अमेरिका में AI से नौकरी जाने का डर बढ़ा: Quinnipiac सर्वे में 70% लोगों ने जताई चिंता, 74% नागरिकों ने सरकारी नियमन की कमी पर जताई नाराजगी – जानें आंकड़े और वैश्विक प्रभाव

Quinnipiac सर्वे: अमेरिका में 70% लोग AI से नौकरी जाने को लेकर चिंतित, 74% ने नियमन की कमी पर जताई नाराजगी

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AI Job Loss Fear: अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चिंता तेजी से बढ़ रही है। Quinnipiac विश्वविद्यालय के ताजा सर्वे में 70% अमेरिकी नागरिकों ने माना कि एआई तकनीक के विस्तार से दुनियाभर में बड़े पैमाने पर नौकरियां जा सकती हैं। 74% लोगों ने सरकारी नियमन की कमी पर भी नाराजगी जताई। एक समय था जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल विज्ञान कथाओं का हिस्सा था। आज वही तकनीक करोड़ों लोगों की नींद उड़ा रही है। अमेरिका जैसे विकसित देश में जहां तकनीक को हमेशा संभावनाओं के रूप में देखा गया, वहां भी अब हर 10 में से 7 नागरिक यह सोचकर बेचैन हैं कि कहीं एआई उनकी रोजी रोटी न छीन ले।

AI job loss fear: Quinnipiac सर्वे के मुख्य बिंदु और विश्वसनीयता

Quinnipiac विश्वविद्यालय ने 19 से 23 मार्च 2026 के बीच 1,400 अमेरिकी वयस्कों के बीच एक व्यापक सर्वे किया। इस सर्वे में हर आयु वर्ग, हर पेशे और हर क्षेत्र के लोग शामिल थे। सर्वे के नतीजे बताते हैं कि एआई को लेकर अमेरिकी समाज में गहरी बेचैनी और असुरक्षा का भाव फैल चुका है। Quinnipiac विश्वविद्यालय अमेरिका के कनेक्टिकट राज्य में स्थित एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान है, जिसके सर्वे को अमेरिकी नीति निर्माता और मीडिया जगत अत्यंत विश्वसनीय मानते हैं।

AI job loss fear: 70% अमेरिकियों की चिंता और रोजगार का बदलता स्वरूप

सर्वे में भाग लेने वाले 70% अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि एआई तकनीक के तेजी से आगे बढ़ने के साथ पूरी दुनिया में बड़े पैमाने पर नौकरियों की कटौती होगी। इनमें से 30% लोगों की राय और भी स्पष्ट थी; उनका कहना था कि कुछ नौकरियां तो हमेशा के लिए समाप्त हो जाएंगी। तकनीक विशेषज्ञों के अनुसार, एआई केवल दोहराव वाले कामों को ही नहीं बल्कि अब रचनात्मक, विश्लेषणात्मक और संचार आधारित कार्यों को भी तेजी से संभाल रहा है। इससे हर क्षेत्र में रोजगार का स्वरूप बदल रहा है और लोगों की चिंता स्वाभाविक है।

पीढ़ियों के अनुसार डर का विश्लेषण: मिलेनियल्स और जेन जेड

सर्वे के नतीजे पीढ़ी दर पीढ़ी अलग नजरिया दिखाते हैं। 34% मिलेनियल्स (1981-1996) यह मानते हैं कि एआई सीधे उनकी नौकरी खत्म कर सकता है। यह वह पीढ़ी है जो अभी करियर के मध्य में है और अपने पेशे में एआई का बढ़ता हस्तक्षेप महसूस कर रही है। वहीं, जेन जेड (1997 के बाद जन्मे) में भी 26% युवा अपनी नौकरी जाने को लेकर चिंतित हैं। यह वह पीढ़ी है जो तकनीक के साथ पले-बढ़ने के बावजूद इससे असुरक्षा महसूस कर रही है।

AI job loss fear: सरकारी नियमन और डेटा सेंटरों का विरोध

74% अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि उनकी सरकार एआई के नियमन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। इसके अलावा, 65% अमेरिकियों ने एआई डेटा सेंटरों के विस्तार पर भी आपत्ति जताई है। ये सर्वर फार्म बिजली और पानी का भारी उपयोग करते हैं, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नागरिक सतर्क हो गए हैं। सैन्य अभियानों (Warfare) में एआई के इस्तेमाल पर भी 51% नागरिकों ने स्पष्ट रूप से असहमति जताई है, जो मशीनी फैसलों को लेकर उनकी असहजता को दर्शाता है।

AI job loss fear: क्या एआई के कुछ सकारात्मक पहलू भी हैं?

इन सब चिंताओं के बावजूद, सर्वे में एक संतुलित पहलू भी सामने आया। 55% अमेरिकियों ने माना कि एआई उनके जीवन में नुकसान से अधिक फायदा पहुंचा रहा है। ये वे लोग हैं जो एआई को एक उत्पादक उपकरण के रूप में देखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव संभव है, बशर्ते इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचे।

निष्कर्ष

Quinnipiac सर्वे के ये आंकड़े पूरी दुनिया की बेचैनी को आवाज देते हैं। एआई एक शक्तिशाली तकनीक है जो फायदे और खतरे दोनों साथ लेकर आई है। जरूरत है कि सरकारें और समाज मिलकर ऐसी नीतियां बनाएं जिसमें तकनीक का लाभ सबको मिले और इंसान की गरिमा तथा रोजगार दोनों सुरक्षित रहें। तकनीक इंसान की सेवा के लिए है, इंसान तकनीक की सेवा के लिए नहीं।

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