तारिक रहमान ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए पीएम मोदी को दिया न्योता, जानें आगे क्या होगी भारत की कूटनीति
16 फरवरी 2026 को ढाका में आयोजन, भारत से उच्च स्तरीय प्रतिनिधि संभावित; फ्रांस राष्ट्रपति से मुलाकात के कारण पीएम मोदी नहीं जा पाएंगे
Bangladesh New PM: बांग्लादेश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। देश के अगले प्रधानमंत्री तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह 16 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण समारोह के लिए बांग्लादेश ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को औपचारिक निमंत्रण भेजा है। ढाका से यह निमंत्रण शनिवार देर रात भारतीय पक्ष को दिया गया जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी के नेताओं ने संकेत दिया कि शपथ ग्रहण समारोह में क्षेत्रीय नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। तारिक रहमान की बीएनपी ने हाल ही में हुए चुनावों में शानदार जीत हासिल की है और अब वे बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं।
हालांकि सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ढाका जाने की संभावना बहुत कम है क्योंकि उनका कार्यक्रम पहले से निर्धारित है। पीएम मोदी 17 फरवरी 2026 को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं। राष्ट्रपति मैक्रों अगले सप्ताह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। यह समिट भारत में एआई के भविष्य और वैश्विक सहयोग पर केंद्रित होगा। चूंकि पीएम मोदी की मुंबई में महत्वपूर्ण बैठक है इसलिए उनके लिए बांग्लादेश जाना संभव नहीं होगा। फिर भी भारत इस समारोह को बहुत महत्व दे रहा है और उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की योजना बना रहा है।
भारत की ओर से वरिष्ठ नेता की उपस्थिति संभावित
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय पक्ष की ओर से किसी वरिष्ठ नेता की उपस्थिति हो सकती है। संभावना है कि भारत के उपराष्ट्रपति या विदेश मंत्री इस महत्वपूर्ण समारोह में भाग लेने के लिए ढाका जाएंगे। यह भारत की ओर से बांग्लादेश के नए नेतृत्व के प्रति सम्मान और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का संकेत होगा। भारतीय पक्ष एक सतर्क और संतुलित दृष्टिकोण अपना रहा है। एक ओर भारत बांग्लादेश के नए नेतृत्व के साथ संबंध स्थापित करना चाहता है लेकिन दूसरी ओर वह जल्दबाजी में सुलह करते हुए भी नहीं दिखना चाहता। हाल के महीनों में भारत बांग्लादेश संबंधों में कुछ तनाव देखा गया था।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता छोड़नी पड़ी थी। उसके बाद से दोनों देशों के संबंध निचले स्तर पर पहुंच गए थे। हालांकि भारत के लिए अभी भी प्राथमिकता है कि गिरे हुए रिश्तों को फिर से मजबूत किया जाए। बांग्लादेश भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। इसलिए भारत इस समारोह में उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहता है।
Bangladesh New PM: सार्क देशों के नेताओं को भी मिलेगा निमंत्रण
बांग्लादेश की योजना केवल भारत तक सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी सार्क के अधिकांश नेताओं को आमंत्रित करने पर विचार चल रहा है। यह एक प्रतीकात्मक कदम होगा क्योंकि सार्क की स्थापना तारिक रहमान के पिता और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान ने की थी। जियाउर रहमान दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने इस संगठन को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
तारिक रहमान अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए सार्क देशों के साथ मजबूत संबंध बनाना चाहते हैं। सार्क में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव और अफगानिस्तान शामिल हैं। इन सभी देशों के नेताओं को निमंत्रण भेजा जा सकता है। इससे क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा और बांग्लादेश की विदेश नीति में क्षेत्रीय जुड़ाव की प्राथमिकता स्पष्ट होगी।
अन्य मित्र देशों के नेताओं को भी बुलाने की योजना
सार्क देशों के अलावा बांग्लादेश कुछ अन्य मित्र देशों के राष्ट्राध्यक्षों या सरकार के प्रमुखों को भी आमंत्रित करने की योजना बना रहा है। इनमें चीन, मलेशिया, सऊदी अरब और तुर्की जैसे महत्वपूर्ण देश शामिल हैं। ये सभी देश बांग्लादेश के महत्वपूर्ण आर्थिक और राजनीतिक साझेदार हैं। चीन बांग्लादेश में बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश कर रहा है। मलेशिया और सऊदी अरब से बांग्लादेश के गहरे सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध हैं। तुर्की भी हाल के वर्षों में बांग्लादेश के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है।
इन देशों के नेताओं को आमंत्रित करना तारिक रहमान की विदेश नीति की दिशा को दर्शाता है। यह संकेत करता है कि नया बांग्लादेश सरकार पारंपरिक साझेदारों के साथ साथ नए रिश्ते भी बनाना चाहती है। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण होगा कि तारिक रहमान विभिन्न देशों के साथ संतुलित संबंध कैसे बनाए रखते हैं। बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति और आर्थिक जरूरतों के कारण उसे सभी प्रमुख शक्तियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने होंगे।
Bangladesh New PM: भारत बांग्लादेश संबंधों का भविष्य
तारिक रहमान की सरकार के सत्ता में आने से भारत बांग्लादेश संबंधों में नया अध्याय शुरू होगा। रहमान ने चुनाव जीतने के बाद अपने भाषणों में बांग्लादेश फर्स्ट की नीति पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि बांग्लादेश के हित देश की विदेश नीति का आधार होंगे। भारत और चीन दोनों के साथ संबंधों को बांग्लादेश के फायदे के आधार पर तय किया जाएगा। भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण संकेत है।
नई सरकार के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत करना होगा। सुरक्षा सहयोग, व्यापार, कनेक्टिविटी और सांस्कृतिक आदान प्रदान सभी क्षेत्रों में काम करना होगा। भारत को यह सुनिश्चित करना होगा कि बांग्लादेश में उसके रणनीतिक हित सुरक्षित रहें।
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