मौका

सोना-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, 24 कैरेट सोना ₹1,59,241 प्रति 10 ग्राम, चांदी ₹2,62,912 प्रति किलो; अमेरिकी टैरिफ विवाद, मुनाफावसूली और फेड नीति से दबाव

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Gold-Silver Price: सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। पिछले तीन हफ्तों से लगातार नए ऊंचे स्तरों को छूते हुए आगे बढ़ रहे सोने और चांदी के भाव में 24 फरवरी को अचानक गिरावट आई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने के भाव में 0.25 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई जबकि चांदी के दाम 2.12 प्रतिशत तक लुढ़क गए। घरेलू बाजार में इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट से लेकर 18 कैरेट तक सभी श्रेणियों के सोने की कीमत में कमी आई है। एक ओर जहां बीते साल 2025 में सोना 57,000 रुपये महंगा हुआ था वहीं 2026 में अब तक इसमें 26,000 रुपये की तेजी देखी जा चुकी है। ऐसे में होली से ठीक पहले आई इस गिरावट ने खरीदारों को एक अच्छा अवसर दिया है। आइए जानते हैं आज के सोने-चांदी के ताजा भाव और इस गिरावट की असली वजह।

Gold-Silver Price: कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी

MCX यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल 2026 की एक्सपायरी वाले सोने के वायदा भाव 1,204 रुपये की गिरावट के साथ 1,60,394 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं 5 मार्च 2026 की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव गिरकर 2,63,917 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए।

घरेलू हाजिर बाजार में इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार आज के ताजा भाव इस प्रकार रहे। 24 कैरेट यानी शुद्ध सोने की कीमत 1,59,503 रुपये से घटकर 1,59,241 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। 22 कैरेट सोना जो आभूषण बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है वह गिरकर 1,45,865 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 18 कैरेट सोने की कीमत आज 1,19,431 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। चांदी की बात करें तो एक किलो चांदी 2,66,535 रुपये से गिरकर 2,62,912 रुपये पर पहुंच गई।

आखिर क्यों टूटा सोना-चांदी का भाव?

तीन हफ्तों से लगातार महंगा होता सोना आज अचानक नरम क्यों पड़ा, यह सवाल हर खरीदार और निवेशक के मन में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे पहली बात यह है कि जब कोई धातु लंबे समय तक लगातार महंगी होती रहती है तो एक स्तर पर बड़े निवेशक अपना मुनाफा बुक करने यानी गुनाफावसूली करने लगते हैं। इसी प्रॉफिट बुकिंग की वजह से आज वैश्विक बाजारों में बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने-चांदी के दाम नीचे आए। दूसरी वजह है अमेरिकी टैरिफ नीति को लेकर बनी अनिश्चितता। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियां अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं जिसकी वजह से वैश्विक निवेशक थोड़े असमंजस में हैं। तीसरी वजह है अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति जिस पर दुनियाभर के बाजारों की नजर टिकी हुई है। ब्याज दरों में कोई भी बदलाव सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर डालता है।

Gold-Silver Price: क्या आगे और गिरेगा सोना या फिर होगा महंगा?

यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में है जो सोना खरीदने की योजना बना रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि आज की गिरावट महज अल्पकालिक है और इसे केवल मुनाफावसूली की वजह से आई तकनीकी कमजोरी माना जाना चाहिए। वैश्विक परिदृश्य देखें तो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका में टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इन सब स्थितियों में जब भी दुनिया में अशांति बढ़ती है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने-चांदी की तरफ रुख करते हैं। इससे इन धातुओं की मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं। इसलिए माना जा रहा है कि मौजूदा गिरावट ज्यादा दिन नहीं टिकेगी और सोने का ग्राफ जल्द फिर ऊपर की तरफ जाएगा।

क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?

होली का त्योहार नजदीक है और शादी-ब्याह का मौसम भी आने वाला है। ऐसे में बहुत से लोग सोना खरीदने के बारे में सोच रहे हैं। बाजार के जानकारों की सलाह है कि एक बार में पूरा सोना खरीदने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके यानी किस्तों में खरीदारी करना ज्यादा समझदारी होगी। सोने-चांदी की कीमतें रोज बदलती हैं इसलिए अलग-अलग समय पर थोड़ी-थोड़ी खरीदारी करने से औसत लागत कम रहती है और किसी एक दिन की ऊंची कीमत का पूरा बोझ नहीं उठाना पड़ता। अगर आपके घर में शादी या कोई शुभ कार्य है और आभूषण खरीदने हैं तो आज की गिरावट एक अच्छा मौका है। लेकिन निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना हो तो पहले किसी वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

Gold-Silver Price: इस साल कितना बदला सोना-चांदी का दाम

अगर 2026 की शुरुआत से अब तक का हिसाब लगाएं तो सोना इस साल अब तक करीब 26,000 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। चांदी में भी 2026 में अब तक 36,000 रुपये प्रति किलो की बढ़त दर्ज की गई है। बीते साल 2025 में सोना 57,000 रुपये और चांदी डेढ़ लाख रुपये से भी अधिक महंगी हुई थी। इन आंकड़ों से साफ पता चलता है कि लंबी अवधि में सोना और चांदी दोनों ही मजबूत निवेश विकल्प रहे हैं और निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।

कुल मिलाकर होली से पहले आई इस गिरावट को जरूरत के अनुसार खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा सकता है लेकिन बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सोच-समझकर और योजनाबद्ध तरीके से ही खरीदारी करना हमेशा बेहतर रहता है।

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