सोना-चांदी में बड़ी उछाल, MCX पर सोना ₹1,60,636 और चांदी ₹2,67,400 प्रति किलो, ट्रंप टैरिफ से मिला सपोर्ट
ट्रंप टैरिफ और भू-राजनीतिक तनाव से सपोर्ट, MCX पर सोना 0.42% और चांदी 2.55% चढ़ी
Gold-Silver Price: वैश्विक व्यापार तनाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखी गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सुबह 10 बजकर 5 मिनट पर 2 अप्रैल की डिलीवरी अनुबंध के लिए सोने की कीमत पिछले सत्र के मुकाबले 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ ₹1,60,636 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई।
चांदी ने और अधिक तेजी दिखाई और 19 मार्च की डिलीवरी अनुबंध के लिए 2.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹2,67,400 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। यह तेजी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मची हलचल का सीधा परिणाम है, जिससे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में कीमती धातुओं की मांग काफी बढ़ गई है।
Gold-Silver Price: महानगरों में आज सोने का हाजिर भाव (Detailed Citywise Prices)
देश के प्रमुख शहरों में आज सोने के हाजिर भाव (प्रति ग्राम) का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
| शहर | 24 कैरेट (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट (प्रति ग्राम) | 18 कैरेट (प्रति ग्राम) |
| दिल्ली | ₹16,204 | ₹14,855 | ₹12,157 |
| मुंबई | ₹16,189 | ₹14,840 | ₹12,142 |
| कोलकाता | ₹16,189 | ₹14,840 | ₹12,142 |
| चेन्नई | ₹16,288 | ₹14,930 | ₹12,765 |
| बेंगलुरु | ₹16,189 | ₹14,840 | ₹12,142 |
नोट: ये कीमतें बाजार की स्थितियों के आधार पर दिन भर बदल सकती हैं।
Gold-Silver Price: ग्लोबल मार्केट में क्या है स्थिति? (अंतरराष्ट्रीय कारकों का विश्लेषण)
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगभग $5,180 प्रति औंस तक पहुंच गई जिससे पिछले सत्र में हुए नुकसान का एक हिस्सा वापस मिल गया। इस भारी तेजी के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियां: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए 10 प्रतिशत वैश्विक टैरिफ मंगलवार से लागू हो गए हैं। ट्रंप प्रशासन की योजना इसे भविष्य में 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की भी है।
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व्यापारिक चेतावनियां: सोमवार को ट्रंप ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी थी कि जिन देशों ने हालिया व्यापार समझौतों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की, उन पर और अधिक ऊंचा टैरिफ लगाया जा सकता है।
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अनिश्चितता का माहौल: व्यापारिक युद्ध और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण निवेशक अन्य संपत्तियों की तुलना में सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं।
Gold-Silver Price: तेजी सीमित रहने की भी वजह (फेडरल रिजर्व का दृष्टिकोण)
हालांकि सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी पूरी तरह बेरोकटोक नहीं रही। इसके पीछे अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का रुख एक बड़ी वजह है:
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ब्याज दरों का गणित: निकट भविष्य में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं।
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फेड अधिकारियों का रुख: मंगलवार को दो फेड अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा समय में मौद्रिक नीति में बदलाव की कोई तत्काल आवश्यकता नहीं है, क्योंकि श्रम बाजार में सुधार जारी है और मुद्रास्फीति (Inflation) स्थिर बनी हुई है।
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बाजार पर प्रभाव: आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, आमतौर पर जब ब्याज दरें कम होने की संभावना होती है, तब सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन जब कटौती की उम्मीद घटती है, तो सोने की यह तेजी एक सीमा के भीतर सिमट जाती है।
निष्कर्ष: अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों, विशेष रूप से अमेरिका के कड़े टैरिफ फैसलों ने बुलियन मार्केट को मजबूत सपोर्ट दिया है। हालांकि, फेडरल रिजर्व की भविष्य की घोषणाएं कीमतों की अगली दिशा तय करेंगी।
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