Epileptic Seizure: मिर्गी का दौरा पड़ने पर जबरदस्ती पकड़ना या पानी पिलाना है खतरनाक, जानें फर्स्ट एड का सही तरीका

मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें और क्या न करें, जानें सही फर्स्ट एड स्टेप्स

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Epileptic Seizure: मिर्गी का दौरा यानी एपिलेप्टिक सीजर किसी के लिए भी डरावना अनुभव हो सकता है। जब भी किसी व्यक्ति को दौरा पड़ता है, तो अक्सर घबराहट में लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो मरीज के लिए हानिकारक हो सकती हैं। अगर आप किसी को दौरा पड़ते हुए देखें, तो आपकी प्राथमिकता उसे सुरक्षित रखना होनी चाहिए। आइए जानें एपिलेप्टिक सीजर आने पर मरीज को सुरक्षित रखते हुए आप कैसे उनकी मदद कर सकते हैं।

आपातकालीन स्थिति में शुरुआती कदम और सावधानी

जब किसी व्यक्ति को दौरा पड़े, तो सबसे पहले खुद को शांत रखें। आपकी शांति मरीज को बेहतर सहायता प्रदान करने में मदद करेगी। मरीज के साथ रहें और उसे अकेला न छोड़ें। दौरा खत्म होने तक उनके पास रहें और आस-पास की जगह साफ करें। उनके आस-पास से ऐसी हर चीज हटा दें जिससे उन्हें चोट लग सकती है, जैसे- नुकीली चीजें, फर्नीचर या कांच। मेडिकल आईडी चेक करें कि क्या उन्होंने कोई मेडिकल ब्रेसलेट या कार्ड पहना है जिससे उनकी बीमारी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी मिल सके।

दौरे के दौरान मरीज को सुरक्षित रखने के तरीके

अगर व्यक्ति जमीन पर लेटा है, तो उसे धीरे से एक तरफ लिटा दें। इससे उनकी सांस की नली साफ रहेगी और लार या उल्टी के कारण दम घुटने का खतरा कम हो जाता है। दौरा शुरू होते ही घड़ी देखें और समय का ध्यान रखें। अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा चलता है, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं। गंभीर दौरों में व्यक्ति बेहोश हो सकता है, गिर सकता है या उसका शरीर झटके खा सकता है। ऐसी स्थिति में उन्हें धीरे से जमीन पर लेटाएं ताकि वे गिरकर खुद को चोट न पहुंचा लें और उनके सिर के नीचे कोई नरम और चपटी चीज रखें।

स्थिति सामान्य होने पर दी जाने वाली सहायता

यदि उन्होंने चश्मा पहना है, तो उसे उतार दें। टाई ढीली कर दें या शर्ट का बटन खोल दें, ताकि सांस लेने में आसानी हो। दौरा खत्म होने के बाद जब व्यक्ति होश में आए, तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर बिठाएं, प्यार से बात करें और उन्हें समझाएं कि क्या हुआ था। उनके घर वालों को सूचित करने में उनकी मदद करें।

दौरे के दौरान की जाने वाली गंभीर गलतियां (क्या न करें)

दौरे के दौरान अक्सर लोग कुछ गलतियां करते हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए। व्यक्ति को हिलने-डुलने से न रोकें और न ही उन्हें जोर से पकड़ें। इससे उन्हें या आपको चोट लग सकती है। मुंह में कुछ न डालें। यह एक बड़ा मिथक है कि मुंह में चम्मच या कपड़ा डालने से जीभ कटने से बचती है। असल में, ऐसा करने से उनके दांत या जबड़े टूट सकते हैं। जब तक व्यक्ति पूरी तरह होश में न आ जाए और अलर्ट न हो जाए, उसे कुछ भी खिलाने या पिलाने की कोशिश न करें। इससे दम घुटने का खतरा होता है। दौरे के दौरान लोग आमतौर पर अपने आप सांस लेना शुरू कर देते हैं, इसलिए सीपीआर न दें।

डॉक्टर और मेडिकल हेल्प कब बुलाएं?

दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक चले। एक के बाद दूसरा दौरा तुरंत आ जाए। दौरा पानी के अंदर पड़ा हो। व्यक्ति प्रेग्नेंट हो, उसे डायबिटीज हो या वह घायल हो गया हो। अगर व्यक्ति को पहली बार दौरा पड़ा हो। डॉक्टर को बुलाने के लिए ये संकेत बहुत महत्वपूर्ण हैं और समय पर मेडिकल हेल्प मिलना बेहद जरूरी है।

Epileptic Seizure: निष्कर्ष

मिर्गी का दौरा पड़ना एक मेडिकल इमरजेंसी है और सही समय पर सही जानकारी बहुत जरूरी है। पहली प्राथमिकता मरीज को सुरक्षित रखना है। जब तक मेडिकल हेल्प न आ जाए, तब तक मरीज के साथ रहें और उन्हें चोट से बचाएं। ध्यान रखें कि दौरे के दौरान व्यक्ति को न पकड़ें, मुंह में कुछ न डालें और उसे कुछ भी पिलाने का प्रयास न करें। 5 मिनट से ज्यादा समय तक दौरे का होना एक गंभीर संकेत है और तुरंत डॉक्टर को बुलाना चाहिए। सही जानकारी से हम एक जान बचा सकते हैं।

मिर्गी और मेडिकल इमरजेंसी के लिए हमेशा डॉक्टर से परामर्श लें।

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