दिल्ली में विकास की नई इबारत, सीएम रेखा गुप्ता ने एससी-एसटी बस्तियों के लिए 146 योजनाओं को दी मंजूरी, 85 करोड़ की परियोजनाएं शुरू
सीएम रेखा गुप्ता ने 85 करोड़ की परियोजनाओं को दी मंजूरी, 9 का लोकार्पण और 64 का शिलान्यास
Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति बस्तियों के विकास के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। तिमारपुर स्थित मलकागंज चौक पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लगभग 85 करोड़ रुपये की 146 विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दिल्ली का वास्तविक विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं का लाभ पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के आदर्श वाक्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यह योजना उसी दिशा में उठाया गया एक सार्थक कदम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राजधानी केवल ऊंची इमारतों और चमकदार सड़कों से नहीं बनती, बल्कि उन बस्तियों से बनती है जहां मेहनतकश परिवार निवास करते हैं।
Delhi News: 9 परियोजनाओं का लोकार्पण और 64 का शिलान्यास
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4.12 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हो चुकी 9 परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं में विभिन्न क्षेत्रों में चौपालों का नवीनीकरण, सामुदायिक भवनों का निर्माण और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इसके साथ ही 38.63 करोड़ रुपये की लागत वाली 64 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया गया, जिनका कार्य शीघ्र ही प्रारंभ हो जाएगा।
लोकार्पित परियोजनाओं में नजफगढ़ में 62 लाख रुपये की लागत से निर्मित जाटव समाज चौपाल, विकासपुरी के बूढ़ेला गांव में 31.65 लाख रुपये से तैयार वाल्मीकि चौपाल, कोंडली की सपेरा बस्ती में 68 लाख रुपये का नवीनीकृत चौपाल प्रमुख हैं। मुंडका क्षेत्र में हिरण कूदना के एससी-एसटी चौपाल को 33.9 लाख रुपये से पुनर्निर्मित किया गया है।
इसके अतिरिक्त नांगलोई फेज-2 में 24.82 लाख रुपये से पार्क विकसित किए गए हैं और सीमा दीवारों का निर्माण किया गया है। विश्वास नगर में 41.35 लाख रुपये की लागत से आरएमसी नाली का निर्माण पूर्ण हुआ है। पटेल नगर में 28.62 लाख रुपये से सामुदायिक भवन तैयार किया गया है, जबकि गोकुलपुरी में कुल 122.51 लाख रुपये की लागत से सीमेंट कंक्रीट फुटपाथ और जल निकासी व्यवस्था का कार्य संपन्न हुआ है।
बस्तियों की बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
नई शुरू की गई 64 परियोजनाओं में मुख्य रूप से सड़कों का निर्माण और सुदृढ़ीकरण, पार्कों का विकास, सीवर लाइनों की स्थापना, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था और स्थानीय स्तर की अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास शामिल है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष बची हुई लंबित परियोजनाओं की औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करके कार्य प्रारंभ किया जाए।
कार्यक्रम में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह, तिमारपुर विधायक सूर्य प्रकाश खत्री और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे। स्थानीय निवासियों ने भी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग लिया और सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया।
Delhi News: भ्रष्टाचार मुक्त विकास का दावा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के 357 दिनों के कार्यकाल की उपलब्धियों का विवरण देते हुए कहा कि वर्षों से अधर में लटकी पड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब विकास कार्य पूरी तरह से भ्रष्टाचार मुक्त हैं और जनता का एक-एक पैसा सही जगह खर्च हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जो धनराशि आडंबरपूर्ण निर्माणों और भ्रष्टाचार में बर्बाद हो जाती थी, वह अब सीधे जनहित के कार्यों में लग रही है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये तक की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी जा रही है ताकि विकास का लाभ सभी क्षेत्रों में समान रूप से पहुंचे।
दिल्ली में व्यापक विकास कार्य
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली में आरोग्य मंदिरों की स्थापना, अटल कैंटीनों का विस्तार, नए विद्यालयों का निर्माण, फ्लाईओवर परियोजनाएं और अस्पतालों का विकास तेजी से किया जा रहा है। विशेष रूप से मलकागंज, तिमारपुर जैसी बस्तियों में जो वर्षों से उपेक्षित रही हैं, वहां गलियों, नालियों और पार्कों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का संकल्प है कि दिल्ली के हर परिवार को चाहे वह आर्थिक रूप से कमजोर हो या संपन्न, सभी को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विकास का लाभ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि समाज के सभी तबकों तक पहुंचेगा।
Delhi News: बजट में उल्लेखनीय वृद्धि
कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के दृढ़ संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले जहां सीमित बजट और अधूरी योजनाओं के कारण लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाता था, वहीं इस वर्ष बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है।
मंत्री इंद्राज सिंह ने जानकारी दी कि एससी-एसटी बस्ती विकास योजना का बजट लगभग 65 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह तीन गुना से अधिक की वृद्धि है जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बस्तियों में कम्युनिटी सेंटर, चौपाल, पुस्तकालय, प्रशिक्षण केंद्र सहित 32 प्रकार के विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रहा है।
अंतिम पंक्ति तक विकास पहुंचाने का लक्ष्य
मंत्री ने जोर देकर कहा कि योजना का उद्देश्य दलित, वंचित और पिछड़े वर्ग के प्रत्येक परिवार को सम्मानजनक जीवन और समान अवसर प्रदान करना है। विकास की मुख्यधारा में इन वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पहले आवंटित राशि पूरी तरह से खर्च नहीं हो पाती थी क्योंकि योजनाओं में स्पष्टता का अभाव था और कार्यान्वयन में देरी होती थी। लेकिन अब सरकार ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और कार्यान्वयन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
Delhi News: योजना की विशेषताएं और पात्रता
यह विशेष योजना उन बस्तियों में सूक्ष्म स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए संचालित की जा रही है, जहां अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या 33 प्रतिशत या उससे अधिक है। इस योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, सामुदायिक केंद्रों का विकास, पार्कों का निर्माण, सीवर लाइन बिछाने, पुस्तकालय और औषधालय जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण एवं सुधार किया जाता है।
इसके अतिरिक्त बस्तियों में स्ट्रीट लाइट्स की व्यवस्था, खेल के मैदान, महिला सशक्तिकरण केंद्र, युवा प्रशिक्षण केंद्र और अन्य सामाजिक सुविधाओं का विकास भी इस योजना के तहत किया जाता है। मुख्य उद्देश्य यह है कि इन बस्तियों में रहने वाले परिवारों को शहर के अन्य क्षेत्रों के बराबर सुविधाएं मिलें और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय निवासियों ने इस पहल का हार्दिक स्वागत किया। कई लोगों ने कहा कि वर्षों से उनकी बस्तियों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और अब जाकर उन्हें उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि टूटी-फूटी सड़कें, जलभराव और स्वच्छता की समस्याएं उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बन गई थीं, लेकिन अब स्थिति में सुधार होने की संभावना है।
महिलाओं ने विशेष रूप से सामुदायिक केंद्रों और पार्कों के निर्माण का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन स्थानों पर वे अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में खेलने के लिए ले जा सकेंगी और सामाजिक गतिविधियों में भी भागीदारी कर सकेंगी।
Delhi News: विपक्ष की आलोचना
हालांकि विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कुछ नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनका समयबद्ध कार्यान्वयन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाएं करने से काम नहीं चलेगा, जमीनी स्तर पर बदलाव दिखना चाहिए।
कुछ विपक्षी नेताओं ने यह भी कहा कि यह योजना चुनाव को ध्यान में रखकर लाई गई है। हालांकि सरकारी पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विकास कार्य किसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं बल्कि जनता के कल्याण के लिए किए जा रहे हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने भाषण में पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजना की प्रगति की निगरानी की जाएगी और नियमित रूप से समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। जनता को भी योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए एक तंत्र स्थापित किया जाएगा जहां नागरिक सीधे अपनी बात रख सकेंगे। यदि किसी परियोजना में कोई समस्या आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाएगा।
Delhi News: भविष्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में और भी अधिक संसाधन इन बस्तियों के विकास में लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि दिल्ली की प्रत्येक बस्ती विकसित हो और वहां के निवासियों को गरिमापूर्ण जीवन मिले।
इस पहल से दिल्ली में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। यदि इन योजनाओं का सही तरीके से कार्यान्वयन होता है तो यह लाखों परिवारों के जीवन में सुधार ला सकता है और दिल्ली को अधिक समावेशी और विकसित शहर बनाने में योगदान दे सकता है।
आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। जनता की अपेक्षाएं बढ़ी हैं और अब सरकार पर यह जिम्मेदारी है कि वह अपने वादों को पूरा करे और एससी-एसटी बस्तियों में वास्तविक बदलाव लाए।
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