Petrol-Diesel Price 2 June 2026: देशभर में स्थिर भाव, दिल्ली में पेट्रोल ₹102.10 प्रति लीटर, मुंबई में महंगा पड़ा ईंधन
दिल्ली-लखनऊ में राहत, मुंबई और हैदराबाद में ईंधन अब भी महंगा
Petrol-Diesel Price 2 June 2026: तेल विपणन कंपनियों ने आज सुबह 6 बजे नए भाव जारी किए, जिनमें ज्यादातर शहरों में स्थिरता बनी रही। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और रुपए की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में राहत की उम्मीद अभी बाकी है।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹102.10 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर रहा। मुंबई में पेट्रोल सबसे महंगा ₹111.15 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि डीजल ₹97.80 प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल ₹101.85 प्रति लीटर और डीजल ₹94.50 प्रति लीटर के आसपास है। आम उपभोक्ताओं और वाहन चालकों को अभी महंगाई का बोझ उठाना पड़ रहा है।
Petrol-Diesel Price 2 June 2026: दिल्ली-एनसीआर में ईंधन के भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज पेट्रोल ₹102.10 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पर स्थिर है। पिछले कुछ दिनों में हुई हल्की बढ़ोतरी के बाद अब बाजार में थोड़ी राहत महसूस की जा रही है।
दिल्ली के उपभोक्ता लंबे समय से कीमतों में कमी की मांग कर रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि डीजल की महंगाई के कारण माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिसका असर जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर पड़ रहा है।
मुंबई और पश्चिमी भारत का हाल
मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹111.15 प्रति लीटर और डीजल ₹97.80 प्रति लीटर है। महाराष्ट्र के अन्य शहरों जैसे पुणे और नागपुर में भी इसी तरह के भाव बने हुए हैं। पश्चिमी तट पर ऊंचे करों के कारण ईंधन अन्य राज्यों की तुलना में महंगा पड़ता है।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई से ऑटो रिक्शा, टैक्सी और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ समेत प्रमुख शहरों की स्थिति
लखनऊ में आज पेट्रोल ₹101.85 प्रति लीटर जबकि डीजल ₹94.50 प्रति लीटर पर स्थिर है। कानपुर, वाराणसी, गोरखपुर और आगरा में भी कीमतें लगभग समान हैं।
उत्तर प्रदेश के किसान और छोटे व्यापारी ईंधन की स्थिरता से थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन लंबे समय से चली आ रही महंगाई ने उनकी कमर तोड़ रखी है। ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी चलाने वाले किसानों को डीजल की कीमत चिंता का विषय बनी हुई है।
राजस्थान और मध्य भारत में ईंधन दरें
जयपुर में पेट्रोल ₹103.50 प्रति लीटर और डीजल ₹96.80 प्रति लीटर के आसपास है। राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में परिवहन पर निर्भर अर्थव्यवस्था को ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ रहा है।
भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल ₹102-104 प्रति लीटर के बीच बिक रहा है। मध्य प्रदेश के किसानों ने मानसून से पहले सिंचाई और अन्य कामों के लिए डीजल की पर्याप्त उपलब्धता की मांग की है।
दक्षिण भारत: चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद की स्थिति
चेन्नई में पेट्रोल ₹107.70 प्रति लीटर और डीजल ₹99.60 प्रति लीटर है। बेंगलुरु में पेट्रोल ₹110.90 प्रति लीटर जबकि डीजल ₹98.70 प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
हैदराबाद में ईंधन महंगा पड़ रहा है, जहां पेट्रोल ₹115.70 प्रति लीटर तक बिक रहा है। दक्षिण भारत के आईटी हब और औद्योगिक क्षेत्रों में वाहन उपयोग अधिक होने से ईंधन की खपत बढ़ी है।
कोलकाता और पूर्वी भारत का अपडेट
कोलकाता में पेट्रोल ₹113.45 प्रति लीटर और डीजल ₹99.80 प्रति लीटर है। पूर्वी राज्यों में ईंधन परिवहन की लागत अधिक होने से कीमतें स्वाभाविक रूप से ऊंची रहती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू कारक
वर्तमान में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 90-93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। हालिया दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति और अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया।
भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। रुपए की विनिमय दर, सरकारी कर और तेल कंपनियों के मार्जिन भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं। हाल ही में निर्यात शुल्क में कटौती से कंपनियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन इसका फायदा आम उपभोक्ता तक पहुंचने में समय लग रहा है।
उपभोक्ताओं पर असर और सलाह
ईंधन की महंगाई सीधे ट्रांसपोर्ट, किराने की वस्तुओं, सब्जी और दूध की कीमतों को प्रभावित करती है। आम आदमी को हर महीने पेट्रोल-डीजल पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि:
-
जरूरत पड़ने पर ही निजी वाहन चलाएं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करें।
-
कारपूलिंग और ईंधन कुशल वाहनों को प्राथमिकता दें।
-
दोपहिया वाहन चलाने वाले नियमित रूप से सर्विस करवाएं ताकि माइलेज अच्छा रहे।
अर्थव्यवस्था और उद्योग पर प्रभाव
लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट सेक्टर ईंधन की कीमतों से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। बढ़ती लागत के कारण माल ढुलाई का खर्च बढ़ गया है, जिससे पूरे सप्लाई चेन पर असर पड़ रहा है।
कृषि क्षेत्र में डीजल की महंगाई से खेती की लागत बढ़ गई है। वहीं, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर शिफ्ट होने की बात कर रही है।
पिछले एक महीने का ट्रेंड
मई 2026 के अंत में कुछ राज्यों में हल्की बढ़ोतरी देखी गई थी। जून की शुरुआत में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर निर्भरता बनी हुई है। सरकार समय-समय पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव करके राहत देने की कोशिश करती रही है।
राज्यवार प्रमुख शहरों के भाव (2 जून 2026)
-
दिल्ली: पेट्रोल ₹102.10, डीजल ₹95.20
-
मुंबई: पेट्रोल ₹111.15, डीजल ₹97.80
-
लखनऊ: पेट्रोल ₹101.85, डीजल ₹94.50
-
कोलकाता: पेट्रोल ₹113.45, डीजल ₹99.80
-
चेन्नई: पेट्रोल ₹107.70, डीजल ₹99.60
-
जयपुर: पेट्रोल ₹103.50, डीजल ₹96.80
-
भोपाल: पेट्रोल ₹102.80, डीजल ₹95.90
Petrol-Diesel Price 2 June 2026: भविष्य की संभावनाएं
विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगर कच्चा तेल 85 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आता है तो घरेलू कीमतों में कमी आ सकती है। वहीं, मानसून की स्थिति और वैश्विक मांग भी भावों को प्रभावित करेगी। सरकार इलेक्ट्रिक वाहन नीति और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा दे रही है ताकि पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो।
निष्कर्ष: 2 जून 2026 को पेट्रोल-डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर रहीं। आमजन को महंगाई से राहत के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार पर नजर रखनी होगी। ईंधन की बचत हम सभी की जिम्मेदारी है। अपने शहर की नवीनतम कीमत जानने के लिए तेल कंपनियों की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप चेक करें।
read more here