Baglamukhi Jayanti 2026: शत्रुओं पर विजय और धन प्राप्ति के लिए 24 अप्रैल को करें ये 7 महाउपाय, माँ पीतांबरा भर देंगी खुशियों से आपकी झोली

24 अप्रैल को बगलामुखी जयंती, जानें 7 चमत्कारी उपाय, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शत्रु नाश के रहस्य

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Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती 2026 इस बार 24 अप्रैल, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह दिन शत्रु नाश, वाणी सिद्धि, विवादों में विजय और धन-धान्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में स्तंभन शक्ति की देवी हैं। उनकी कृपा से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और साधक को विशेष सिद्धि प्राप्त होती है।

इस जयंती पर सही विधि से पूजा, मंत्र जाप और कुछ सरल उपाय करने से धन-धान्य की बरसात होती है, शत्रु स्वयं हार मान लेते हैं और वाणी पर पूर्ण नियंत्रण आ जाता है। आइए जानते हैं बगलामुखी जयंती 2026 पर किए जाने वाले खास उपाय, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

महत्वपूर्ण तिथि एवं शुभ चौघड़िया मुहूर्त

बगलामुखी जयंती 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।

  • अष्टमी तिथि प्रारंभ: 24 अप्रैल सुबह 7:18 बजे

  • अष्टमी तिथि समाप्त: 25 अप्रैल सुबह 5:51 बजे

विशेष पूजा मुहूर्त: * ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:15 से 4:58 बजे

  • अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:52 से 12:45 बजे

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:31 से 3:24 बजे

  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:55 से 7:17 बजे

शुक्रवार का दिन होने से पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। पीले रंग का विशेष महत्व है, इसलिए इस दिन पीले वस्त्र धारण करना अत्यंत फलदायी होगा।

माँ पीतांबरा की महिमा और दिव्य शक्तियां

मां बगलामुखी को पीतांबरा देवी भी कहा जाता है। वे शत्रु की वाणी और शक्ति को स्तंभित करने वाली देवी हैं। उनकी कृपा से कोर्ट-कचहरी, मुकदमों और पुराने विवादों में विजय मिलती है। इसके अलावा, माँ की साधना से नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है, साथ ही साधक को वाणी की शक्ति और अपार समृद्धि प्राप्त होती है। बगलामुखी जयंती पर की गई साधना पूरे साल के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच की तरह काम करती है।

किस्मत बदलने वाले 7 अचूक उपाय

  1. सिद्ध मंत्र का जाप: हल्दी की माला से “ॐ ह्रीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तंभय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्रीं ॐ स्वाहा” मंत्र का जाप करें।

  2. पीत वस्तुओं का दान: इस दिन पीले कपड़े, हल्दी, चने की दाल, केसर और पीली मिठाई का दान गरीबों को करें।

  3. विशेष पुष्प अर्चन: माँ को पीले गेंदे या चमेली के फूल चढ़ाएं और घी का दीपक जलाकर आरती करें।

  4. हवन एवं यज्ञ: हल्दी और चने की दाल से छोटा हवन करने पर शत्रु बाधा का पूर्ण विनाश होता है।

  5. पीपल और तुलसी पूजा: पीले आसन पर बैठकर इन पवित्र वृक्षों के पास मंत्र जाप करने से ऊर्जा का संचार होता है।

  6. शत्रुता निवारण प्रार्थना: शत्रुओं के कल्याण और उनकी बुद्धि शुद्ध करने की माँ से प्रार्थना करें।

  7. समृद्धि के लिए माला का उपाय: रात को मंत्र जप कर पीली माला तकिए के नीचे रखें और सुबह मंदिर में अर्पित कर दें।

सम्पूर्ण पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीले वस्त्र पहनें।

  • माँ बगलामुखी की प्रतिमा या यंत्र को पीले कपड़े पर स्थापित करें।

  • गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करें और माँ को हल्दी का तिलक लगाएं।

  • पीले फूल, फल और धूप-दीप से विधिपूर्वक पूजन करें।

  • हल्दी की माला से मंत्रों का जाप करें और माँ की आरती गाएं।

  • पूजा के अंत में जरूरतमंदों को पीले भोजन का दान अवश्य करें।

ज्योतिष विशेषज्ञों का परामर्श

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल शुक्रवार का संयोग होने से बगलामुखी जयंती पर राहु-केतु और मंगल दोष के निवारण के लिए विशेष योग बन रहे हैं। वरिष्ठ ज्योतिषियों का कहना है कि जो लोग नौकरी में परेशानी या कोर्ट केस का सामना कर रहे हैं, उनके लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है। पीले रंग का अधिकतम प्रयोग और मंत्र साधना इस दिन सफलता की कुंजी है।

Baglamukhi Jayanti 2026: बाधाओं से मुक्ति का पावन दिन

बगलामुखी जयंती 2026 धन-धान्य, शत्रु नाश और वाणी सिद्धि का शक्तिशाली अवसर है। 24 अप्रैल को श्रद्धापूर्वक माँ की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और सभी संकटों का नाश होगा। माँ बगलामुखी की कृपा से आपका जीवन सुख, समृद्धि और शांति से भर जाए। आप सभी को बगलामुखी जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। मंत्र साधना और विशेष अनुष्ठानों के लिए किसी अनुभवी आचार्य या विशेषज्ञ से मार्गदर्शन जरूर लें।

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