असम चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, CM हिमंत के भाई बने CID के SSP, कई जिलों में अधिकारियों के तबादले
विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस विभाग में व्यापक बदलाव, सुशांत विश्व शर्मा को मिली अहम जिम्मेदारी, DSP और SSP स्तर पर कई तबादले
Assam Assembly Election 2026: असम में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल में सबसे अहम बदलाव मुख्यमंत्री हिमंता विश्व शर्मा के छोटे भाई सुशांत विश्व शर्मा का तबादला है। बरपेटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के पद से उन्हें हटाकर अब CID (महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध) का वरिष्ठ SSP बनाया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब राज्य में मार्च-अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल चुनावी तैयारियों का हिस्सा हो सकता है और इससे प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
सुशांत विश्व शर्मा को मिली नई जिम्मेदारी
सुशांत विश्व शर्मा असम पुलिस सेवा के एक अनुभवी अधिकारी हैं और पिछले कुछ समय से बरपेटा जिले में SSP के रूप में कार्यरत थे। बरपेटा असम का एक संवेदनशील जिला माना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण रहा है।
अब उन्हें CID (महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध) का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। यह विभाग महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की जांच करता है और इसकी जिम्मेदारी अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। इस पद पर सुशांत विश्व शर्मा को राज्यभर में महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराधों की निगरानी और जांच की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
उनकी जगह पुष्किन जैन को बरपेटा का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। पुष्किन जैन भी एक अनुभवी अधिकारी हैं और उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे बरपेटा में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखेंगे।
Assam Assembly Election 2026: CID में अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
प्रशासनिक फेरबदल में गुवाहाटी के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) हरेकृष्ण नाथ को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें CID (व्हाइट कॉलर क्राइम) का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
व्हाइट कॉलर क्राइम यानी सफेदपोश अपराधों में वित्तीय धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और अन्य जटिल आर्थिक अपराध शामिल होते हैं। इस विभाग की जिम्मेदारी संभालना भी बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसमें तकनीकी और वित्तीय जानकारी दोनों की आवश्यकता होती है।
हरेकृष्ण नाथ की जगह हिरण्य कुमार बर्मन को गुवाहाटी में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (इंटेलिजेंस) का पद सौंपा गया है। इंटेलिजेंस विभाग खुफिया जानकारी जुटाने और सुरक्षा संबंधी मामलों को देखने का काम करता है, जो विशेषकर चुनाव के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।
DSP स्तर पर व्यापक बदलाव
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण तबादले किए गए हैं। बसिष्ठ के सहायक पुलिस आयुक्त प्रांजल बरुआ को सादिया का DSP नियुक्त किया गया है।
सादिया असम का एक सीमावर्ती क्षेत्र है और यहां की तैनाती को संवेदनशील माना जाता है। प्रांजल बरुआ की जगह STF (स्पेशल टास्क फोर्स) के DSP सत्येंद्र सिंह हजारी बसिष्ठ में सहायक पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
सादिया के पूर्व DSP नैमुद्दीन को चराइदेव का DSP (सुरक्षा) बनाया गया है। चराइदेव असम का ऐतिहासिक जिला है और यहां अहोम राजवंश की विरासत है। सुरक्षा की दृष्टि से यह क्षेत्र भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
चराइदेव में पहले से तैनात DSP (सुरक्षा) मृणाल कुमार दास को एक अन्य पद पर स्थानांतरित किया गया है। इस प्रकार एक श्रृंखलाबद्ध तबादले की प्रक्रिया पूरी की गई है।
Assam Assembly Election 2026: विजिलेंस और तिनसुकिया में नई नियुक्तियां
विजिलेंस और एंटी-करप्शन विभाग के DSP ऋतुपर्ण गोगोई को तिनसुकिया जिले का उप पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। तिनसुकिया असम का एक महत्वपूर्ण जिला है और यहां तेल उद्योग से जुड़ी गतिविधियां भी होती हैं।
ऋतुपर्ण गोगोई की जगह अमर ज्योति सैकिया को विजिलेंस और एंटी-करप्शन विभाग में DSP के रूप में नियुक्त किया गया है। विजिलेंस विभाग सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करता है, इसलिए यह पद भी अत्यंत संवेदनशील और जिम्मेदारी भरा माना जाता है।
गृह विभाग के आदेश से हुए बदलाव
ये सभी प्रशासनिक फेरबदल असम सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय तिवारी के आदेश से किए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव के स्तर से जारी आदेश यह दर्शाता है कि इन तबादलों को उच्च स्तर पर मंजूरी दी गई है।
राज्य सरकार ने इन तबादलों के पीछे कोई विशेष कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताया है, लेकिन यह स्पष्ट है कि चुनाव से पहले प्रशासनिक तंत्र को मजबूत करने और उचित स्थानों पर अनुभवी अधिकारियों को तैनात करने का प्रयास किया गया है।
Assam Assembly Election 2026: असम में कब होंगे विधानसभा चुनाव
असम में विधानसभा के चुनाव मार्च-अप्रैल 2026 में होने की संभावना है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए उससे पहले चुनाव संपन्न कराना आवश्यक है।
भारत निर्वाचन आयोग जल्द ही चुनाव की तारीखों की घोषणा कर सकता है। चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा के बाद आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद किसी भी प्रकार के प्रशासनिक तबादले पर रोक लग जाएगी। इसलिए राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले ही आवश्यक प्रशासनिक फेरबदल कर दिए हैं।
2021 के चुनाव परिणाम और वर्तमान स्थिति
2021 में असम में हुए पिछले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज की थी। एनडीए में भाजपा ने 60 सीटें, असम गण परिषद ने 9 सीटें और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने 6 सीटें जीती थीं। इस प्रकार गठबंधन को कुल 75 सीटें मिली थीं।
दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाले महाजोत (महागठबंधन) को केवल 50 सीटें मिली थीं, जिसमें कांग्रेस 29 सीटों पर सिमट गई थी और AIUDF को 16 सीटें मिली थीं। यह पहली बार था जब असम में कांग्रेस के अलावा किसी अन्य पार्टी या गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाई।
हिमंता विश्व शर्मा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने पिछले करीब पांच वर्षों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और विकास कार्यों पर जोर दिया है। अब आगामी चुनावों में भाजपा और एनडीए एक बार फिर जीत की उम्मीद कर रहे हैं।
Assam Assembly Election 2026: निष्कर्ष
असम में विधानसभा चुनाव से पहले किया गया यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। मुख्यमंत्री के भाई सुशांत विश्व शर्मा को CID का वरिष्ठ SSP बनाना और अन्य कई अधिकारियों के तबादले यह दर्शाते हैं कि सरकार चुनाव से पहले प्रशासनिक तैयारियों को मजबूत कर रही है। यह फेरबदल राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं।
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