Budget 2026 से पहले सोने-चांदी में जबरदस्त गिरावट, 10 ग्राम GOLD 1,43,300 रुपये पर, चांदी 9% लुढ़की, जानें प्रमुख शहरों के ताजा भाव
1 फरवरी 2026 को MCX पर सोना 1,43,300 रुपये/10g, चांदी 2,65,652 रुपये/kg। मुनाफावसूली, मजबूत डॉलर, फेड नीति से 5-9% गिरावट
Gold-Silver Price: केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति से ठीक पहले बहुमूल्य धातुओं के बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई है। सोने और चांदी की कीमतों में शनिवार, 1 फरवरी 2026 को जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। वायदा बाजार में दोनों धातुओं के मूल्य रिकॉर्ड ऊंचाई से तेजी से फिसल रहे हैं, जिससे निवेशकों और ज्वैलरी खरीदारों में उत्साह और चिंता दोनों का मिश्रित भाव है।
Gold-Silver Price: वायदा बाजार में भारी गिरावट
1 फरवरी को सुबह 9 बजकर 52 मिनट पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने की कीमत में पिछले सत्र की तुलना में 5.94 प्रतिशत की जोरदार गिरावट दर्ज की गई। सोना 1,43,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, जो हाल के दिनों में देखी गई रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे है।
चांदी की स्थिति और भी नाटकीय रही। इसी समय मार्च डिलीवरी अनुबंध के लिए चांदी की कीमत में पिछले सत्र की तुलना में 9 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 2,65,652 रुपये प्रति किलोग्राम पर लुढ़क गई। यह गिरावट विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि चांदी ने हाल में ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था।
यह तीव्र गिरावट मुनाफावसूली, मजबूत अमेरिकी डॉलर और वैश्विक आर्थिक कारकों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।
प्रमुख शहरों में सोने के हाजिर भाव
GoodReturns के आंकड़ों के अनुसार, 1 फरवरी को विभिन्न प्रमुख महानगरों में विभिन्न शुद्धता के सोने के भाव इस प्रकार हैं:
दिल्ली में सोने का भाव:
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24 कैरेट सोना: ₹16,073 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: ₹14,735 प्रति ग्राम
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18 कैरेट सोना: ₹12,059 प्रति ग्राम
मुंबई और कोलकाता में सोने का भाव:
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24 कैरेट सोना: ₹16,058 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: ₹14,720 प्रति ग्राम
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18 कैरेट सोना: ₹12,044 प्रति ग्राम
चेन्नई में सोने का भाव:
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24 कैरेट सोना: ₹16,255 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: ₹14,900 प्रति ग्राम
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18 कैरेट सोना: ₹12,800 प्रति ग्राम
बेंगलुरु में सोने का भाव:
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24 कैरेट सोना: ₹16,058 प्रति ग्राम
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22 कैरेट सोना: ₹14,720 प्रति ग्राम
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18 कैरेट सोना: ₹12,044 प्रति ग्राम
विभिन्न शहरों में मूल्य भिन्नता स्थानीय कर, परिवहन व्यय और मांग-आपूर्ति की स्थिति के कारण होती है। चेन्नई में कीमतें तुलनात्मक रूप से अधिक हैं जो दक्षिण भारत में सोने की परंपरागत उच्च मांग को दर्शाता है।
Gold-Silver Price: गिरावट के प्रमुख कारण
सोने और चांदी की कीमतों में यह भारी गिरावट कई महत्वपूर्ण कारकों का संयुक्त परिणाम है:
बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली: हाल के सप्ताहों में बहुमूल्य धातुओं की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थीं। निवेशकों ने इस अवसर का लाभ उठाकर मुनाफा वसूलना शुरू कर दिया, जिससे कीमतों में दबाव आया।
मजबूत अमेरिकी डॉलर: अमेरिकी मुद्रा में मजबूती आने से सोना और चांदी जैसी डॉलर-मूल्यवर्गित वस्तुओं की कीमतें प्रभावित होती हैं। मजबूत डॉलर इन धातुओं को अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा बना देता है।
फेडरल रिजर्व की नीति: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व का प्रमुख बनाने के लिए पूर्व गवर्नर केविन वॉर्श को चुना है। वॉर्श ब्याज दर कटौती के मामले में कड़े और सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों को कम आकर्षक बनाती हैं।
बजट से पहले की अनिश्चितता: केंद्रीय बजट 2026 की प्रस्तुति से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जो बाजार में अस्थिरता का कारण बन रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में स्थिति
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखा गया। शुक्रवार को मुनाफावसूली के तीव्र दबाव में सोने की कीमतों में तेज गिरावट आई। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोना 8 प्रतिशत से अधिक टूटकर लगभग 4,900 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
यह गिरावट विशेष रूप से उल्लेखनीय है क्योंकि यह गुरुवार को आई जबरदस्त तेजी के तुरंत बाद हुई, जब सोने ने रिकॉर्ड 5,608 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक स्तर छुआ था। इस प्रकार का तीव्र उतार-चढ़ाव बाजार में मौजूद अनिश्चितता और घबराहट को दर्शाता है।
हालांकि ताजा गिरावट के बावजूद सोने का दीर्घकालिक रुझान मजबूत बना हुआ है। कीमतें लगातार छठे माह बढ़त की ओर हैं और यह 1980 के दशक के बाद सोने का सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन माना जा रहा है। वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के साथ-साथ अमेरिकी डॉलर की दीर्घकालिक कमजोरी ने सोने को मजबूत समर्थन प्रदान किया है।
Gold-Silver Price: विशेषज्ञों का दृष्टिकोण और भविष्य का अनुमान
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतों में अल्पकालिक सुधार (शॉर्ट-टर्म करेक्शन) जारी रह सकता है। हालांकि दीर्घकालिक संरचनात्मक कारक अभी भी मजबूत बने हुए हैं जो इन धातुओं के मूल्य को समर्थन देते हैं।
अल्पकालिक परिदृश्य: अगले कुछ सप्ताहों में अस्थिरता जारी रह सकती है क्योंकि निवेशक बजट घोषणाओं, फेडरल रिजर्व की नीतियों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर प्रतिक्रिया देंगे। मुनाफावसूली और तकनीकी सुधार के कारण और गिरावट संभव है।
दीर्घकालिक परिदृश्य: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, मुद्रास्फीति की चिंताएं और केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीद जैसे मौलिक कारक मजबूत बने हुए हैं। ये तत्व दीर्घकाल में सोने की मांग को बनाए रखेंगे।
निवेशकों के लिए सुझाव: विशेषज्ञों का सुझाव है कि अल्पकालिक व्यापारियों को सावधानी बरतनी चाहिए और स्टॉप-लॉस का उपयोग करना चाहिए। दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट संभवतः खरीदारी का अवसर प्रदान कर सकती है, परंतु पोर्टफोलियो विविधीकरण आवश्यक है।
यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए अवसर और चुनौती दोनों प्रस्तुत करती है। जबकि अल्पकालिक अस्थिरता जारी रह सकती है, बहुमूल्य धातुओं का दीर्घकालिक आकर्षण अभी भी बरकरार प्रतीत होता है।
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