मिडिल ईस्ट में CBSE का बड़ा फैसला! ईरान-इजरायल जंग के बीच 10वीं की परीक्षाएं रद्द, 12वीं टलीं, सात देशों के स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता
ईरान-इजरायल जंग के कारण CBSE ने मिडिल ईस्ट के 7 देशों में 10वीं परीक्षाएं रद्द, 12वीं टलीं, छात्रों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
CBSE Middle East exams: मिडिल ईस्ट में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। बोर्ड ने मध्य पूर्व के सात देशों में स्थित अपने सभी संबद्ध स्कूलों के लिए 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर तत्काल निर्देश जारी किए हैं। क्षेत्र में जारी युद्ध जैसे हालात और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि छात्रों की सुरक्षा सबसे ऊपर है और इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया।
CBSE Middle East exams: किन परीक्षाओं पर पड़ा असर?
सीबीएसई बोर्ड ने मिडिल ईस्ट के देशों में 9, 10 और 11 मार्च 2026 को होने वाली 12वीं की सभी बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। यह स्थगन अस्थायी है और बोर्ड ने कहा है कि जैसे ही स्थिति सामान्य होगी, नई परीक्षा तिथियां घोषित की जाएंगी। वहीं दूसरी ओर 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मामले में फैसला और कठोर रहा। मिडिल ईस्ट में 7 मार्च से 11 मार्च 2026 के बीच निर्धारित सभी 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। इन परीक्षाओं की नई तिथि कब होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। बोर्ड ने कहा है कि 10 मार्च 2026 को क्षेत्र की स्थिति का आकलन किया जाएगा और उसके बाद 12 मार्च या उसके आगे की परीक्षाओं को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।
CBSE Middle East exams: किन देशों के स्कूलों पर लागू होगा यह आदेश?
सीबीएसई का यह आदेश मिडिल ईस्ट के सात देशों में स्थित बोर्ड से संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। इनमें बहरीन, ईरान, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। इन सभी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय परिवार काम और व्यापार के सिलसिले में रहते हैं। उनके बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं और इस साल बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले थे। अब इन सभी छात्रों को आगे के निर्देशों का इंतजार करना होगा।
CBSE Middle East exams: क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ हफ्तों से तनाव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और क्षेत्र में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है। सऊदी अरब और आसपास के देशों में सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किए गए हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में बच्चों को परीक्षा केंद्रों तक लाना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बोर्ड के लिए संभव नहीं था। सीबीएसई ने अपने बयान में कहा है कि क्षेत्रीय तनाव और छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी आधार पर परीक्षाएं स्थगित या रद्द की गई हैं।
CBSE Middle East exams: छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
सीबीएसई ने सभी प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को अपने संबंधित स्कूलों के संपर्क में बने रहने की सलाह दी है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा से जुड़े किसी भी नए निर्देश को आधिकारिक वेबसाइट और स्कूलों के माध्यम से सबसे पहले साझा किया जाएगा। छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है। बोर्ड ने भरोसा दिलाया है कि जो परीक्षाएं रद्द या स्थगित की गई हैं, उनके लिए उचित और उचित समय पर नई व्यवस्था की जाएगी। अभिभावकों को किसी अनाधिकृत सूचना पर ध्यान नहीं देना चाहिए और केवल बोर्ड की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखना चाहिए।
CBSE Middle East exams: 10 मार्च को होगी स्थिति की समीक्षा
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि 10 मार्च 2026 को मिडिल ईस्ट की समग्र स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा के बाद यह तय होगा कि 12 मार्च और उसके बाद की परीक्षाओं को लेकर क्या निर्णय लिया जाए। यदि हालात सुधरते हैं तो परीक्षाएं जल्द दोबारा शुरू की जा सकती हैं। लेकिन यदि क्षेत्र में तनाव बना रहता है तो परीक्षाओं को और आगे के लिए टाला जा सकता है। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि इस पूरी प्रक्रिया में छात्रों का शैक्षणिक नुकसान कम से कम हो।
CBSE Middle East exams: मिडिल ईस्ट में भारतीय छात्रों की स्थिति
मिडिल ईस्ट में लाखों की संख्या में भारतीय प्रवासी रहते हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय परिवारों के बच्चे वहां स्थित सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में पढ़ते हैं। हर साल बड़ी संख्या में छात्र इन स्कूलों से 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं देते हैं। इस बार परीक्षाओं के अचानक स्थगित होने से बच्चों और अभिभावकों दोनों में चिंता स्वाभाविक है। हालांकि बोर्ड ने स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है और छात्रों के हितों की रक्षा का भरोसा दिया है।
CBSE Middle East exams: पहले भी हो चुके हैं ऐसे फैसले
यह पहली बार नहीं है जब सीबीएसई को विदेश में अपनी परीक्षाएं स्थगित या रद्द करनी पड़ी हों। कोरोना महामारी के दौरान भी बोर्ड ने कई देशों में परीक्षाओं को लेकर बड़े बदलाव किए थे। इसके अलावा जब भी किसी देश में राजनीतिक अस्थिरता या प्राकृतिक आपदा आई है, बोर्ड ने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए परीक्षाओं में बदलाव किए हैं। मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात को देखते हुए बोर्ड का यह कदम जरूरी और समझदारी भरा माना जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों ने भी बोर्ड के इस फैसले की सराहना की है और कहा है कि परीक्षा से बड़ी बच्चों की सुरक्षा होती है।
CBSE Middle East exams: आगे क्या करें छात्र?
जो छात्र मिडिल ईस्ट में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, उनके लिए सबसे जरूरी यह है कि वे घबराएं नहीं। परीक्षाएं टली हैं, रद्द नहीं हुई हैं, सिवाय 10वीं के उन पेपरों के जो 7 से 11 मार्च के बीच निर्धारित थे। ऐसे में छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखनी चाहिए और मिले हुए अतिरिक्त समय का सदुपयोग करना चाहिए। स्कूल प्रशासन से नियमित संपर्क बनाए रखें और बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर रखें। जैसे ही नई तिथियों की घोषणा होगी, स्कूलों के माध्यम से छात्रों को सूचित किया जाएगा।
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