मोहम्मद यूनुस ने दिया इस्तीफा, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण से एक दिन पहले छोड़ा पद, विदाई भाषण में कहा- बांग्लादेश अब दबाव वाला देश नहीं

मोहम्मद यूनुस ने 16 फरवरी को इस्तीफा दिया, तारिक रहमान 17 फरवरी को नए प्रधानमंत्री बनेंगे, बीएनपी ने 209 सीटें जीतीं

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Bangladesh New PM: बांग्लादेश में राजनीतिक सत्ता का सुचारू हस्तांतरण सोमवार 16 फरवरी 2026 को पूरा हो गया। देश के अंतरिम नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने सोमवार को ढाका में अपने पद से औपचारिक रूप से इस्तीफे की घोषणा कर दी। यह घोषणा तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी सरकार के गठन से ठीक एक दिन पहले की गई। आज 17 फरवरी 2026 को तारिक रहमान बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। मोहम्मद यूनुस ने अगस्त 2024 से देश का नेतृत्व किया था जब छात्र आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार गिर गई थी। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में उन्होंने देश को स्थिरता प्रदान की और लोकतांत्रिक चुनाव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सोमवार शाम को राष्ट्र के नाम अपने विदाई संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने भावुक होकर कहा कि अंतरिम सरकार आज अपना पद छोड़ रही है और निर्वाचित सरकार को सत्ता सौंप रही है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की जो प्रक्रिया शुरू हुई है उसे किसी भी परिस्थिति में रोका न जाए। यूनुस ने यह भी स्पष्ट किया कि बांग्लादेश अब कोई दबाव वाला देश नहीं रह गया है और अन्य देशों के साथ उसके संबंध पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय हितों पर आधारित होंगे। इस्तीफे के साथ ही यूनुस ने आधिकारिक तौर पर सत्ता की चाबी तारिक रहमान को सौंप दी है।

Bangladesh New PM: अगस्त 2024 से संभाल रहे थे बांग्लादेश की कमान

मोहम्मद यूनुस का बांग्लादेश की राजनीति में आना एक असामान्य परिस्थिति का परिणाम था। जुलाई 2024 में बांग्लादेश में व्यापक छात्र आंदोलन शुरू हुआ था। यह आंदोलन सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली के खिलाफ शुरू हुआ था लेकिन धीरे धीरे यह शेख हसीना की सरकार के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन में बदल गया। अगस्त 2024 के पहले सप्ताह में स्थिति इतनी विस्फोटक हो गई कि प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़कर भागना पड़ा। वे भारत में शरण लेने के लिए आईं और तब से यहीं हैं। शेख हसीना की सरकार के गिरने के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक शून्य की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। देश में अशांति और अराजकता का माहौल था।

ऐसे में एक स्थिर और निष्पक्ष व्यक्ति की जरूरत थी जो देश को संभाल सके। छात्र नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सेना ने मिलकर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया। नोबेल शांति पुरस्कार विजेता होने के कारण उनकी अंतरराष्ट्रीय साख थी। माइक्रोफाइनेंस के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था। मोहम्मद यूनुस ने देश की सेवा के लिए यह जिम्मेदारी स्वीकार की। अगस्त 2024 में उन्हें अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया। उन्होंने सबसे पहले देश में शांति और व्यवस्था बहाल करने पर ध्यान दिया। फिर लोकतांत्रिक संस्थाओं को पुनर्जीवित करने का काम शुरू किया। चुनाव आयोग का गठन किया गया और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने की तैयारी शुरू हुई।

Bangladesh New PM: विदाई भाषण में दिया लोकतंत्र को मजबूत रखने का संदेश

सोमवार शाम को राष्ट्र के नाम अपने विदाई संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने बेहद भावुक और प्रेरक शब्दों में देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज अंतरिम सरकार अपना कार्यकाल पूरा करके पद छोड़ रही है। हम निर्वाचित प्रतिनिधियों को सत्ता सौंप रहे हैं। यह लोकतंत्र की जीत है। लेकिन उन्होंने आगे चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों की जो प्रक्रिया पिछले छह महीनों में शुरू हुई है उसे किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाना चाहिए। जनता ने बहुत संघर्ष करके लोकतंत्र हासिल किया है।

अब इसे मजबूत करना नई सरकार की जिम्मेदारी है। यूनुस ने यह भी कहा कि बांग्लादेश अब कोई दबाव वाला देश नहीं है। यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि शेख हसीना की सरकार पर अक्सर यह आरोप लगता था कि वह भारत और अन्य देशों के दबाव में काम करती है। यूनुस ने स्पष्ट किया कि नई सरकार सभी देशों के साथ संबंध बनाएगी लेकिन ये संबंध पारस्परिक सम्मान और बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों पर आधारित होंगे। किसी का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ मित्रतापूर्ण संबंध चाहता है लेकिन यह संबंध बराबरी और सम्मान पर आधारित होना चाहिए। यूनुस ने अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश एक धर्मनिरपेक्ष देश है और यहां सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार हैं।

बीएनपी की प्रचंड जीत, 209 सीटें हासिल कीं

हाल ही में बांग्लादेश में संपन्न हुए 13वें संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को प्रचंड बहुमत मिला है। कुल 297 संसदीय सीटों में से बीएनपी ने 209 सीटें जीती हैं। यह एक शानदार जीत है जो दो दशकों से अधिक समय के बाद बीएनपी की सत्ता में वापसी का मार्ग प्रशस्त करती है। बीएनपी की सहयोगी दक्षिणपंथी पार्टी जमात ए इस्लामी ने 68 सीटें हासिल की हैं। दोनों मिलकर 277 सीटों का गठबंधन बनाते हैं जो संसद में स्पष्ट बहुमत है।

दिलचस्प बात यह है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति ही नहीं दी गई थी। अंतरिम सरकार ने कहा था कि अवामी लीग पर विभिन्न आपराधिक मामले लंबित हैं और जब तक उनकी जांच नहीं हो जाती तब तक पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकती। इस फैसले की आलोचना भी हुई लेकिन अंतरिम सरकार अपने रुख पर अडिग रही। चुनाव में मतदान प्रतिशत 59.44 रहा जो संतोषजनक माना जा रहा है। यूनुस ने पिछले सप्ताह बीएनपी की जीत पर बधाई देते हुए कहा था कि यह जनता का निर्णय है और लोकतंत्र की जीत है।

Bangladesh New PM: आज संसद परिसर में होगा शपथ ग्रहण समारोह

तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह आज 17 फरवरी 2026 को दोपहर में आयोजित किया जाएगा। परंपरा को तोड़ते हुए यह समारोह बंगभवन यानी राष्ट्रपति भवन के बजाय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में होगा। 60 वर्षीय बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने यह निर्णय लिया है कि शपथ ग्रहण जनता के बीच हो। संसद परिसर में अधिक लोग इस समारोह में शामिल हो सकते हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन तारिक रहमान और नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे।

सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस ने पुष्टि की है कि सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कई देशों के प्रतिनिधि इस समारोह में शामिल होने के लिए ढाका पहुंच चुके हैं। भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश सचिव विक्रम मिसरी शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेंगे। सार्क देशों के कई नेता भी आमंत्रित हैं। यह बांग्लादेश के लिए एक नया अध्याय है और पूरा देश उम्मीद से भरा है कि तारिक रहमान का नेतृत्व देश को समृद्धि की ओर ले जाएगा।

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