Gold-Silver Price 16 October 2026: सोने के भाव में गिरावट, चांदी भी हुई सस्ती; खरीदारी से पहले जानें 22 और 24 कैरेट का ताजा रेट
लखनऊ में 22 और 24 कैरेट सोने के भाव में गिरावट, चांदी ₹5,000 प्रति किलो सस्ती
Gold-Silver Price 16 October 2026: त्योहारी सीजन की चहल-पहल और धनतेरस व दिवाली की तैयारियों के बीच कीमती धातुओं के बाजार से खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को सर्राफा बाजार में खरीदारी करने जा रहे ग्राहकों के लिए यह जानना जरूरी है कि पिछले कारोबारी सत्र में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत देश के प्रमुख सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दामों में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है, जबकि चांदी के भाव में भी तेज करेक्शन आया है। आभूषणों की खरीदारी या निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए यह गिरावट बजट को संतुलित करने का बेहतर अवसर मानी जा रही है।
Gold-Silver Price 16 October 2026: सोने की कीमतों में कितनी आई गिरावट? लखनऊ का बाजार रुख
लखनऊ के सर्राफा बाजार में 15 अक्टूबर को दर्ज आंकड़ों के अनुसार 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव फिसलकर 1,48,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इससे एक दिन पहले, 14 अक्टूबर को यह दर 1,49,430 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर थी। इस प्रकार महज 24 घंटे के भीतर 24 कैरेट सोने में 1,030 रुपये प्रति 10 ग्राम की सीधी कटौती दर्ज की गई।
इसी क्रम में आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट जेवराती सोने के भाव में भी नरमी आई है। 15 अक्टूबर को 22 कैरेट सोने का भाव 1,36,040 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जो पिछले कारोबारी दिन के मुकाबले 950 रुपये प्रति 10 ग्राम कम रहा। वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स में स्थिरता और स्थानीय स्तर पर ऊंचे भावों पर मुनाफावसूली होने के चलते घरेलू कीमतों में यह तात्कालिक राहत देखने को मिली है।
24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का व्यावहारिक और तकनीकी अंतर
गहनों की खरीदारी करते समय ग्राहकों के लिए कैरेट और शुद्धता के फर्क को समझना बेहद जरूरी होता है। 24 कैरेट सोना 99.9 प्रतिशत शुद्ध माना जाता है और यह अत्यधिक कोमल तथा लचीला होता है। अत्यधिक लचीलेपन के कारण इससे बारीक और जटिल नक्काशी वाले गहने नहीं बनाए जा सकते, इसलिए इसका उपयोग मुख्य रूप से सोने के बिस्कुट, बार और सिक्कों में निवेश के लिए किया जाता है।
इसके विपरीत, 22 कैरेट सोने में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना होता है और शेष 8.4 प्रतिशत हिस्से में तांबा, चांदी या जस्ता जैसी धातुएं मिलाई जाती हैं। इस मिश्रण से धातु में पर्याप्त मजबूती आती है, जिससे हार, अंगूठी और चूड़ियां जैसी टिकाऊ ज्वेलरी तैयार की जाती हैं। खुदरा शोरूम पर जेवर खरीदते समय ग्राहक को 22 कैरेट के आधार मूल्य के साथ-साथ ज्वेलर का मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी भी चुकाना होता है।
चांदी की कीमतों में 5,000 रुपये प्रति किलो की बड़ी नरमी
सोने के साथ-साथ औद्योगिक और त्योहारी मांग का प्रमुख केंद्र रहने वाली सफेद धातु यानी चांदी के भाव में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है। लखनऊ के बाजार आंकड़ों के अनुसार 15 अक्टूबर को चांदी का भाव घटकर 2,29,100 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया।
इससे पूर्व 14 अक्टूबर को चांदी 2,34,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही थी, जिसका अर्थ है कि एक ही दिन में चांदी की दरों में 5,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी कमी आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी एक्सचेंजों पर आई मुनाफावसूली और डॉलर में रिकवरी का सीधा असर चांदी की घरेलू दरों पर पड़ा है, जिससे दिवाली से पहले चांदी के सिक्के और बर्तन खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है।
दिल्ली, मुंबई और अन्य महानगरों में भाव भिन्न होने के कारण
देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में सोने और चांदी की कीमतें एक समान नहीं होती हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और लखनऊ के भावों में स्थानीय स्तर पर भिन्नता पाई जाती है।
इस अंतर की मुख्य वजह अलग-अलग राज्यों में लगने वाले स्थानीय टैक्स, चुंगी शुल्क, महानगरों से क्षेत्रीय सर्राफा मंडियों तक सुरक्षित परिवहन (सिक्योर लॉजिस्टिक्स) का खर्च और संबंधित शहर के स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा तय किया जाने वाला दैनिक मार्जिन होता है। इसके अतिरिक्त, अलग-अलग ब्रांड्स और शोरूम्स के मेकिंग चार्ज में भी जमीन-आसमान का अंतर हो सकता है, जिससे अंतिम बिल राशि प्रभावित होती है।
Gold-Silver Price 16 October 2026: 16 अक्टूबर को खरीदारी से पहले ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां
सोना या चांदी खरीदते समय शुद्धता और वित्तीय सुरक्षा के प्रति पूरी सतर्कता बरतना आवश्यक है। आभूषण खरीदते समय हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) का हॉलमार्क और छह अंकों वाला विशिष्ट HUID (Hallmark Unique Identification) कोड अनिवार्य रूप से जांचें। बिना हॉलमार्क वाले आभूषणों को पुनर्विक्रय (Re-sale) के समय भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें धातु का वजन, शुद्धता (22K 916), उस दिन का प्रति ग्राम आधार भाव और लिया गया मेकिंग चार्ज अलग-अलग स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। चूंकि 16 अक्टूबर के स्वतंत्र और अंतिम रेट कारोबारी दिन की शुरुआत के साथ स्थानीय बाजार खुलने पर तय होंगे, इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने नजदीकी विश्वसनीय ज्वेलर या एसोसिएशन के आधिकारिक डिस्प्ले बोर्ड से उस दिन के सटीक भाव की पुष्टि अवश्य कर लें।
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