Amarnath Yatra पर श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, परिवहन विभाग ने तय किया बस और ऑटो का किराया
Amarnath Yatra पर श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, परिवहन विभाग ने तय किया बस और ऑटो का किराया
Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अमरनाथ यात्रा का पहला जत्था उत्साह के साथ रवाना हो चुका है। 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। अक्सर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा अधिक किराया वसूली की शिकायतें सामने आती रही हैं, जिसे देखते हुए इस बार प्रशासन और परिवहन विभाग ने कमर कस ली है। यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और वे तय किराए पर सुरक्षित यात्रा कर सकें, इसके लिए सरकार ने प्रमुख मार्गों पर बस, टैक्सी और ऑटो के किराए की दरें स्पष्ट कर दी हैं।
Amarnath Yatra: प्रमुख मार्गों का आधिकारिक किराया चार्ट
परिवहन विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, अलग अलग रूटों के लिए किराया इस प्रकार निर्धारित किया गया है:
श्रीनगर से बालटाल रूट:
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बस का किराया: 175 रुपये प्रति यात्री
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टैक्सी का किराया: 386 रुपये
बालटाल से जम्मू रूट:
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बस का किराया: 643 रुपये प्रति यात्री
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टैक्सी का किराया: 1421 रुपये
श्रीनगर से पहलगाम रूट:
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बस का किराया: 173 रुपये प्रति यात्री
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टैक्सी का किराया: 384 रुपये
पहलगाम से जम्मू रूट:
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बस का किराया: 434 रुपये प्रति यात्री
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टैक्सी का किराया: 959 रुपये
श्रीनगर से जम्मू रूट:
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बस का किराया: 468 रुपये प्रति यात्री
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टैक्सी का किराया: 1035 रुपये
Amarnath Yatra: ऑटो और ई-ऑटो का किराया
स्थानीय स्तर पर आवाजाही के लिए ऑटो और ई-ऑटो के किराए को भी पारदर्शी बनाया गया है:
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पेट्रोल ऑटो: पहले 1 किलोमीटर के लिए 26 रुपये और इसके बाद प्रति किलोमीटर 20 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
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ई-ऑटो: इसके लिए पहले 1 किलोमीटर का किराया 25 रुपये और आगे के लिए 20 रुपये प्रति किलोमीटर निर्धारित है।
Amarnath Yatra: मनमानी वसूली पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यात्रा के दौरान कोई भी वाहन चालक निर्धारित दर से अधिक किराया नहीं वसूल सकेगा। परिवहन विभाग की टीमों को विशेष रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई ड्राइवर निर्धारित किराए से अधिक मांगता है, तो उसका तत्काल चालान काटा जाएगा। बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों का रूट परमिट तक रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले इन निर्धारित दरों को ध्यान में रखें और किसी भी प्रकार की जबरन वसूली या अधिक किराया मांगे जाने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। यात्रा का लक्ष्य केवल दर्शन ही नहीं, बल्कि एक सुखद और सुरक्षित अनुभव भी होना चाहिए, जिसमें प्रशासन की यह पहल मददगार साबित होगी।
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