पेंशनभोगियों के लिए बड़ी खुशखबरी, नीतीश सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब घर बैठे होगा जीवन प्रमाणीकरण
बुजुर्गों के लिए अब दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा, कर्मचारी घर जाकर करेंगे सत्यापन; 1.16 करोड़ लाभार्थियों को फायदा
Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने प्रदेश के पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब बुजुर्गों और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को जीवन प्रमाणीकरण के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार ने व्यवस्था की है कि विभाग के कर्मचारी खुद पेंशनभोगियों के घर जाकर उनके जीवित होने का सत्यापन करेंगे।
यह फैसला राज्य के कुल 1.16 करोड़ सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों के लिए किया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि तकनीकी गड़बड़ी या कागजी विसंगतियों के कारण अब किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन नहीं रोकी जाएगी। यह कदम खासतौर पर उन बुजुर्गों के लिए राहत भरा है जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं और कार्यालयों तक नहीं पहुंच पाते।
Bihar News: हर महीने पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर
बिहार सरकार के इस नए फैसले के तहत हर महीने पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में पेंशनभोगी आकर अपना जीवन प्रमाणीकरण करा सकेंगे। लेकिन जो बुजुर्ग या दिव्यांग लाभार्थी शिविर केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी ऐसे लाभार्थियों के घर जाकर उनके जीवित होने का सत्यापन करेंगे। इससे बुजुर्गों को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी और उनकी पेंशन समय पर उनके खाते में जमा होती रहेगी। यह पहल बिहार में बुजुर्गों के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तकनीकी त्रुटि से अब नहीं रुकेगी पेंशन
बिहार सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी तकनीकी खामी या कागजी गड़बड़ी के कारण पात्र व्यक्ति की पेंशन बंद नहीं होगी। अब तक कई बार देखा गया है कि आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग में अंतर, बैंक खाते से लिंक न होने या अन्य दस्तावेजी समस्याओं के कारण पेंशन रुक जाती थी।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि ऐसी स्थिति में तुरंत समस्या का समाधान किया जाए और लाभार्थी को कोई परेशानी न हो। इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगी।
1.16 करोड़ लोगों को मिलती है सामाजिक सुरक्षा पेंशन
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत कुल 1.16 करोड़ लोगों को लाभ मिल रहा है। इसमें वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और अन्य श्रेणियों के लाभार्थी शामिल हैं। यह देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है।
वृद्धावस्था पेंशन में 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग शामिल हैं, जबकि विधवा पेंशन उन महिलाओं को मिलती है जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है। दिव्यांग पेंशन शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए है। हर महीने इन लाभार्थियों के खाते में सीधे पेंशन की राशि ट्रांसफर की जाती है।
Bihar News: घर-घर जाकर होगा सत्यापन, बुजुर्गों को राहत
नीतीश सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा फायदा उन बुजुर्गों को होगा जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं। अब तक ऐसे लोगों को जीवन प्रमाणीकरण के लिए किसी परिजन या पड़ोसी की मदद लेनी पड़ती थी और कार्यालय तक जाना होता था।
अब विभाग के कर्मचारी खुद उनके घर पहुंचकर जीवित होने का सत्यापन करेंगे। इसके लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कर्मचारी लाभार्थी की फोटो लेंगे और जियो-टैगिंग के साथ सिस्टम में अपलोड करेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित होगी।
पेंशन वितरण में आ रही थी दिक्कत

पिछले कुछ समय से बिहार में पेंशन वितरण को लेकर कुछ शिकायतें सामने आ रही थीं। कई लाभार्थियों की पेंशन तकनीकी कारणों से रुक गई थी। कुछ मामलों में आधार कार्ड से बैंक खाता लिंक न होने के कारण समस्या हो रही थी, तो कहीं डुप्लीकेट एंट्री की वजह से दिक्कत आ रही थी।
सरकार ने इन सभी समस्याओं का संज्ञान लेते हुए व्यापक समाधान निकाला है। अब प्रत्येक जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो पेंशन से जुड़ी सभी शिकायतों का तुरंत निवारण करेगा। लाभार्थी टोल-फ्री नंबर पर भी कॉल कर सकते हैं।
Bihar News: डिजिटल प्रणाली से होगा काम आसान
बिहार सरकार ने जीवन प्रमाणीकरण को डिजिटल बनाने के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया है। इसमें बायोमेट्रिक सिस्टम और जियो-टैगिंग का उपयोग होगा। जब विभाग का कर्मचारी किसी लाभार्थी के घर जाएगा, तो वह मोबाइल ऐप के जरिए उसकी फोटो लेगा और लोकेशन के साथ सिस्टम में अपलोड करेगा।
यह डेटा सीधे राज्य सरकार के सर्वर पर जाएगा और तुरंत वेरिफाई हो जाएगा। इससे किसी तरह की धोखाधड़ी की संभावना खत्म हो जाएगी। साथ ही लाभार्थियों को भी एसएमएस के जरिए सूचना मिल जाएगी कि उनका जीवन प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक हो गया है।
विपक्ष ने भी सराहा फैसला
बिहार सरकार के इस फैसले की विपक्षी दलों ने भी सराहना की है। कई विधायकों और सांसदों ने कहा है कि यह कदम बुजुर्गों के हित में उठाया गया सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि इससे वास्तव में जरूरतमंद लोगों को लाभ मिलेगा और पेंशन प्रणाली में पारदर्शिता आएगी।
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अगले महीने से यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू हो जाएगी। सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए रहे हैं, जिसमें कर्मचारियों को नई प्रणाली के बारे में जानकारी दी जा रही है।
यह पहल न केवल बुजुर्गों के लिए राहत भरी है, बल्कि यह दिखाती है कि सरकार तकनीक का उपयोग कर जनकल्याण को कैसे बेहतर बना सकती है। बिहार का यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है।
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