Bengal Chunav 2026: बंगाल चुनाव के लिए BJP और वाम दलों ने चुनाव आयोग से मांगा अधिकतम 3 चरणों में मतदान, केंद्रीय बलों के दुरुपयोग और हिंसा की आशंका पर उठाए सवाल

BJP ने चुनाव आयोग से WB विधानसभा चुनाव अधिकतम 3 चरणों में कराने की मांग; केंद्रीय बलों के दुरुपयोग, हिंसा आशंका और संवेदनशील बूथों पर 16 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा

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Bengal Chunav 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं और सियासी हलचल भी बढ़ने लगी है। सोमवार 9 मार्च 2026 को भारतीय जनता पार्टी यानी BJP के एक प्रतिनिधिमंडल ने कोलकाता में भारत निर्वाचन आयोग के पूर्ण पीठ से मुलाकात की। इस बैठक में BJP ने कई अहम मांगें रखीं जिनमें सबसे प्रमुख यह थी कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अधिकतम तीन चरणों में ही कराए जाएं। साथ ही पार्टी ने राज्य में हिंसामुक्त और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए 16 सूत्रीय मांगपत्र भी सौंपा।

Bengal Chunav 2026: चुनाव आयोग के साथ बैठक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी भी इस बैठक में मौजूद रहे। चुनाव आयोग ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पार्टियों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की ताकि चुनाव संचालन को लेकर उनकी चिंताएं और सुझाव सुने जा सकें। BJP की ओर से तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में पार्टी नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और शिशिर बजोरिया शामिल थे।

अधिकतम 3 चरणों की मांग

BJP की सबसे बड़ी मांग यह रही कि पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव एक, दो या अधिकतम तीन चरणों में कराए जाएं। पार्टी नेता जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने साफ कहा कि सात या आठ चरणों में चुनाव कराने की कोई जरूरत नहीं है। पिछले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में चरण रखे गए थे जिसे लेकर BJP लंबे समय से आपत्ति जताती रही है।

Bengal Chunav 2026: केंद्रीय बलों के दुरुपयोग पर गंभीर आरोप

BJP ने राज्य में तैनात करीब 400 कंपनी केंद्रीय बलों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि राज्य पुलिस इन केंद्रीय बलों को संवेदनशील इलाकों की बजाय शांत और कम महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रूट मार्च कराने के लिए मजबूर कर रही है। नेता शिशिर बजोरिया ने कहा कि उन्होंने खुद देखा है कि रूट मार्च पूरी तरह शांत इलाकों में हो रहे हैं। मुख्य सड़कों पर जहां केवल वाहन चलते हैं वहां केंद्रीय बल तैनात किए जा रहे हैं जबकि संवेदनशील क्षेत्र उपेक्षित पड़े हैं। पार्टी ने कहा कि यह चुनाव आयोग के संवेदनशील क्षेत्रों संबंधी मानदंडों का सीधा उल्लंघन है।

संवेदनशील बूथों की नई परिभाषा की मांग

BJP ने चुनाव आयोग से यह भी मांग की कि संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान के मानदंडों को नए सिरे से परिभाषित किया जाए। पार्टी का प्रस्ताव है कि जिस भी बूथ पर पिछले चुनाव में 85 फीसदी से अधिक मतदान हुआ हो या जहां पूर्व में चुनावी हिंसा के दस्तावेजी प्रमाण मौजूद हों उसे स्वतः ही संवेदनशील बूथ घोषित किया जाए और वहां अतिरिक्त सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

Bengal Chunav 2026: विश्वास बहाली उपायों पर असंतोष

BJP ने साफ कहा कि मौजूदा विश्वास बहाली उपाय मतदाताओं को भरोसा दिलाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। पार्टी ने मांग की कि जो पुलिस अधिकारी और सरकारी कर्मचारी मतदाताओं को वोट डालने से रोकते हैं उनके खिलाफ आयोग कठोर कार्रवाई करे। पार्टी के अनुसार अगर सच में निष्पक्ष और हिंसामुक्त माहौल बनाना है तो राज्य पुलिस के रवैये पर लगाम लगाना जरूरी है।

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव राजनीतिक रूप से हमेशा से संवेदनशील रहे हैं और इस बार भी TMC और BJP के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। चुनाव आयोग की यह बैठक उसी बड़े सिलसिले का हिस्सा है जिसमें सभी दलों की चुनावी चिंताओं को सुनकर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।

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