Budget 2026 से गिग वर्कर्स की बड़ी उम्मीदें, इनकम सुरक्षा से सस्ता लोन तक, क्या मिलेगा राहत?

Budget 2026 से गिग इकॉनमी वर्कर्स को उम्मीद: पैरामेट्रिक इंश्योरेंस, सस्ता लोन, सामाजिक सुरक्षा, टैक्स राहत और स्वास्थ्य बीमा की मांग तेज

0

Budget 2026: भारत की गिग इकॉनमी तेजी से बढ़ रही है। फूड डिलीवरी पार्टनर, कैब ड्राइवर, फ्रीलांसर, कंटेंट क्रिएटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लाखों लोग आज अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ये वर्कर्स शॉर्ट-टर्म और फ्लेक्सिबल काम पर निर्भर हैं। लेकिन अनिश्चित आय, बढ़ती महंगाई और मौसम की मार ने इनकी जिंदगी मुश्किल बना दी है। अगर एक-दो दिन काम नहीं मिला तो कमाई शून्य हो जाती है।

ऐसे में सभी की नजरें यूनियन बजट 2026 (Budget 2026) पर टिकी हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करेंगी। गिग वर्कर्स को उम्मीद है कि इस बजट में उनकी आय सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, सस्ता लोन और टैक्स राहत जैसे कदम उठाए जाएंगे।

Budget 2026: गिग इकॉनमी की स्थिति और चुनौतियां

Budget 2026
Budget 2026

देश में गिग वर्कर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अनुमान है कि 2047 तक यह 62 मिलियन तक पहुंच सकती है। 2030 तक 80 मिलियन से ज्यादा हो सकती है। प्लेटफॉर्म जैसे स्विगी, जोमैटो, उबर, ओला और फ्रीलांसिंग साइट्स पर काम करने वाले युवा इसमें शामिल हैं।

लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं। अनियमित कमाई, कोई फिक्स्ड सैलरी नहीं, कोई पेंशन या स्वास्थ्य बीमा नहीं। मौसम की वजह से काम प्रभावित होता है। हीटवेव, बाढ़ या बारिश में डिलीवरी पार्टनर या ड्राइवर काम नहीं कर पाते। इससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ता है। महंगाई और जीवन यापन की लागत बढ़ने से बचत मुश्किल हो गई है।

गिग वर्कर्स की मुख्य उम्मीदें Budget 2026 से

गिग वर्कर्स और विशेषज्ञों ने Budget 2026 से कई बड़ी उम्मीदें जताई हैं। ये उम्मीदें इनकम सुरक्षा से लेकर फाइनेंशियल सपोर्ट तक हैं:

  1. इनकम सिक्योरिटी (आय सुरक्षा) मौसम की मार से सबसे ज्यादा नुकसान होता है। Plutas.AI के फाउंडर अंकुर इंद्रकुश कहते हैं, “मौजूदा सरकारी बीमा योजनाएं नुकसान के बाद मुआवजा देती हैं, लेकिन जरूरत तुरंत इनकम सपोर्ट की है।”

    पैरामेट्रिक क्लाइमेट इंश्योरेंस की मांग है। यह मौसम डेटा पर आधारित होता है और ऑटोमैटिक भुगतान करता है। जैसे अगर बारिश या हीटवेव का स्तर तय सीमा से ज्यादा हो तो तुरंत पैसे मिलें। इससे वर्कर्स को समय पर राहत मिल सकती है।

  2. सस्ता लोन और आसान क्रेडिट गिग वर्कर्स को अक्सर कैश फ्लो मैनेज करने के लिए लोन की जरूरत पड़ती है। Stashfin की को-फाउंडर श्रुति अग्रवाल कहती हैं, “आसान क्रेडिट के साथ उपभोक्ता सुरक्षा भी जरूरी है।”

    बजट में पारदर्शी नियम, जिम्मेदार लेंडिंग और मजबूत शिकायत निवारण सिस्टम की उम्मीद है। टेक्नोलॉजी और वैकल्पिक डेटा (जैसे प्लेटफॉर्म पर कमाई का रिकॉर्ड) से गिग वर्कर्स को फॉर्मल क्रेडिट सिस्टम से जोड़ा जाए। इससे ब्याज दर कम हो और लोन आसानी से मिले।

  3. सामाजिक सुरक्षा (सोशल सिक्योरिटी) गिग वर्कर्स को दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य कवर, मातृत्व लाभ और वृद्धावस्था सुरक्षा की जरूरत है। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 में गिग वर्कर्स को मान्यता मिली है, लेकिन असल में लागू होना बाकी है।

    बजट में इन योजनाओं को प्रभावी बनाने, ई-श्रम पोर्टल को मजबूत करने और बीमा कवर बढ़ाने की मांग है। न्यूनतम पे फ्लोर या गारंटीड इनकम जैसी स्कीम की भी बात हो रही है।

  4. टैक्स राहत और लाभ गिग वर्कर्स की आय अनियमित होती है। कई युवा फ्रीलांसर और प्रोफेशनल्स टैक्स फाइलिंग में परेशान होते हैं।

    बजट में टैक्स छूट सीमा बढ़ाने, स्किल अपग्रेडेशन पर टैक्स राहत और एजुकेशन लोन पर सब्सिडी की उम्मीद है। स्केलर के को-फाउंडर अभिमन्यु सक्सेना कहते हैं, “युवाओं के लिए टैक्स राहत, सस्ती एजुकेशन फाइनेंसिंग और डिजिटल करियर पाथवे को बढ़ावा मिलना चाहिए।”

  5. स्वास्थ्य बीमा और अन्य सुविधाएं कम कीमत वाली स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी की मांग है। फूड डिलीवरी और कैब एग्रीगेटर्स के लिए स्पेशल स्कीम लाई जा सकती है। साथ ही, काम की बेहतर कंडीशंस और एक लाइसेंस सिस्टम की भी बात है।

विशेषज्ञों की राय और सुझाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि गिग इकॉनमी भारत की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा है। अगर Budget 2026 में इन वर्कर्स को सुरक्षा मिली तो अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। लेकिन सिर्फ घोषणा काफी नहीं, असल में लागू होना जरूरी है।

गिग वर्कर्स की संख्या बढ़ रही है। Budget 2026 में 20 लाख नई नौकरियां आने का अनुमान है। क्विक कॉमर्स और स्टार्टअप्स इसमें योगदान दे रहे हैं। बजट 2026 इन वर्कर्स के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। अगर बजट में इन उम्मीदों पर अमल हुआ तो लाखों गिग वर्कर्स को स्थिरता मिलेगी। नहीं तो चुनौतियां और बढ़ेंगी। सभी की नजरें 1 फरवरी पर टिकी हैं।

Read More Here

Republic Day 2026: यूरोपीय संघ के टॉप लीडर्स Ursula von der Leyen और António Costa मुख्य अतिथि, भारत-यूरोप संबंधों में नया अध्याय

राष्ट्रपति भवन का अमृत उद्यान 3 फरवरी से खुलेगा आम जनता के लिए, निःशुल्क प्रवेश, जानें बुकिंग प्रक्रिया

नोएडा इंजीनियर युवराज मौत मामले में CBI जांच की संभावना, SIT की जांच का आज अंतिम दिन

Border 2 Collection: सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ ने पहले दिन धुरंधर का रिकॉर्ड तोड़ा, कमाए 30 करोड़ रुपये

 

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.