Gold-Silver Price 31 October 2026: सोने-चांदी के भाव में फिर गिरावट, दिल्ली से लखनऊ तक जानें ताजा रेट
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच खरीदारी की योजना बना रहे हैं?
Gold-Silver Price 31 October 2026: त्योहारी और सहालग के सीजन के बीच सोना अथवा चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहे आम उपभोक्ताओं और निवेशकों के लिए भारतीय सर्राफा बाजार से राहत भरी खबर सामने आई है। अक्टूबर 2026 के अंतिम कारोबारी दिनों में दोनों प्रमुख कीमती धातुओं की कीमतों पर लगातार बिकवाली का दबाव देखा जा रहा है। वैश्विक और घरेलू स्तर पर आई कमजोरी के चलते शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सोने और चांदी के भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर पर 24 कैरेट सोने का औसत हाजिर भाव लगभग 1,42,760 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास दर्ज किया गया, जबकि औद्योगिक मांग में नरमी के कारण चांदी की कीमत फिसलकर करीब 1,89,480 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस नरमी के बीच शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को भी स्थानीय सर्राफा मंडियों और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के रुझानों पर खुदरा खरीदारों और आभूषण कारोबारियों की कड़ी नजर टिकी हुई है।
Gold-Silver Price 31 October 2026: वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में क्यों आया दबाव?
घरेलू सर्राफा बाजार में आई इस गिरावट की मुख्य जड़ें अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजारों (कॉमोडिटी मार्केट्स) के उतार-चढ़ाव से जुड़ी हुई हैं। 30 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में आई मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति व ब्याज दरों को लेकर बने अनिश्चित माहौल के कारण विदेशी निवेशकों ने सोने में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है।
इसके अतिरिक्त, एशियाई बाजारों में भौतिक सोने की खुदरा मांग में अस्थायी सुस्ती और बॉन्ड यील्ड्स में आए सुधार के कारण अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट में हाजिर सोने व चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। भारत में चूंकि अधिकांश सोने का आयात अंतरराष्ट्रीय दरों पर निर्भर करता है, इसलिए वैश्विक बाजार की कमजोरी का सीधा असर देश के घरेलू खुदरा और थोक आभूषण बाजारों पर पड़ा है।
देश के प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के उपलब्ध भाव
भारतीय सर्राफा बाजार में सोने का मूल्यांकन उसकी शुद्धता (कैरट) के आधार पर किया जाता है। 24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है और इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के सिक्के, बार और निवेश के लिए किया जाता है। वहीं आभूषण निर्माण के लिए धातु को मजबूती देने के उद्देश्य से 22 कैरेट (91.6 प्रतिशत शुद्धता) सोने का सर्वाधिक उपयोग होता है।
30 अक्टूबर को दर्ज आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,41,750 रुपये प्रति 10 ग्राम और आभूषण निर्माण वाले 22 कैरेट सोने का भाव 1,29,938 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,41,990 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,30,158 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर दर्ज किया गया।
पूर्वी भारत के प्रमुख केंद्र कोलकाता में 24 कैरेट सोने का रेट 1,41,800 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,29,983 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दक्षिण भारत के महानगरों में स्थानीय मांग और चुनिंदा टैक्स संरचना के चलते दरों में मामूली अंतर देखा गया; जहां बेंगलुरु में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,100 रुपये (22 कैरेट ₹1,30,258), हैदराबाद में 24 कैरेट का भाव 1,42,210 रुपये (22 कैरेट ₹1,30,359) और चेन्नई में 24 कैरेट सोना 1,42,400 रुपये प्रति 10 ग्राम (22 कैरेट ₹1,30,533) पर बंद हुआ।
चांदी की कीमतों में भी आई कमजोरी, 1.90 लाख के स्तर से फिसली
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट का दौर बना हुआ है। 30 अक्टूबर के उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक चांदी का भाव टूटकर लगभग 1,89,480 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है। चांदी की कीमतों में आई यह नरमी उन परिवारों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद मानी जा रही है जो आगामी मांगलिक अवसरों और त्योहारों के दौरान चांदी के सिक्के, बर्तन, चांदी की मूर्तियां या पारंपरिक उपहार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि स्थानीय वैट, ट्रांसपोर्टेशन लागत और स्थानीय सर्राफा एसोसिएशनों के फैसलों के आधार पर अलग-अलग शहरों में खुदरा चांदी की दरों में प्रति किलोग्राम मामूली भिन्नता देखने को मिल सकती है।
लखनऊ और उत्तर भारत के सर्राफा बाजारों का हाल
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक चौक और अमीनाबाद सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की घटी हुई कीमतों को लेकर ग्राहकों की चहलपहल बढ़ने की संभावना है। लखनऊ में आभूषण खरीदने से पहले ग्राहकों को 24 कैरेट और 22 कैरेट हॉलमार्क सोने के नवीनतम स्थानीय भाव की पुष्टि अवश्य कर लेनी चाहिए।
31 अक्टूबर के लिए लखनऊ के नए स्थानीय सर्राफा भाव की स्वतंत्र पुष्टि के अभाव में 30 अक्टूबर के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय औसत आंकड़ों को ही संदर्भ माना जाना उचित है। स्थानीय आभूषण विक्रेताओं के यहां मेकिंग चार्ज, डिजाइन की जटिलता और हॉलमार्किंग शुल्क के चलते अंतिम विक्रय मूल्य में अंतर देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver Price 31 October 2026: आगे क्या रह सकता है बाजार का रुख?
कमोडिटी बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सप्ताहों में सोने और चांदी की दिशा अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव, डॉलर इंडेक्स की गति, केंद्रीय बैंकों की नीतिगत ब्याज दरों और भारत में शादियों के सीजन की वास्तविक मांग पर टिकी होगी।
बाजार में जारी मौजूदा उतार-चढ़ाव को देखते हुए केवल एक या दो दिनों की गिरावट के आधार पर दीर्घकालिक मंदी का पूर्वानुमान लगाना जल्दबाजी होगी। विशेषज्ञ छोटे और मध्यम निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने के बजाय हर बड़ी गिरावट पर किस्तों में या व्यवस्थित रूप से प्रमाणित हॉलमार्क सोने में ही निवेश करें।
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