स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बड़ा खुलासा,- मेडिकल रिपोर्ट ने उड़ाए होश!
मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि, बच्चों ने रोते हुए कोर्ट में सुनाई दर्दनाक कहानी
Swami Avimukteshwaranand: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ दर्ज पॉक्सो मामले में गुरुवार को एक बड़ा मोड़ आया। बेली अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पुलिस को सीलबंद लिफाफे में सौंपी गई और सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में दोनों पीड़ित नाबालिग बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई है। इस खुलासे के बाद से पूरे मामले में आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Swami Avimukteshwaranand: मेडिकल रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा
झूंसी पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल जांच का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार है:
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रेफरल प्रक्रिया: पुलिस बुधवार को दोनों पीड़ित नाबालिग लड़कों को मेडिकल जांच के लिए पहले सीएचसी बनी सरायइनायत ले गई। वहां के डॉक्टरों ने बच्चों की उम्र को देखते हुए उन्हें बेली अस्पताल रेफर कर दिया।
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सीलबंद रिपोर्ट: गुरुवार को अस्पताल प्रशासन ने बंद लिफाफे में यह रिपोर्ट पुलिस को सौंपी।
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पुष्टि के दावे: अस्पताल और पुलिस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सही पाई गई है। हालांकि अभी तक कोई भी पुलिस अधिकारी या डॉक्टर इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
Swami Avimukteshwaranand: कोर्ट के सामने रोते हुए बच्चों ने सुनाई दर्दनाक कहानी
मेडिकल टेस्ट से एक दिन पहले यानी बुधवार को दोनों पीड़ित नाबालिग लड़कों को कोर्ट में पेश किया गया था:
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भावुक बयान: सूत्रों के मुताबिक दोनों बच्चे बयान देते समय रो पड़े। उन्होंने मुकुंदानंद समेत कई अन्य लोगों के नाम लेते हुए उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए।
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वादी का पक्ष: मुकदमे के वादी आशुतोष ब्रम्हचारी ने बताया कि बच्चों ने कोर्ट के सामने बेहद दर्दनाक तरीके से पूरी घटना का ब्यौरा दिया। उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम भी लिया।
Swami Avimukteshwaranand: कब और कैसे दर्ज हुआ था मुकदमा?
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तहरीर और आदेश: झूंसी पुलिस ने यह मुकदमा कोर्ट के आदेश और मथुरा वृंदावन निवासी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रम्हचारी की तहरीर पर दर्ज किया था।
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आरोप: आरोप है कि महाकुंभ और माघ मेले के दौरान नाबालिग लड़कों के साथ कुकर्म किया गया।
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धाराएं: पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, मुकुंदानंद और तीन अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धमकी और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत यह मुकदमा कायम किया है।
Swami Avimukteshwaranand: आरोपियों के खिलाफ वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई तेज कर चुकी है:
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पहचान: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद के अलावा तीन अज्ञात आरोपितों की पहचान करने की कोशिशें भी जारी हैं।
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साक्ष्य संकलन: गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
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विवेचना: विवेचक यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि अदालत में मामला पूरी मजबूती से पेश हो।
Swami Avimukteshwaranand: अग्रिम जमानत के लिए हाई कोर्ट पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद
मेडिकल रिपोर्ट के खुलासे से पहले ही स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कानूनी कदम उठाया है:
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इलाहाबाद हाई कोर्ट: उन्होंने पॉक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमे के खिलाफ अग्रिम जमानत याचिका दायर की है।
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कानूनी पेच: जानकारों का मानना है कि पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में जब मेडिकल रिपोर्ट और पीड़ितों के बयान दोनों आरोपों की पुष्टि कर रहे हों, तो अग्रिम जमानत मिलना बेहद मुश्किल हो जाता है।
Swami Avimukteshwaranand: धार्मिक जगत और सामाजिक प्रभाव
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काशी के जाने-माने धर्मगुरु हैं और उनका धार्मिक क्षेत्र में काफी प्रभाव रहा है:
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बड़ा झटका: उन पर लगे ये आरोप न केवल उनके लिए बल्कि धार्मिक जगत के लिए भी बड़ा झटका माने जा रहे हैं।
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सुरक्षा पर सवाल: इस मामले ने धार्मिक संस्थाओं में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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निष्पक्ष जांच: विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
निष्कर्ष
फिलहाल पुलिस मेडिकल रिपोर्ट को विवेचना में शामिल कर आगे की कार्रवाई करेगी। तीन अज्ञात आरोपितों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ सबूत जुटाए जाएंगे। इलाहाबाद हाई कोर्ट में अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत याचिका पर भी जल्द सुनवाई होने की संभावना है। इस पूरे मामले पर अब देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।
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