भारत मंडपम शर्टलेस प्रदर्शन मामला, दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 8 गिरफ्तार किए, ‘गहरी साजिश के ठोस सबूत मिले’ – पुलिस का बड़ा दावा
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने 8 गिरफ्तार किए, IYC अध्यक्ष उदय भानु चिब को 4 दिन की रिमांड, 'गहरी साजिश के ठोस सबूत मिले' - पुलिस का बड़ा दावा
Delhi News: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान भारत मंडपम में हुए शर्टलेस प्रदर्शन का मामला अब और अधिक गंभीर और संवेदनशील रूप लेता जा रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को एक बड़ी प्रेस ब्रीफिंग में खुलासा किया कि इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन गिरफ्तार लोगों में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब का नाम भी शामिल है। क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने पत्रकारों के सामने बताया कि अब तक की जांच में इस प्रदर्शन के पीछे एक गहरी और सुनियोजित साजिश के ठोस सबूत सामने आए हैं। पुलिस के इस बयान के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक गर्मी पकड़ता नजर आ रहा है।
भाजपा ने इस घटना पर कांग्रेस को जमकर घेरा है जबकि समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती ने भी कांग्रेस के इस विरोध प्रदर्शन के तरीके पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। यह पूरा प्रकरण राजनीतिक हलकों में एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया है।
क्या था शर्टलेस प्रदर्शन और कब हुआ यह घटनाक्रम
20 फरवरी 2026 को राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हो रहा था। यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन था जिसमें देश-विदेश के तकनीकी विशेषज्ञ, उद्योगपति और सरकारी अधिकारी शामिल थे। इसी आयोजन के दौरान भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एक अप्रत्याशित और विवादास्पद तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इन कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी शर्टें उतारकर प्रदर्शन किया और इसके साथ ही उन्होंने ‘Compromised Prime Minister’ लिखे पोस्टर भी लगाए। एक वैश्विक तकनीकी आयोजन के बीच इस तरह का उत्तेजक प्रदर्शन देखकर पूरे देश में हलचल मच गई। इस घटना के तुरंत बाद पुलिस हरकत में आई और कार्रवाई शुरू हुई।
Delhi News: FIR में लगी हैं कौन-कौन सी धाराएं
इस मामले में तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कई गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी यानी FIR दर्ज की गई है। आरोपियों पर BNS की धारा 61(2), 121(1), 132, 190, 195(1), 221, 223(A), 196, 197 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें से सबसे गंभीर धारा 196 है जो धर्म, जाति, भाषा या किसी अन्य आधार पर समाज में दुश्मनी और वैमनस्य फैलाने से संबंधित है और यह धारा गैर-जमानती है। यानी इस धारा के तहत आरोपी को जमानत मिलना आसान नहीं होगा। IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब पर भी ये सभी धाराएं लगाई गई हैं।
क्राइम ब्रांच ने क्या कहा, साजिश के कौन से सबूत मिले
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने प्रेस ब्रीफिंग में बेहद महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जांच में अब तक जो तथ्य सामने आए हैं वे यह साफ करते हैं कि भारत मंडपम में हुआ यह विरोध प्रदर्शन कोई अचानक या स्वतःस्फूर्त नहीं था बल्कि इसके पीछे एक गहरी और सुनियोजित साजिश थी। पुलिस का कहना है कि इस साजिश के ठोस साक्ष्य मिले हैं। इस मामले की आगे की जांच अब क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल को सौंप दी गई है जो राज्यों की सीमाओं के पार जाकर भी जांच करने में सक्षम है। इसका मतलब यह है कि पुलिस को शक है कि इस पूरे प्रकरण में कई राज्यों के लोग और संगठन शामिल हो सकते हैं।
Delhi News: उदय भानु चिब की गिरफ्तारी और रिमांड
भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। अदालत ने उन्हें 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया है। इस रिमांड के दौरान पुलिस उनसे विस्तार से पूछताछ करेगी और यह जानने की कोशिश करेगी कि इस प्रदर्शन की योजना किसने बनाई, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी और कहां से इसे संचालित किया गया। गिरफ्तार किए गए कुल 8 लोगों में भारतीय युवा कांग्रेस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हैं।
एंटी टेरर यूनिट की छापेमारी
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट ने भी इस प्रकरण में शामिल संदिग्धों की तलाश में दिल्ली समेत देश के 12 अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। पुलिस ने साफ कर दिया है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आते जाएंगे वैसे-वैसे और लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सकता है।
Delhi News: राजनीतिक प्रतिक्रिया – विपक्षी दलों ने भी कांग्रेस को घेरा
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कांग्रेस के विरोध में केवल भाजपा ही नहीं बल्कि विपक्षी दल भी कूद पड़े। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती दोनों ने एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन में इस तरह के प्रदर्शन के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस को खरी-खोटी सुनाई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस विरोध प्रदर्शन को देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया। भाजपा ने कहा कि एक वैश्विक मंच पर इस तरह का प्रदर्शन न केवल अशोभनीय था बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा के लिए भी नुकसानदेह था।
अब सबकी नजरें इस मामले की आगे की जांच पर टिकी हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस पूरे मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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