Flight Ticket Refund New Rules: अब टिकट कैंसिल करने पर मिलेगा पूरा पैसा और एयरलाइन नहीं काट सकेगी प्रोसेसिंग फीस
DGCA के नए नियम लागू, अब 7 दिन में रिफंड, प्रोसेसिंग फीस खत्म, फ्री कैंसिलेशन का भी फायदा
Flight Ticket Refund New Rules: अगर आपने कभी फ्लाइट टिकट कैंसिल कराया है और रिफंड के लिए हफ्तों इंतजार किया है, तो यह खबर आपके लिए बड़ी राहत लेकर आई है।
भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन ने 26 मार्च 2026 से हवाई यात्रियों के हित में नए और सख्त रिफंड नियम लागू कर दिए हैं। इन नियमों का उद्देश्य रिफंड प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और यात्री-अनुकूल बनाना है। लंबे समय से एयरलाइंस पर देरी से रिफंड देने और मनमाने शुल्क वसूलने की शिकायतें आ रही थीं।
नए नियम क्यों पड़े जरूरी?
पिछले कुछ वर्षों में डीजीसीए को लाखों यात्रियों की शिकायतें मिली हैं जिनमें रिफंड में महीनों की देरी, प्रोसेसिंग के नाम पर कटौती और जबरन क्रेडिट शेल देने की बात सामने आई। विशेषज्ञों के अनुसार एयरलाइंस की इस मनमानी के कारण यात्रियों का भरोसा लगातार कम होता जा रहा था।
विमानन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि देश में हवाई यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ी है और अब यह जरूरी हो गया था कि उनके अधिकारों की कानूनी रूप से रक्षा की जाए। नए नियम इस दिशा में एक ठोस और दूरगामी कदम हैं।
रिफंड की समयसीमा अब तय
नए नियमों के तहत डीजीसीए ने रिफंड की स्पष्ट समयसीमाएं निर्धारित की हैं। यदि टिकट क्रेडिट कार्ड से बुक किया गया है तो 7 दिनों के भीतर रिफंड अनिवार्य होगा। नकद बुकिंग पर एयरलाइन के काउंटर से तत्काल रिफंड देना होगा। वहीं ट्रैवल एजेंट या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए की गई बुकिंग पर 14 कार्य दिवसों के भीतर पैसा वापस करना अनिवार्य होगा।
खास बात यह है कि यदि टिकट किसी एजेंट से बुक किया गया हो, तब भी रिफंड की अंतिम जिम्मेदारी एयरलाइन की ही रहेगी।
अब नहीं कटेगी प्रोसेसिंग फीस
पहले एयरलाइंस रिफंड प्रक्रिया के नाम पर यात्रियों से अतिरिक्त शुल्क वसूलती थीं जो पूरी तरह अनुचित था। नए नियमों के अनुसार अब कोई भी एयरलाइन रिफंड प्रोसेसिंग के लिए किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले सकती।
इतना ही नहीं, अब रिफंड में टिकट किराया, टैक्स, यूजर डेवलपमेंट फीस, एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस और पैसेंजर सर्विस फीस सभी शामिल होंगी। यह नियम नॉन-रिफंडेबल और प्रमोशनल टिकट पर भी लागू होगा, जो पहले रिफंड के दायरे से बाहर माने जाते थे।
48 घंटे का फ्री कैंसिलेशन विकल्प
नए प्रावधानों में एक महत्वपूर्ण सुविधा जोड़ी गई है जिसके तहत यात्री टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द कर सकते हैं या उसमें बदलाव कर सकते हैं। हालांकि इस सुविधा की कुछ सीमाएं भी हैं।
घरेलू उड़ानों के लिए यह नियम तब लागू नहीं होगा जब उड़ान 7 दिनों से कम समय में हो। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए यह सीमा 15 दिन की होगी। नए टिकट बुकिंग पर सामान्य किराया देना होगा।
क्रेडिट शेल नहीं थोप सकेंगी एयरलाइंस
पहले एयरलाइंस यात्रियों को रिफंड की जगह क्रेडिट शेल देने पर मजबूर करती थीं जिसे केवल उसी एयरलाइन की भविष्य की यात्राओं में इस्तेमाल किया जा सकता था। अब यह अनिवार्य नहीं रहेगा।
नए नियम के अनुसार यात्री अपनी इच्छा से पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प चुन सकते हैं। केवल तभी क्रेडिट शेल स्वीकार होगा जब यात्री स्वयं इसका चुनाव करे।
कैंसिलेशन चार्ज पर लगी सीमा
डीजीसीए ने यह भी सुनिश्चित किया है कि एयरलाइंस अत्यधिक कैंसिलेशन चार्ज नहीं ले सकतीं। अब एयरलाइंस केवल बेस फेयर और फ्यूल सरचार्ज तक ही कैंसिलेशन शुल्क ले सकती हैं।
इसके अलावा कैंसिलेशन चार्ज की पूरी जानकारी बुकिंग के समय ही देना अनिवार्य कर दिया गया है। यह जानकारी एयरलाइन की वेबसाइट पर भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
नाम सुधार और मेडिकल इमरजेंसी में राहत
नए नियमों में दो और विशेष प्रावधान जोड़े गए हैं। यदि टिकट में नाम की स्पेलिंग गलत है तो 24 घंटे के भीतर सुधार करवाने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में यदि यात्री या उसी बुकिंग में शामिल परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती हो जाता है, तो एयरलाइन को पूर्ण रिफंड या क्रेडिट शेल देना अनिवार्य होगा। यह प्रावधान मानवीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विदेशी एयरलाइंस भी दायरे में
यह नियम केवल भारतीय एयरलाइंस पर नहीं बल्कि भारत आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइंस पर भी लागू होगा। वे अपने देश के नियमों के अनुसार रिफंड करने के लिए बाध्य होंगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को भी न्याय मिल सकेगा।
Flight Ticket Refund New Rules: निष्कर्ष
डीजीसीए के ये नए नियम भारतीय हवाई यात्रियों के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव हैं। लंबे समय से कई यात्रियों के लिए रिफंड का इंतजार परेशानी का कारण बनता था और अब समयसीमा व स्पष्ट दिशानिर्देश मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। प्रोसेसिंग फीस समाप्त करना, क्रेडिट शेल की बाध्यता हटाना और रिफंड की सख्त समयसीमा तय करना यात्रियों के हित में लिए गए दूरदर्शी फैसले हैं। अब एयर यात्रा न केवल अधिक सुविधाजनक बल्कि भरोसेमंद भी बन गई है।
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